उत्तर प्रदेश

बलिया में ‘युवा चेतना’ की हुंकार; कड़ाके की ठंड में जुटे 10 हजार लोग, रोहित सिंह बोले- ‘अब राजपुत्रों का नहीं, गरीबों का चलेगा राज’

मकर संक्रांति के मौके पर बलिया के मालदेपुर मोड़ पर एक अलग ही रौनक देखने को मिली. ये ‘युवा चेतना’ के बैनर तले आयोजित मकर संक्रांति मिलन समारोह का अवसर था. जहां हजारों की भीड़ और जोश से भरे कार्यकर्ताओं ने यह साफ कर दिया कि आने वाले समय में जिले की सियासत किस करवट बैठने वाली है.

कार्यक्रम की शुरुआत युवा चेतना के राष्ट्रीय संयोजक रोहित कुमार सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर की. कार्यकर्ताओं ने भी अपने नेता का स्वागत करने में कोई कसर नहीं छोड़ी; रोहित सिंह को 51 किलो की विशाल फूलों की माला पहनाई गई, जो पूरे समारोह में चर्चा का विषय बनी रही. वहीं, भोजपुरी गायक सन्नी पांडेय ने अपनी गायकी से ऐसा समां बांधा कि लोग झूमने पर मजबूर हो गए.

रोहित सिंह ने विपक्षी दलों को घेरा

मंच से जनता को संबोधित करते हुए रोहित सिंह ने तीखे तेवर दिखाए. उन्होंने बाबासाहब डॉ. भीमराव अंबेडकर को याद करते हुए कहा कि संविधान ने हमें अधिकार दिया था कि राजा अब रानी की कोख से नहीं बल्कि जनता के वोट से पैदा होगा. लेकिन आज़ादी के बाद कांग्रेस और समाजवादी पार्टी जैसे दलों ने इसे अपनी राजशाही बना लिया और गरीबों का शोषण किया.

सिंह ने बड़े स्पष्ट शब्दों में कहा, “युवा चेतना आज उन ‘राजपुत्रों’ के खिलाफ और ‘सूत पुत्रों’ यानी मेहनत-कशों के साथ मजबूती से खड़ी है.” उन्होंने सपा और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्हें गरीब और पिछड़ा विरोधी करार दिया.

बलिया से ‘माई-मौसी’ का नाता

भावुक होते हुए रोहित सिंह ने बलिया के लोगों से अपना पुराना जुड़ाव साझा किया. उन्होंने कहा, “बलिया से मेरा माई-मौसी का नाता है. जब मां पास नहीं होती, तो मौसी ही बच्चों की चिंता करती है. मेरा मकसद कोई विधायक या सांसद की कुर्सी पाना नहीं है, बल्कि उस गरीब के घर तक रोशनी पहुँचाना है जो सालों से अंधेरे में है.”

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘गरीबों का मसीहा’ बताते हुए कहा कि 2017 के बाद उत्तर प्रदेश में वाकई कानून का राज कायम हुआ है. खुद को दिग्गज समाजवादी नेता राजनारायण का वंशज बताते हुए उन्होंने संकल्प लिया कि वे आजीवन कमजोर वर्ग के हक की लड़ाई लड़ेंगे.

हजारों की भीड़ और भविष्य का एजेंडा

समारोह की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कड़ाके की ठंड के बावजूद 10 हजार से ज्यादा लोग मालदेपुर मोड़ पर जुटे थे. इस मिलन समारोह के जरिए रोहित सिंह ने न केवल अपनी ताकत दिखाई, बल्कि समाज में ‘समानता और समता’ लाने का जो संकल्प लिया है, उसने युवाओं और पिछड़ों के बीच एक नई उम्मीद जगाई है.

ये भी पढ़ें: लखनऊ पुलिस के सामने पेश हुईं नेहा सिंह राठौर, पीएम मोदी पर पोस्ट से जुड़ा मामला

-भारत एक्सप्रेस

Bharat Express Desk

Recent Posts

बांग्लादेश में फिर सड़कों पर उतरे लोग, राजधानी ढाका समेत गाजीपुर में क्यों लगाई आग, क्या है वजह?

Bangladesh Protest: बांग्लादेश में गारमेंट कर्मचारियों का वेतन बढ़ाने को लेकर आंदोलन उग्र हो गया…

17 seconds ago

‘ज्ञानेश कुमार रात में सो नहीं पा रहे होंगे’, महारैली में राहुल गांधी का CEC पर हमला

INDIA Alliance Rally: रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन की रैली में राहुल गांधी ने मुख्य…

44 minutes ago

‘मोहब्बत की दुकान में सिर्फ नफरत’, राहुल गांधी की ‘मॉक पार्लियामेंट’ पर बरसे अमित शाह

चंडीगढ़ पहुंचे गृह मंत्री अमित शाह ने राहुल गांधी की 'मॉक पार्लियामेंट' पर तंज कसते…

1 hour ago

रामलीला मैदान में विपक्ष का शक्ति प्रदर्शन: अखिलेश बोले- ‘1.27 करोड़ वोट काटकर हार छुपाना चाहती है बीजेपी’

दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA ब्लॉक की महारैली में अखिलेश यादव ने बीजेपी पर…

1 hour ago

INDIA गठबंधन की महारैली से गरमाई सियासत: राहुल गांधी का आरोप- कनॉट प्लेस में जबरन बंद कराई गईं दुकानें

INDIA Alliance Rally: INDIA गठबंधन की महारैली के बीच राहुल गांधी ने बीजेपी पर कनॉट…

1 hour ago

उमर अब्दुल्ला-निधि राजदान की शादी से फिर उठा सवाल, अमीर-गरीब के लिए अलग क्यों है समाज का नजरिया?

Omar Abdullah Nidhi Razdan Marriage: जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने वरिष्ठ पत्रकार निधि राजदान…

2 hours ago