उत्तर प्रदेश

रेबीज से गई बुलंदशहर के गोल्ड मेडलिस्ट की जान, बचाने के दौरान पिल्ले ने काट था; जान लें बचाव और लक्षण

Rabies Symptoms And Remedies: उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले में एक दर्दनाक घटना सामने आई है. यहां स्टेट लेवल के कबड्डी खिलाड़ी बृजेश सोलंकी की रेबीज से मौत हो गई. मार्च में एक कुत्ते के पिल्ले को नाले से बचाते समय उसे काट लिया था.  बृजेश ने इसे सामान्य चोट समझकर नजरअंदाज कर दिया और एंटी रेबीज वैक्सीन नहीं लगवाई. तीन महीने बाद इसी लापरवाही ने उसकी जान ले ली. बृजेश सोलंकी और उसके परिवार को रेबीज के बारे में जानकारी नहीं थी.

इस मामले में सबसे बड़ी लापरवाही यह सामने आई है कि पीड़ित और उसके परिवार को रेबीज के बारे में जानकारी ही नहीं थी. इसी कारण उन्होंने समय रहते रेबीज का टीका भी नहीं लगवाया था. आइये जानें इन हालातों में क्या करना चाहिए और कैसे इस खतरनाक संक्रमण से बचाव किया जा सकता है.

क्या है मामला?

बताया जा रहा है मार्च में प्रैक्टिस के लिए खुर्जा के फराना गांव निवासी बृजेश सोलंकी मैदान गया था. जब वो खेलकर वापस आ रहा था तो उसने नाले में गिरे एक पिल्ले की आवाज सुनी. उसने जरा भी देर नहीं की और उसे बचाने कि लिए चला गया. जब वह पिल्ले को बाहर निकाल रहा था तो उसने काट लिया. शुरू में उसे यह मामूली चोट लगी लेकिन धीरे-धीरे तबीयत बिगड़ने लगी और अंत में उसकी मौत हो गई.

तीन महीने बाद दिखे रेबीज के लक्षण

पिछले गुरुवार को बृजेश की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी. पहले हाथ सुन्न हुआ, फिर पूरे शरीर में कमजोरी और सुन्नपन बढ़ने लगा. परिजन उन्हें लेकर बुलंदशहर से अलीगढ़ के जीवन ज्योति अस्पताल पहुंचे, जहां से हायर सेंटर रेफर किया गया. अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज ने भी लक्षण देखकर इलाज से मना कर दिया. आखिर में परिजन बृजेश को दिल्ली के जीटीबी अस्पताल ले गए. वहां डॉक्टरों ने रेबीज की पुष्टि की लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. शुक्रवार सुबह जब परिजन उन्हें गांव वापस ला रहे थे, तभी रास्ते में बृजेश की मौत हो गई.

परिवार को नहीं थी रेबीज की जानकारी

बुलंदशहर के मृतक कबड्डी खिलाड़ी बृजेश सोलंकी के बड़े भाई संदीप ने बताया कि वह गांव में अभ्यास करने गया था. इसी दौरान एक कुत्ते को इसने नाले से बाहर निकाला. जब वह उसे बाहर निकाल रहा था तो उसने काट लिया. कुत्ते के काटने पर उसका ध्यान नहीं गया. हमने कभी रेबीज के बारे में नहीं सुना था. जब वह बीमार पड़ने लगा तो उसे अलीगढ़ अस्पताल में भर्ती कराया गया. तभी हमें पता चला कि वो उसे रेबीज का संक्रमण हो गया है.

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आपको क्या करना चाहिए?

बृजेश की मौत के पहले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है. इसमें दिख रहा है कि वह रेबीज के असर से बुरी तरह तड़प रहा है. जानकारी की कमी और लापरवाही से एक शानदार खिलाड़ी की मौत हो गई. हालांकि, इन हालातों की आपको जानकारी होनी चाहिए जिससे खुद की और औरों की जान बचा सकें.

रेबीज के लक्षण

  • काटने वाली जगह पर झुनझुनी होना
  • शरीर में तेज दर्द और चिड़चिड़ापन होना
  • बुखार के सात लार या आंसू आ सकते हैं
  • हवा और पानी से डर लगने लगता है
  • बोलने में दिक्कत होती है और आवाज पसंद नहीं आती
  • कई बार लोग दूसरों पर हमला करने लगते हैं
  • कुछ मामलों में तो लकवा की भी शिकायत होती है

बचाव के 5 उपाय

  • मामूली चोट या खरोंच है तो पहले चोट को साफ करें
  • वायरस को रोकने के लिए एंटी बैक्टीरियल क्रीम लगाए
  • घाव हल्का है तो भूलकर भी उसमें पट्टी न करें
  • मांस दिख रहा है तो पट्टी बांधकर रखें
  • 24 घंटे के भीतर डॉक्टर से मिले और इंजेक्शन लें

बुलंदशहर के स्टेट लेवल के कबड्डी खिलाड़ी बृजेश सोलंकी की मौत रेबीज के कारण हो गई. क्योंकि, उन्होंने न तो इसका टीका लिया और न ही समय रहते इसका इलाज करवाया. उन्हें और परिवार को इस खतरे के बारे में जानकारी भी नहीं थी. हालांकि, ऊपर बताए गए लक्षण और उपाय के जरिए आप किसी की जान बचा सकते हैं.

Shyamdatt Chaturvedi

श्यामदत्त चतुर्वेदी एक अनुभवी मीडिया पेशेवर हैं. वर्तमान में नोएडा 'भारत एक्सप्रेस' में पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सात वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामदत्त ने हिंदी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए कंटेंट राइटिंग, रिपोर्टिंग, एडिटिंग और डेटा एनालिसिस में गहरी विशेषज्ञता हासिल की है. इससे पहले उन्होंने जी न्यूज, ईटीवी भारत, टीएफआई मीडिया, वे2न्यूज और सैफायर मीडिया लिमिटेड (इंडिया डेली लाइव) जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं. उन्होंने स्थानीय पंचायत से लेकर विधानसभा, लोकसभा तक की व्यापक कवरेज की. उन्होंने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय (IGNTU), अमरकंटक से पत्रकारिता और जनसंचार में स्नातक (BJMC) करने के बाद, प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर डिग्री (M.A.) हासिल की है.

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