देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में शुमार बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) ने हाल ही में अपना 104वां दीक्षांत समारोह सफलतापूर्वक संपन्न किया. इस ऐतिहासिक अवसर पर जहां परंपरा के अनुसार डिग्रियां बांटी गईं, वहीं एक नई ‘परंपरा’ ने फिर से सुर्खियां बटोरी. समारोह के बाद छात्र-छात्राओं का डीजे की धुन पर डांस अब BHU के दीक्षांत समारोह का अनौपचारिक हिस्सा बन गया है.
BHU की परंपरा के तहत छात्र-छात्राएं अपनी डिग्री प्राप्त करने के बाद कैंपस स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन के लिए जाते हैं और बाबा का आशीर्वाद लेते हैं. लेकिन पिछले कुछ वर्षों से यह परंपरा बदल गई है. अब छात्र-छात्राएं डीजे की धुन पर नाचते-गाते, भोजपुरी गानों के साथ मस्ती करते हुए मंदिर पहुंचते हैं.
इस बार भी दीक्षांत समारोह के बाद भोजपुरी गानों की धुन पर ‘गोरी तोर चुनरी बा झलकउवा…’ और ‘लहरिया लूटा ए राजा…’ जैसे गानों पर छात्र-छात्राओं का डांस देखने को मिला. छात्रों के इस जोश और मस्ती के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं.
विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस नई परंपरा को लेकर अपनी असमर्थता जाहिर की है. प्रॉक्टर के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों से इसे नियंत्रित करने की कोशिश की गई, लेकिन यह पूरी तरह संभव नहीं हो पाया. उन्होंने बताया कि कुछ विभागाध्यक्ष खुद इस तरह के आयोजनों की अनुमति देते हैं. यहां तक कि डीजे निकालने के लिए लिखित अनुमति भी ली जाती है.
एशिया के सबसे बड़े आवासीय विश्वविद्यालय के रूप में पहचाने जाने वाले BHU की ये घटनाएं अक्सर इसके शैक्षणिक उपलब्धियों से ज्यादा, इसकी विवादित छवि को सामने लाती हैं. चाहे स्थापना दिवस हो या दीक्षांत समारोह, BHU कई बार अपनी खासियतों के बजाय खामियों को लेकर चर्चा में रहता है.
छात्र-छात्राओं के डांस पर जहां कुछ लोग इसे युवाओं की रचनात्मकता और जोश का प्रतीक मानते हैं, वहीं दूसरी ओर, कई इसे विश्वविद्यालय की गरिमा के लिए अनुचित मानते हैं. यह नई परंपरा क्या भविष्य में भी इसी तरह जारी रहेगी, या प्रशासन इसे नियंत्रित करने में सफल होगा, यह देखने वाली बात होगी.
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-भारत एक्सप्रेस
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