मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (फोटो- IANS)
होटल, रेस्टोरेंट और खाने-पीने की दुकानों के लिए अपने मालिकों और प्रबंधकों के नाम प्रदर्शित करना अनिवार्य करने के बाद उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) सरकार ने अब खाने में थूकने (Spitting in Foods) की कथित घटनाओं से निपटने के लिए एक कानून लाने का फैसला किया है.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार (15 अक्टूबर) शाम को गृह, खाद्य और नागरिक आपूर्ति के साथ-साथ कानून सहित कई विभागों के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई है, जिसमें कानून के प्रावधानों पर चर्चा की जाएगी.
सूत्रों ने बताया कि दो अध्यादेश पेश किए जाएंगे, जिनके नाम अस्थायी रूप से ‘छद्म और सद्भाव विरोधी गतिविधियों की रोकथाम और थूकने पर रोक अध्यादेश 2024’ और ‘उत्तर प्रदेश खाद्य संदूषण की रोकथाम (उपभोक्ता को जानने का अधिकार) अध्यादेश 2024’ रखे गए हैं.
ये भी पढ़ें: बहराइच हिंसा पर मायावती बोलीं- जिम्मेदारी निभाई होती तो घटना नहीं होती
पिछले महीने खाद्य पदार्थों में मिलावट, जिसमें थूकना या मूत्र मिलाना शामिल है, की घटनाओं का संज्ञान लेते हुए योगी आदित्यनाथ ने कई निर्देश जारी किए थे, जिनमें राज्य भर के भोजनालयों में संचालकों, मालिकों और प्रबंधकों के नाम और पते को अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करना शामिल था.
एक सरकारी बयान में कहा गया है, ‘खाद्य प्रतिष्ठानों पर संचालक, मालिक, प्रबंधक और अन्य संबंधित कर्मचारियों के नाम और पते प्रमुखता से प्रदर्शित किए जाने चाहिए. इस संदर्भ में अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम में आवश्यक संशोधन किए जाने चाहिए.’
-भारत एक्सप्रेस
गाजियाबाद के सनसिटी में 22 से 28 अक्टूबर तक छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन पर…
दुर्गा पूजा पर यदि आपको भी कोलकाता और घर के खाने की याद सता रही…
Tech Employee Salary: एक टेक कर्मचारी ने दावा किया है कि उसे करीब दो साल…
Mahishasura Mardini origin story: कौन था महिषासुर और क्यों 33 कोटि देवता भी उसका वध…
मिडिल ईस्ट फोरम के विशेषज्ञों के अनुसार, चीन की घटती आबादी और जनसांख्यिकीय संकट भारत…
Hormuz Strait Tanker Explosion: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बारूदी सुरंग से टकराकर एक विशाल तेल…