‘नये भारत की बात, उत्तराखंड के साथ’ कॉन्क्लेव में उत्तराखंड के मंत्री गणेश जोशी
Bharat Express Uttarakhand Conclave: उत्तराखंड की स्थापना हुए 24 साल हो चुके हैं. इस अवसर पर भारत एक्सप्रेस की ओर से आज देहरादून में ‘नये भारत की बात, उत्तराखंड के साथ’ कॉन्क्लेव आयोजित किया गया. इस कॉन्क्लेव में उत्तराखंड के कृषि मंत्री गणेश जोशी भी शरीक हुए. उनसे कई विषयों पर सवाल किए गए, जिनका उन्होंने साफगोई से जवाब दिया. जब उनसे पूछा गया कि इतने वर्षों में आपको क्या बदलाव देखने को मिले, सूबे का सफर कैसा रहा, तो उन्होंने विस्तार से अपनी बात रखी.
कृषि के क्षेत्र में प्रदेश की प्रगति पर कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा, “मुझे ये कहने में कोई संकोच नहीं है कि चाहे हमारी सरकार रही हो या कांग्रेस की, इस प्रदेश ने कई आयामों को छुआ है. उदाहरण के तौर पर, कृषि के क्षेत्र में हमारा योगदान देश की जीडीपी में 19.9% है. हालांकि, हमारा राज्य नवस्थापित राज्य है और विकास के नाम पर हमारी ज़मीन में 2 लाख हेक्टेयर की कमी आई है. इसके बावजूद, हमारा उत्पादन 3 लाख टन बढ़ा है. यह दिखाता है कि कृषि क्षेत्र में हमारी सरकार बहुत अच्छा काम कर रही है.
कृषि मंत्री ने कहा, “वर्ष 2021-22 में हम एप्पल के उत्पादन में कश्मीर और हिमाचल के बाद तीसरे नंबर पर थे. मैंने हाल ही में आंकड़े देखे, जिनके अनुसार 2021-22 में हमने 2000 सेब के पौधे लगाए थे, और आज 2024 में हम 12,000 से अधिक सेब के पौधे लगा चुके हैं. हमारी सरकार का संकल्प है कि 2025 तक राज्य के 25 साल पूरे होने पर हम अपने उत्पादों को दोगुना करेंगे. इसी तरह, हमारे परंपरागत फसलों जैसे माल्टा, बुखारा, खुमानी आदि पर भी रिसर्च चल रही है ताकि उनके उत्पादन को बढ़ाया जा सके. हाल ही में हमने सी ग्रेड सेब की कीमतें बढ़ाई हैं, जिससे किसानों को बेहतर मूल्य मिल रहा है.”
ऑर्गेनिक खेती की दिशा में सरकार का प्रयास
कृषि मंत्री ने कहा, “हमारे राज्य में ऑर्गेनिक खेती की दिशा में भी बहुत काम हो रहा है. पिछले तीन वर्षों से हमें ऑर्गेनिक खेती के लिए पहला पुरस्कार मिल रहा है, और 28 तारीख को मैं फिर बेंगलुरु में यह पुरस्कार लेने जा रहा हूं. हमारे राज्य में 38.8% भूमि पर ऑर्गेनिक खेती हो रही है. हमारी सरकार का संकल्प है कि 2025 तक हम अपनी कृषि को 50% ऑर्गेनिक बनाएंगे.”
कृषि मंत्री ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के विशेष ध्यान में प्राकृतिक खेती आ रही है, और गंगा के किनारे 6400 हेक्टेयर भूमि पर हम प्राकृतिक खेती कर रहे हैं. इसके अलावा, मिलेट्स को लेकर प्रधानमंत्री जी ने वर्ष 2023 को इंटरनेशनल यर ऑफ मिलेट्स घोषित किया. उत्तराखंड में मिलेट्स के क्षेत्र में हमने 73 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है, और मिलेट्स की खेती को बढ़ावा देने के लिए 80% सब्सिडी दी जा रही है.
उन्होंने कहा, “मिलेट्स जैसे- मडुवा, कुटू, और चौला में कई स्वास्थ्य लाभ हैं. ये कार्बोहाइड्रेट्स और शुगर के स्तर को नियंत्रित करते हैं. हमारे राज्य में मिलेट्स का प्रयोग बढ़ रहा है, और हाल ही में हमने मिलेट्स को होटल इंडस्ट्री में भी प्रमोट किया है.
कृषि मंत्री ने कहा कि हमने “हाउस ऑफ हिमालय” की लांचिंग की है और अब हम इसके तहत विभिन्न उत्पादों को बाजार में ला रहे हैं. इस योजना में लगभग 4,88,000 महिलाएं जुड़ी हुई हैं. हमने सुनिश्चित किया है कि महिलाएं किसानों से उत्पाद खरीदेंगी और एमएसपी पर बेचेंगी, जिससे किसानों को सही मूल्य मिलेगा और महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण में मदद मिलेगी. हमारी सरकार का संकल्प है कि 2025 तक हम 1,50,000 महिलाओं को लखपति बना देंगे.
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