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विफलता मेरी, सफलता टीम की: डॉ. कलाम के गुरु सतीश धवन की वो सीख, जिसने बदला मैनेजमेंट का नजरिया

ISRO History: भारत के पूर्व राष्ट्रपति और महान वैज्ञानिक डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम अक्सर प्रोफ़ेसर सतीश धवन को अपना गुरु और प्रेरणा स्रोत मानते थे. कलाम का मानना था कि मैनेजमेंट की असली शिक्षा किताबों से नहीं, बल्कि वास्तविक जीवन के अनुभवों से मिलती है. उन्होंने प्रोफ़ेसर धवन से कई महत्वपूर्ण सबक सीखे, जिनमें सबसे प्रमुख था विफलता की जिम्मेदारी खुद लेना और सफलता का श्रेय अपनी टीम को देना.

जब किसी परियोजना में असफलता आती, तो संगठन के नेता के रूप में प्रोफ़ेसर धवन स्वयं उसकी जवाबदेही स्वीकार करते. इसके विपरीत, जब सफलता मिलती, तो वे पूरा श्रेय अपनी टीम के सदस्यों को देते. यह नेतृत्व शैली कलाम के व्यक्तित्व और काम करने के तरीके पर गहरा प्रभाव छोड़ गई. कलाम ने बार-बार कहा कि यही रवैया उन्हें मैनेजमेंट की व्यावहारिक समझ प्रदान करता था.

सतीश धवन: भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के महानायक

प्रोफ़ेसर सतीश धवन भारत के प्रसिद्ध रॉकेट वैज्ञानिक थे. विक्रम साराभाई के बाद देश के अंतरिक्ष कार्यक्रम की कमान उन्हीं को सौंपी गई थी. वे भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के सबसे कम उम्र के अध्यक्ष बने. उनके नेतृत्व में भारत का अंतरिक्ष कार्यक्रम नई ऊंचाइयों पर पहुंचा. एक महान वैज्ञानिक होने के साथ-साथ वे एक बेहतरीन इंसान और कुशल शिक्षक भी थे. उन्हें भारतीय प्रतिभाओं पर गहरा विश्वास था.

प्रोफ़ेसर धवन ने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (आईआईएससी) में कई सकारात्मक परिवर्तन किए. उन्होंने संस्थान में न केवल देश की, बल्कि विदेशों की युवा प्रतिभाओं को भी शामिल किया. इससे संस्थान की शोध क्षमता और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी पहचान दोनों मजबूत हुई.

अनमोल योगदान और विरासत

शिक्षा और विज्ञान के क्षेत्र में प्रोफ़ेसर सतीश धवन के अद्भुत कार्यों और अमूल्य योगदान को देश कभी नहीं भूल सकता. उनके नेतृत्व गुण, वैज्ञानिक दूरदर्शिता और मानवीय संवेदनशीलता ने न केवल इसरो को मजबूत किया, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के वैज्ञानिकों और नेताओं को भी प्रेरणा दी. एपीजे अब्दुल कलाम जैसे व्यक्तित्वों ने उनके इन गुणों को आगे बढ़ाया.

प्रोफ़ेसर धवन का जीवन हमें सिखाता है कि सच्चा नेतृत्व जिम्मेदारी लेने और दूसरों को आगे बढ़ाने में निहित है. उनकी यह विरासत आज भी भारतीय विज्ञान और अंतरिक्ष कार्यक्रम की नींव को मजबूत करती है.

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-भारत एक्सप्रेस 

विशाल तिवारी, संपादकीय सलाहकार

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