दुनिया

Bangladesh: युनूस सरकार के खिलाफ सड़क पर उतरे कर्मचारी, ‘काला कानून’ वापस लेने की मांग

बांग्लादेश सचिवालय में गुरुवार को सैकड़ों अधिकारियों और कर्मचारियों ने एक बार फिर से मोहम्मद यूनुस सरकार के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन किया और विवादित ‘सरकारी सेवा (संशोधन) अध्यादेश’ को वापस लेने की मांग की. स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस अध्यादेश को ‘काला कानून’ करार देते हुए कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो विरोध और अधिक उग्र किया जाएगा.

बांग्लादेश सचिवालय अधिकारी-कर्मी एकता मंच के नेता नुरुल इस्लाम ने कहा, “हम इस काले कानून को रद्द करने की मांग करते हैं. इसके साथ ही हम 50 प्रतिशत महंगाई भत्ता और फासीवादी सोच रखने वाले अधिकारियों को हटाने की भी मांग करते हैं.”

बदिउल कबीर ने कहा, “जब तक अध्यादेश को पूरी तरह से रद्द नहीं किया जाता, हमारा आंदोलन जारी रहेगा.”

हम कोई उपद्रवी नहीं, हमें उकसाइए मत

इससे पहले इस सप्ताह, एकता मंच ने सरकार के रवैए के खिलाफ सचिवालय के बदमताल इलाके में एक विशाल रैली आयोजित करने की चेतावनी दी थी. मंच के महासचिव मुजाहिदुल इस्लाम सलीम ने अंतरिम सरकार के कानूनी सलाहकार आसिफ नजरुल पर सवाल उठाते हुए कहा, “उन्होंने कहा कि जब यह कानून पास हुआ, तब वे देश से बाहर थे. अगर वे मौजूद होते, तो यह अध्यादेश पास ही नहीं होता.”

उन्होंने आगे कहा, “हम कोई उपद्रवी नहीं हैं, न ही सड़कों पर नारेबाजी करने वाले लोग हैं. फिर भी हमें क्यों उकसाया जा रहा है?”

इससे पहले सोमवार को मीडिया को संबोधित करते हुए सलाहकार आसिफ नजरुल ने माना कि इस अध्यादेश से सरकारी कर्मचारियों के उत्पीड़न की आशंका बनी हुई है और इसमें कुछ संशोधन की गुंजाइश जरूर है. उन्होंने कहा, “यह कानून दुर्भावना से नहीं बनाया गया, लेकिन जिनके लिए यह लागू हुआ है, वे परेशान हो सकते हैं. मैं मानता हूं कि इस कानून के कुछ हिस्से विचार योग्य हैं.”

कर्मचारी सचिवालय में कर रहे विरोध प्रदर्शन

बता दें कि 22 मई को अंतरिम प्रशासन की सलाहकार परिषद की बैठक में इस अध्यादेश के मसौदे को मंजूरी दी गई थी, जिसके बाद से ही सचिवालय में कर्मचारी विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, संशोधित अध्यादेश के तहत यदि कोई सरकारी कर्मचारी आदेश न माने, बिना अनुमति के गैरहाजिर रहे या दूसरों को काम करने से रोके, तो यह दंडनीय अपराध माना जाएगा, जिसमें पदावनति, बर्खास्तगी या सेवा से निष्कासन जैसी सजा का प्रावधान है.


ये भी पढ़ें: Israel-Iran Conflict: “पहले अपनी परेशानियां सुलझाओ”, पुतिन ने की मीडिएशन की पेशकश तो भड़क उठे ट्रंप


-भारत एक्सप्रेस

Bharat Express Desk

Recent Posts

रिहाई के 40 मिनट बाद ED का एक्शन! गिरफ्तारी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे आजम खान, जल्द सुनवाई की मांग

Supreme Court: जेल से रिहाई के तुरंत बाद ईडी द्वारा गिरफ्तार किए गए आजम खान…

14 minutes ago

उत्तराखंड में नदी में समाई इनोवा कार, चार लोगों की मौत, बाकी की तलाश में रेस्क्यू ऑपरेशन

Uttarkashi Accident: उत्तराखंड के उत्तरकाशी में गंगनानी धर्मकुंड के पास इनोवा कार नदी में गिर…

21 minutes ago

अदालत में झूठ बोलना पड़ा भारी! दिल्ली हाईकोर्ट का 6 CBI अधिकारियों पर शिकंजा, केस दर्ज करने के आदेश

Delhi High Court: पूर्व IRS अधिकारी अशोक अग्रवाल मामले में अदालत के सामने झूठे बयान…

23 minutes ago

‘अधिकारियों को जेल भेजेंगे…’ SC की तल्ख टिप्पणी के बाद सुधरा BMC का रुख, हलफनामा करेगी पेश

Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद बीएमसी ने दी संतोषजनक जानकारी। वरिष्ठ वकील…

32 minutes ago

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह हरियाणा में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ मार्च में लेंगे हिस्सा

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह गुरुवार को हरियाणा के करनाल में 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ'…

39 minutes ago

लो जी…अमेरिका में भी हो गया वोट चोरी, मिडटर्म में हार के बाद गम में ट्रंप, बोले- बैलेट से चुनाव होता तो जीत जाते

Donald Trump: मिडटर्म चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी को झटका लगने के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने…

45 minutes ago