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Mohammad Yunus

बांग्लादेश में राजनीतिक अस्थिरता के बीच चीन की बढ़ती गतिविधियों ने भारत की सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा दिया है. सिलिगुड़ी कॉरिडोर, जिसे चिकन नेक कहा जाता है, भारत के उत्तर-पूर्व को जोड़ने वाली जीवनरेखा है. तीस्ता नदी परियोजना के बहाने चीनी राजदूत की मौजूदगी को केवल तकनीकी दौरा नहीं माना जा रहा. मोहम्मद यूनुस की चीन के प्रति नज़दीकियां और भारत विरोधी बयान इस आशंका को और गहरा करते हैं. यह पूरा घटनाक्रम भारत–बांग्लादेश–चीन के रणनीतिक संतुलन को नई चुनौती देता दिख रहा है.

Bangladesh election: बांग्लादेश में चुनाव का ऐलान हो गया है. इसी के साथ ही देश की सियासी गर्मी बढ़ गई है. तारिखों के ऐलान के बाद शेख हसीना का पार्टी आवामी लीग की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है.

Muhammad Yunus On Hindu Persecution in Bangladesh: बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस के बयानों की पोल खुल गई है. संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र के दौरान दिए उनके साक्षात्कार की जमकर आलोचना की गई है.

Bangladesh News: बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के सलाहकार मोहम्मद यूनुस (Mohammad Yunus) ने एक बार फिर से भारत के खिलाफ जहर उगला है. उन्होंने बताया कि उन्हें हिंदुस्तान से क्यों दिक्कत है?

मोहम्मद यूनुस ने कहा, "यह सिर्फ़ बांग्लादेश के लिए ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक बड़ी चुनौती है. अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को एकजुट होकर रोहिंग्या मुसलमानों को उनके घर वापस भेजने में मदद करनी चाहिए."

ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस की डिटेक्टिव ब्रांच (डीबी) के संयुक्त आयुक्त नासिरुल इस्लाम ने गिरफ्तारी की पुष्टि की. अर्थशास्त्री अबुल बरकात की गिरफ्तारी को लेकर देशभर में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं.

बांग्लादेश में इंटरनेशनल क्राइम्स ट्राइब्यूनल ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना, पूर्व गृह मंत्री असदुज्जामान खान कमाल और पूर्व पुलिस महानिरीक्षक चौधरी अब्दुल्ला अल-मामून के खिलाफ मानवता के खिलाफ अपराधों के आरोपों की सुनवाई 1 जुलाई से शुरू करने का आदेश दिया है.

मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने अवामी लीग नेताओं को निशाना बनाना शुरू कर दिया है. बांग्लादेश के पूर्व योजना राज्य मंत्री शम्सुल आलम को गुरुवार को ढाका पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, संशोधित अध्यादेश के तहत यदि कोई सरकारी कर्मचारी आदेश न माने, बिना अनुमति के गैरहाजिर रहे या दूसरों को काम करने से रोके, तो यह दंडनीय अपराध माना जाएगा, जिसमें पदावनति, बर्खास्तगी या सेवा से निष्कासन जैसी सजा का प्रावधान है

यह घटना कुछ दिन पहले तब सामने आई, जब संपत्ति के रखवाले और दो विजिटर के बीच विवाद हुआ. विवाद के बाद संपत्ति में तोड़फोड़ की खबरें आईं, जिसके चलते स्थानीय पुलिस में 10 जून को एक आपराधिक मामला दर्ज किया गया.