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चुप नहीं था चीन…; जानें पीछे के रास्ते से ड्रैगन ने कैसे रुकवाई अमेरिका-ईरान जंग?

China Roll In US Iran Ceasefire: दुनिया को लग रहा था कि अमेरिका-ईरान के बीच भड़के इस महायुद्ध में चीन खामोश बैठा है, लेकिन हकीकत कुछ और ही थी. वैश्विक ऊर्जा और इकॉनमी पर मंडराते खतरे के बीच ड्रैगन शांत नहीं था, बल्कि वह पर्दे के पीछे से एक बहुत बड़ा ‘गेम’ खेल रहा था. चीन ने सीधे तौर पर सामने आने के बजाय ‘बैकडोर डिप्लोमेसी’ (Backdoor Diplomacy) का ऐसा शानदार इस्तेमाल किया, जिसने विनाशकारी जंग पर ब्रेक लगा दिया.

पाकिस्तान और तुर्किए के जरिए बिछाई बिसात

चीन ने इस विवाद में सीधे मध्यस्थता करने से ऑफिशियली इनकार कर दिया था, लेकिन उसने पर्दे के पीछे अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी. बीजिंग ने तेहरान तक अपना कड़ा और स्पष्ट संदेश पहुंचाने के लिए पाकिस्तान, तुर्किए और मिस्र जैसे देशों का सहारा लिया. इन देशों के जरिए चीन ने ईरान को यह समझाने में कामयाबी हासिल की कि होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने और लगातार जंग से ग्लोबल इकॉनमी और ऊर्जा सुरक्षा पर कितना बड़ा और विनाशकारी खतरा मंडरा रहा है.

US Iran Ceasefire में ड्रैगन की ‘दोहरी रणनीति’

चीन ने इस पूरे मामले में एक बेहद सधी हुई दोहरी कूटनीति (Dual Strategy) अपनाई. एक तरफ वह पीछे के रास्ते से शांति की कोशिशें कर रहा था, तो दूसरी तरफ उसने खुले तौर पर अमेरिका का विरोध कर ईरान का भरोसा भी जीता. होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की सुरक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में लाए गए एक प्रस्ताव पर चीन ने रूस के साथ मिलकर वीटो कर दिया. इस कदम से चीन ने ईरान को यह संदेश दिया कि वह उसके साथ खड़ा है.

चीनी विदेश मंत्रालय का शांति संदेश

भले ही चीन ने मध्यस्थता के रोल से इनकार किया, लेकिन उसके आधिकारिक बयानों में शांति की अपील साफ झलक रही थी. चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने सभी पक्षों से अपील करते हुए कहा था, “ईमानदारी दिखाएं और जल्द से जल्द संघर्ष खत्म करें.” उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी थी कि यह जंग वैश्विक ऊर्जा, सुरक्षा और अर्थव्यवस्था के लिए एक गंभीर खतरा बन चुकी है.

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रंग लाई ड्रैगन की कूटनीति

चीन की यह पर्दे के पीछे की कूटनीति और ‘वीटो पावर’ का मास्टरस्ट्रोक आखिरकार रंग लाया. दोनों पक्षों को कूटनीतिक टेबल पर लाने के चीन के प्रयासों के चलते 7 अप्रैल को अमेरिका और ईरान के बीच 2 हफ्ते के सीजफायर पर सहमति बन गई. इतना ही नहीं, चीन के दबाव और समझाइश के बाद ईरान अगले 2 हफ्तों के लिए विवादित होर्मुज स्ट्रेट खोलने पर भी राजी हो गया है.

Shyamdatt Chaturvedi

श्यामदत्त चतुर्वेदी एक अनुभवी मीडिया पेशेवर हैं. वर्तमान में नोएडा 'भारत एक्सप्रेस' में पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सात वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामदत्त ने हिंदी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए कंटेंट राइटिंग, रिपोर्टिंग, एडिटिंग और डेटा एनालिसिस में गहरी विशेषज्ञता हासिल की है. इससे पहले उन्होंने जी न्यूज, ईटीवी भारत, टीएफआई मीडिया, वे2न्यूज और सैफायर मीडिया लिमिटेड (इंडिया डेली लाइव) जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं. उन्होंने स्थानीय पंचायत से लेकर विधानसभा, लोकसभा तक की व्यापक कवरेज की. उन्होंने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय (IGNTU), अमरकंटक से पत्रकारिता और जनसंचार में स्नातक (BJMC) करने के बाद, प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर डिग्री (M.A.) हासिल की है.

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