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चीन के ‘शीश्या शाही मकबरे’ विश्व धरोहर सूची में हुए शामिल, पेरिस में आयोजित यूनेस्को के एक कार्यक्रम में लिया गया निर्णय

Xisha Imperial Tombs: फ्रांस की राजधानी पेरिस में आयोजित हो रहे 47वें यूनेस्को विश्व धरोहर सम्मेलन में चीन के शीश्या शाही मकबरों को विश्व धरोहर सूची में शामिल कर लिया गया. जिसके बाद अब चीन में विश्व धरोहर स्थलों की संख्या 60 हो गई है.

शीश्या शाही मकबरा, शीश्या राजवंश (1038-1227) के समाधि स्थलों का एक समूह है. जिसे 11वीं से 13वीं शताब्दी के दौरान चीन के तत्कालीन तांगश्यांग लोगों के द्वारा बनाया गया था. यह मकबरा 40 वर्ग किलोमीटर के एरिया में फैला हुआ है. जो निंगश्या ह्वेई जातीय स्वायत्त प्रदेश की राजधानी यिनछ्वान में मौजूद है.

आजतक संरक्षित हैं मकबरे

शीश्या मकबरों की खास बात ये है कि इसे आज तक पूरी तरह से संरक्षित किया गया है. जो चीनी सभ्यता की विविधता और उसके बहु-जातीय देश के गठन को प्रमाणिक करता है. जिसकी वजह से विश्व सभ्यता के इतिहास में इसका एक महत्वपूर्ण स्थान है.

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47वें विश्व धरोहर सम्मेलन में लिया गया निर्णय

विश्व धरोहर सम्मेलन में शीश्या मकबरों को वर्ल्ड हेरिटेज साइट में शामिल किये जाने पर चीनी संस्कृति और पर्यटन उप मंत्री राओ छय्वान ने सभी अंतरराष्ट्रीय संगठनों को धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा कि चीन सरकार विश्व विरासत सम्मेलन के तहत अपने दायित्वों को दृढ़तापूर्वक पूरा करती रहेगी. चीन की सरकार यह भी सुनिश्चित करने का प्रयास करेगी कि शीस्या शाही मकबरों के बारे में व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए.

चीन बाकि देशों को भी देगा तकनीकी सहायता

छय्वान ने ये भी कहा कि चीन, सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत को सही मायनों में संरक्षण को और मजबूत करेगा. इसके अलावा विरासत संरक्षण की क्षमता में और सुधार करेगा. उन्होंने ये भी कहा कि चीन दुनिया भर के देशों के साथ मिलकर अपना अनुभव साझा करने के साथ-साथ उन्हें पेशेवर और तकनीकी सहायता प्रदान करेगा. जिससे सभी मानव जाति के सांस्कृतिक खजाने का मिलकर रक्षा की जा सके.

– भारत एक्सप्रेस

Govind Kumar Singh

मैं गोविंद सिंह हूं और मूल रूप से बिहार के कैमूर की पहाड़ियों वाले इलाके से आता हूं। मेरी शुरुआती पढ़ाई-लिखाई वाराणसी के उदय प्रताप कॉलेज से हुई। इसके बाद मैंने पटना कॉलेज, पटना से मास कम्यूनिकेशन में ग्रेजुएशन किया। पढ़ाई पूरी करने के बाद मैंने पत्रकारिता के क्षेत्र में अपने करियर की शुरुआत की और अलग-अलग संस्थानों में काम करते हुए खबरों की दुनिया को करीब से समझा। अपने पेशेवर सफर में मुझे ईटीवी भारत, इनशॉर्ट्स और श्यामा प्रसाद मुखर्जी रिसर्च फाउंडेशन जैसे संस्थानों के साथ काम करने का अवसर मिला। इन जगहों पर काम करते हुए मैंने रिपोर्टिंग, कंटेंट लेखन, रिसर्च और समाचारों की प्रस्तुति से जुड़ी कई महत्वपूर्ण बातें सीखीं। फिलहाल मैं भारत एक्सप्रेस में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हूं। यहां मेरी मुख्य रुचि विदेश, राजनीति और बिहार से जुड़ी खबरों को कवर करने में है।

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