Donald Trump In Israel: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इज़रायल की संसद (नेसेट) में 13 अक्टूबर 2025 को ऐतिहासिक संबोधन दिया. 65 मिनट के अपने विस्तृत भाषण में, ट्रंप ने मध्य पूर्व में शांति और सहयोग के एक नए युग की शुरुआत का आह्वान किया, और इसे ‘एक नए मिडिल ईस्ट का ऐतिहासिक सवेरा’ बताया.
ट्रंप ने अपने भाषण में इज़रायल और अरब देशों के बीच दोस्ती और व्यापार बढ़ाने पर जोर दिया. उन्होंने जिन देशों के बीच सहयोग बढ़ाने की बात कही, उनमें तेल अवीव से दुबई, हाइफा से बेरूत, यरुशलम से दमिश्क, और इज़राइल से मिस्र, सऊदी अरब, कतर, भारत, पाकिस्तान, इंडोनेशिया, इराक, सीरिया, बहरीन, तुर्किये, जॉर्डन, यूएई, ओमान, आर्मेनिया और अज़रबैजान जैसे देश शामिल थे.
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया कि उनके प्रशासन ने मात्र 8 महीनों में 8 युद्धों को रुकवाया है, जिसमें गाजा युद्ध भी शामिल है. उन्होंने युद्ध काल में इज़रायली राष्ट्रपति इसहाक हर्जोग को ‘सबसे महान राष्ट्रपति’ बताते हुए उनकी सराहना की.
गाजा बंधक समझौते के लिए ट्रंप ने अरब देशों और मुस्लिम नेताओं की भी प्रशंसा की. उन्होंने कहा कि इन नेताओं ने हमास पर दबाव बनाकर बंधकों को रिहा कराने में मदद की. ट्रंप ने कहा, “हमें बहुत सारी मदद मिली… कई ऐसे लोगों से, जिनके बारे में आप सोच भी नहीं सकते.” उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इतने सारे देशों का शांति के लिए एक साथ काम करना इज़राइल और दुनिया के लिए एक बड़ी जीत है.
ट्रंप के भाषण का एक महत्वपूर्ण और विवादास्पद क्षण वह था जब उन्होंने इज़रायली राष्ट्रपति इसहाक हर्जोग से प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को भ्रष्टाचार के आरोपों में माफ करने की अपील की. ट्रंप की इस अपील का नेतन्याहू और उनके संसदीय सहयोगियों ने तालियां बजाकर और नारे लगाकर खुशी से स्वागत किया.
इससे पहले, ट्रंप ने नेतन्याहू को “बहुत साहसी और देशभक्त” बताया और कहा कि उनकी मदद के बिना आज का दिन संभव नहीं हो पाता. उन्होंने कहा, “नेतन्याहू के साथ काम करना आसान नहीं है, लेकिन यही बात उन्हें महान बनाती है. शुक्रिया बीबी (नेतन्याहू). आपने बहुत अच्छा काम किया.” जब नेतन्याहू खड़े हुए तो संसद में मौजूद लोगों ने ताली बजाकर उनका स्वागत किया.
ट्रंप के संबोधन के दौरान इज़रायली संसद में विरोध भी देखने को मिला. खबर के अनुसार, कुछ विरोध करने वाले सदस्यों ने नारेबाजी की, जिसके बाद उन्हें सदन से बाहर कर दिया गया.
ट्रंप ने अपने भाषण के दौरान कई बार अपनी तैयार की गई बातों से हटकर अलग मुद्दों पर बात की. उन्होंने अपने भाषण की शुरुआत में अपने से पहले बोलने वाले वक्ताओं के लंबे भाषणों का ज़िक्र किया और मज़ाक में कहा कि उन्हें लगा था कि वह भाषण देंगे और फिर मिस्र चले जाएंगे, लेकिन योजना के मुताबिक काम नहीं हुआ. उन्होंने टेलिप्रॉम्प्टर के काम करने का भी ज़िक्र किया, जो पिछले महीने संयुक्त राष्ट्र में उनके टेलिप्रॉम्प्टर के खराब होने की घटना का संकेत था.
अपने भाषण के दौरान, ट्रंप ने अपने विशेष प्रतिनिधि स्टीव विटकोफ का रूस के साथ काम करने, अपनी बेटी इवांका का यहूदी धर्म अपनाने और हिलेरी क्लिंटन के उस आरोप का खंडन कि ट्रंप को युद्ध पसंद है, जैसे कई व्यक्तिगत और राजनीतिक मुद्दों पर भी बात की.
ट्रंप ने यह भी कहा कि “हम एक ऐसी विरासत बनाएंगे, जिस पर इस क्षेत्र के सभी लोग गर्व करेंगे. हम एक बेहतर भविष्य बनाएंगे.” ट्रंप का यह संबोधन मध्य पूर्व में भू-राजनीति और भविष्य की राजनयिक संभावनाओं के लिए एक महत्वपूर्ण घटना मानी जा रही है.
यह भी पढ़िए: ट्रंप के टैरिफ पर चीन आगबबूला! बीजिंग ने वाशिंगटन पर अंतर्राष्ट्रीय व्यापार व्यवस्था बिगाड़ने का आरोप लगाया
Nothing CEO Carl Pei: उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी नथिंग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) कार्ल पेई…
Ayodhya Ram Mandir Donation Theft: सुप्रीम कोर्ट के सामने रखी गई स्टेटस रिपोर्ट में बताया…
एशियन गेम्स 2026 के दूसरे दिन भारत ने निशानेबाजी और एमएमए (MMA) में 3 सिल्वर…
Australia Ageing Population: साल 2060 तक ऑस्ट्रेलिया की आबादी घटने लगेगी. यह देश के इतिहास…
भारत एक्सप्रेस के CMD एवं एडिटर-इन-चीफ उपेंद्र राय दिल्ली में होने जा रहे 'हिंदी मेरी…
IIT Bombay Student Death:: IIT बॉम्बे छात्र साहिल वाकोडे की मौत के मामले में परिवार…