टर्की में भूकंप के बाद तबाही
Earthquake in Turkey: दक्षिण पूर्वी टर्की में सोमवार को आए शक्तिशाली भूकंप ने भारी तबाही मचाई है. इस भूकंप के के कारण टर्की और सीरिया में 2300 से अधिक लोगों की मौत हो गई है. इस भूकंप के कारण जानमाल को हुए नुकसान का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि देखते ही देखते बहुमंजिला इमारतें चंद सेकेंड में जमींदोज हो गईं और चारों तरफ चीख-पुकार मच गई. हर तरफ लाशें ही लाशें नजर आ रही थीं.
टर्की के उप राष्ट्रपति फुअत ओकतायस ने बताया कि 10 प्रभावित प्रांतों में 1700 इमारतें ढह गईं और कम से कम 2300 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं. दक्षिण पूर्वी टर्की और सीरिया में सोमवार तड़के 7.8 तीव्रता के भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए थे. मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है क्योंकि बचावकर्मी अब भी प्रभावित इलाकों में मलबे में फंसे लोगों की तलाश में जुटे हैं. आंशिक रूप से ढह गई इमारतों के अंदर फंसे लोग व सड़कों पर मौजूद लोग मदद की गुहार लगाते नजर आए. भूकंप के झटके काहिरा तक महसूस किए गए. इसका केंद्र सीरियाई सीमा से करीब 90 किलोमीटर दूर गजियांतेप शहर के उत्तर में था.
भूकंप के बाद करीब 20 झटके महसूस किए गए, जिनमें से सबसे शक्तिशाली झटका 6.6 की तीव्रता का था. टर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन ने ट्वीट किया कि भूकंप प्रभावित क्षेत्रों के लिए ‘‘तलाश एवं बचाव दलों को तुरंत रवाना कर दिया गया है.’’ इसके पहले टर्की की आपदा एवं आपातकालीन प्रबंधन एजेंसी ने पहले बताया था कि सात प्रांतों में कम से कम 76 लोग की मौत हुई है, जबकि 440 लोग घायल हुए हैं. वहीं स्वास्थ्य मंत्रालय का हवाला देते हुए सीरियाई सरकारी मीडिया ने बताया था कि सीरिया में सरकार के नियंत्रण वाले इलाकों में 237 लोगों की मौत हुई है, जबकि करीब 630 लोग घायल हुए हैं. जबकि विद्रोहियों के कब्जे वाले इलाकों में कम से कम 47 लोगों के मारे जाने की खबर आई थी.
उत्तर पश्चिम सीरिया में विपक्ष के ‘सीरियन सिविल डिफेंस’ ने विद्रोहियों के कब्जे वाले क्षेत्र में स्थिति को ‘‘विनाशकारी’’ बताते हुए कहा कि इमारतें ढहने से कई लोग मलबे में दब गए हैं. ‘सीरियन सिविल डिफेंस’ ने लोगों से इमारतों से बाहर खुले स्थान पर रहने को कहा है. अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के अनुसार, भूकंप का केंद्र गजियांतेप से करीब 33 किलोमीटर दूर 18 किलोमीटर की गहराई पर था। प्रांतों में इसके झटके महसूस किए गए. भूकंप ऐसे समय में आया है, जब पश्चिम एशिया बर्फीले तूफान की चपेट में है जिसके गुरुवार तक जारी रहने के आसार हैं. बता दें कि इसके पहले, 1999 में आए भूकंप ने 18000 लोगों की जान ले ली थी.
-भारत एक्सप्रेस
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