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Earthquake in Turkey: तुर्की में भूकंप के बाद मलबे के नीचे 94 घंटे तक दबा रहा युवक, पेशाब पीकर रहा जिंदा

Earthquake in Turkey: तुर्की और सीरिया में आए विनाशकारी भूकंप ने हजारों जानें ले ली हैं. भूकंप के तेज झटकों से धराशायी इमारतों के मलबों से रोज लाशें निकाली जा रही हैं. हर तरफ मलबों के ढेर लगे हैं और ऐसे में किसी के जीवित बचने की उम्मीद भी कम होती जा रही है. लेकिन 17 साल का एक युवक मौत को मात जिंदा बाहर निकला है. इस युवक को 94 घंटों के बाद मलबे से सुरक्षित निकाला गया है.

बचावकर्मियों ने जब अदनान मुहम्‍मद कोरकुत को एक अपार्टमेंट के मलबे से निकाला तो युवक ने कहा, “मैं आप लोगों का इंतजार कर रहा था.” अदनान अपना पीकर मलबे में 94 घंटों तक जीवित रहा. अदनान ने बताया, “जिंदा रहने के लिए मुझे अपना पेशाब पीना पड़ा, ईश्वर की दया से मैं बच गया.”

लगभग 25 हजार लोगों की गई जान

तुर्की और सीरिया में भीषण भूकंप के पांच दिन बाद भी मलबे में दबे जीवित व्यक्ति मिल रहे हैं. तुर्की में बचावकर्मियों ने एक परिवार के पांच सदस्यों को शनिवार को मलबे से निकाला. तुर्की और सीरिया में भूकंप में जान गंवाने वाले लोगों की संख्या बढ़ कर 25,000 के आंकड़े के करीब पहुंच गई है.

ये भी पढ़ें: टूटती सांस और मौत का तांडव… तुर्की में कभी भी आ सकता है 7 तीव्रता का भूकंप, सिस्मिक तरंगों में हलचल बढ़ी

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गंजियातेप प्रांत में भूकंप से बुरी तरह प्रभावित नूरदगी में मलबे से मां-बेटी हवा और फातमागुल असलान को सबसे पहले निकाला गया. बचाव टीम बाद में लड़की के पिता हसन असलान तक पहुंची. इसके दो घंटे बाद इसलाहिये शहर में मलबे से तीन साल की बच्ची और उसके पिता को बाहर निकाला गया और इसके एक घंटे बाद हाते प्रांत में भूकंप के करीब 321 घंटे बाद सात साल की बच्ची को बचाया गया.

कड़ाके की सर्दी और टूटती उम्मीदों के बावजूद शनिवार को करीब 12 लोगों को बचाया गया. तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन ने भूकंप प्रभावित दियारबकिर का दौरा किया और कहा कि गर्मी आने तक विश्वविद्यालयों में दूरस्थ शिक्षा दी जाएगी ताकि बेघर भूकंप पीड़ितों को सरकारी संस्थानों के परिसरों में आश्रय दिया जा सके. इस विनाशकारी भूकंप के बाद भारत समेत दुनिया के कई देश तुर्की की मदद के लिए आगे हैं. भारत की तरफ से भी राहत साम्रगी भेजी गई है.

-भारत एक्सप्रेस

कमल तिवारी

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