दुनिया

Earthquake Tremors: भूकंप के झटके से चीन में हाहाकार, 111 लोगों की मौत, 200 से ज्यादा घायल, रिक्टर स्केल पर मापी गई इतनी तीव्रता

China Earthquake: चीन के गांसु और किंघई प्रांतों में सोमवार (18 दिसंबर) की देर शाम को भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए. जिसमें सैकड़ों घर जमींदोज हो गए. भूकंप में मरने वालों की संख्या 111 बताई जा रही है, इसके अलावा 200 से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं. भूकंप आने से मची तबाही के बाद राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने राहत-बचाव कार्य को तेजी से किए जाने के निर्देश जारी किए हैं.

राहत बचाव कार्य जारी

चीन की सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक, चीन में आए भूकंप के बाद युद्ध स्तर पर राहत बचाव कार्य चलाया जा रहा है. मलबे में दबे लोगों की तलाश की जा रही है. घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है.

कई घर हुए जमींदोज

वहीं शिन्हुआ न्यूज एजेंसी के अनुसार भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए. जिसमें कई घर ढह गए हैं. भूकंप के झटके महसूस होने के बाद लोग अपने घरों से बाहर निकल आए. लोग सड़कों और खुले स्थानों पर भागने लगे. लोगों में अफरा-तफरी मच गई. राहत बचाव कार्य में तमाम टीमें लगाई गई हैं.

6.2 मापी गई भूकंप की तीव्रता

अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण की ओर से भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.9 और शिन्हुआ ने 6.2 मापी गई. भूकंप के चलते कई गांवों में बिजली-पानी की आपूर्ति पूरी तरह से बाधित हो गई है. कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं. जिसमें मलबे को गिरते हुए दिखाया जा रहा है.

यह भी पढ़ें-Gyanvapi Survey: ज्ञानवापी सर्वे की 1500 पेज की रिपोर्ट आज की गई कोर्ट में पेश, ASI ने जज को दिखाईं मूर्तियां-घड़ा और सैकड़ों चिह्न

11 बजकर 59 मिनट पर आया भूकंप

USGS के मुताबिक, भूकंप सोमवार को 11 बजकर 59 मिनट पर आया था. जिसका केंद्र 10 किलोमीटर नीचे था. भूकंप के झटके गांसु प्रांत की राजधानी लान्झू से करीब 100 किलोमीटर दक्षिण पश्चिम में महसूस किए गए. उसके बाद कई जगहों पर छोटे-छोटे झटके आए.

इसलिए आता है भूकंप

आखिर भूकंप क्यों आते हैं? इसको समझने के लिए सबसे पहले पृथ्वी की संरचना को जानना जरूरी है. हमारी पृथ्वी टैक्टोनिक प्लेट्स पर स्थित है. इन प्लेटों के नीचे तरल पदार्थ लावा है. जिसपर टैक्टोनिक प्लेट्स तैरती रहती हैं. कई बार ऐसा होता है कि ये प्लेटें आपस में टकरा जाती हैं. बार-बार टकराने से इन प्लेट्स के कोने सिकुड़ जाते हैं या फिर टूटने लगते हैं. जिससे नीचे से निकली ऊर्जा बाहर निकलने के लिए रास्ते खोजती है. जिसमें डिस्टर्बेंस होता है और इसी के बाद भूकंप की स्थिति पैदा होती है.

-भारत एक्सप्रेस

Shailendra Verma

Recent Posts

कौन हैं एन कार्सन? जिन्हें शास्त्रीय परंपराओं को नया रूप देने के लिए मिला साहित्य का नोबेल पुरस्कार

कनाडा की प्रसिद्ध लेखिका और कवियत्री एन कार्सन को साहित्य का नोबेल पुरस्कार 2026 देने…

23 minutes ago

महिलाओं की सुरक्षा के लिए पुलिस की नई पहल, 5 महिला पुलिसकर्मी स्कूटी से करेंगी गश्त

Rewari Pink Riders: रेवाड़ी पुलिस ने महिलाओं, युवतियों और छात्राओं की सुरक्षा के लिए पांच…

24 minutes ago

‘सलाखों में पाप का प्रायश्चित…’, जिस दोस्त को मारा उसी का किया तर्पण; क्या है उज्जैन जेल की कहानी

उज्जैन की भैरवगढ़ सेंट्रल जेल में श्राद्ध पक्ष के दौरान एक बेहद भावुक और अनोखा…

24 minutes ago

2026 का साहित्य नोबेल पुरस्कार ऐनी कार्सन के नाम, कविता और अनुवाद की दुनिया में रचा नया इतिहास

कनाडा की मशहूर कवयित्री और लेखिका ऐनी कार्सन को 2026 का साहित्य का नोबेल पुरस्कार…

31 minutes ago

83.53 लाख की अतिरिक्त संपत्ति का आरोप, कार्यपालक अभियंता के 5 ठिकानों पर EOU की रेड

Bihar News: बिहार में आर्थिक अपराध इकाई ने योजना एवं विकास विभाग के कार्यपालक अभियंता…

39 minutes ago

रेलवे ने खोला पिटारा: जानें 3548 पदों के लिए कौन-कौन कर सकता है अप्लाई?

Indian Railways Jobs: रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) ने नॉन-टेक्निकल पॉपुलर कैटेगरीज (NTPC) के तहत 3,548…

1 hour ago