Johannesburg: दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (आईसीजे) ने गाजा में इजराइल के सैन्य आक्रमण के दौरान नरसंहार किए जाने के आरोप लगाने के उनके देश के फैसले को सही साबित किया है.
संयुक्त राष्ट्र की शीर्ष अदालत ने गाजा में युद्धविराम का तत्काल आदेश देने से शुक्रवार को इनकार कर दिया, लेकिन इजराइल से जानमाल के नुकसान को रोकने के लिए प्रयास करने को कहा. मामला दाखिल करने वाले दक्षिण अफ्रीका ने अदालत से इजराइल को अपना सैन्य अभियान रोकने का आदेश देने का आग्रह किया था.
शीर्ष अदालत ने कहा कि वह उस मामले को खारिज नहीं करेगी, जिसमें इजराइल पर गाजा में नरसंहार का आरोप लगाया गया है. इसके बाद रामफोसा ने शुक्रवार को एक राष्ट्रीय टीवी चैनल पर कहा कि आईसीजे ने शुक्रवार को जो फैसला सुनाया, वह ‘‘अंतरराष्ट्रीय कानून, मानवाधिकार और सबसे बड़ी बात, न्याय की जीत है.’’
यह नरसंहार का मामला है
रामफोसा ने कहा, ‘‘अदालत ने कहा है कि (1948 नरसंहार) संधि के अनुच्छेद नौ के अनुसार, उसे हमारी याचिका पर फैसला करने का अधिकार है. आईसीजे ने आज जो आदेश दिया है, उसके अनुसार यह नरसंहार का मामला है.’’ राष्ट्रपति ने कहा कि आईसीजे का फैसला गाजा के लोगों के लिए न्याय सुरक्षित करने की दक्षिण अफ्रीका की कोशिश में महत्वपूर्ण पहला कदम है.
अंतरराष्ट्रीय समुदाय का किया धन्यवाद
रामफोसा ने कहा, ‘‘कुछ लोगों ने हमें अपने काम से काम रखने को कहा. कुछ ने कहा कि इससे हमारा कोई लेना-देना नहीं है लेकिन बेदखली, भेदभाव और सरकार प्रायोजित हिंसा के दर्द से भली भांति परिचित होने के नाते इससे हमारा लेना-देना है.’’ रामफोसा ने आईसीजे में दक्षिण अफ्रीका की याचिका का समर्थन करने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय को धन्यवाद दिया.
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