दुनिया

ईरान ने होर्मुज पर लगाया ‘नया टैक्स’, जवाब में ट्रंप की भीषण बमबारी; क्या थम जाएगी दुनिया की तेल सप्लाई?

दुनिया इस वक्त तीसरे विश्व युद्ध की दहलीज पर खड़ी नजर आ रही है. वैश्विक व्यापार की सबसे महत्वपूर्ण जीवनरेखा ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (Strait of Hormuz) को लेकर ईरान ने एक ऐसा आत्मघाती कदम उठाया है, जिसने अमेरिका समेत पूरे पश्चिमी देशों को युद्ध के मैदान में उतार दिया है.

दरअसल ईरान ने एक नई सरकारी एजेंसी ‘पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी’ का गठन कर हुक्म जारी किया है कि अब इस रास्ते से गुजरने वाले हर जहाज को न केवल ईरान से अनुमति लेनी होगी, बल्कि उन्हें भारी भरकम ‘टोल टैक्स’ भी चुकाना होगा. इस फैसले के बाद फारस की खाड़ी में सैकड़ों जहाज फंस गए हैं और तेल की वैश्विक सप्लाई पर खतरा मंडराने लगा है.

समंदर पर ईरान का ‘पर्शियन टैक्स’

शिपिंग डेटा फर्म लॉयड लिस्ट इंटेलिजेंस के अनुसार, ईरान की नई एजेंसी ने खुद को इस जलमार्ग की एकमात्र मालिक घोषित कर दिया है. ईरान का दावा है कि अब इस संकरे रास्ते से गुजरने वाले हर व्यावसायिक जहाज की गहन जांच की जाएगी और केवल अनुमति मिलने पर ही उन्हें आगे बढ़ने दिया जाएगा.

इस विवादास्पद कदम ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार में हड़कंप मचा दिया है. वर्तमान में सैकड़ों मालवाहक जहाज और तेल टैंकर फारस की खाड़ी में फंसे हुए हैं, क्योंकि ईरान ने खुले समुद्र का रास्ता प्रभावी रूप से ब्लॉक कर दिया है.

ट्रंप की ‘भारी तबाही’ वाली चेतावनी

ईरान के इस दुस्साहस का जवाब देने में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जरा भी देर नहीं की. अमेरिका ने दावा किया है कि उसने ईरान के भीतर स्थित कई प्रमुख सैन्य ठिकानों पर भीषण बमबारी की है. ट्रंप ने इसे होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिकी जहाजों पर हुए हमलों का ‘करारा जवाब’ बताया है.

ट्रंप ने बेहद सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ईरान समझौता नहीं करता है, तो उसे ऐसी ‘भारी तबाही’ का सामना करना पड़ेगा जिसे उसने इतिहास में कभी नहीं देखा होगा. वहीं, ट्रंप ने ईरान के मिसाइल हमलों को पूरी तरह से ‘नाकाम’ करार दिया है.

सीजफायर का उल्लंघन: दावों और पलटवार की जंग

दूसरी ओर, ईरान अपने रुख पर अड़ा हुआ है और उसने अमेरिका पर ही सीजफायर तोड़ने का आरोप मढ़ा है. तेहरान का दावा है कि उसने मिसाइलें इसलिए दागीं क्योंकि पहले अमेरिका ने एक ईरानी तेल टैंकर को निशाना बनाया था. ईरान का कहना है कि वह अपनी समुद्री सीमाओं और संसाधनों की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है. दोनों देशों के बीच बढ़ती यह तल्खी अब एक पूर्ण सैन्य संघर्ष में बदलती दिख रही है, जहाँ कूटनीति के रास्ते लगभग बंद हो चुके हैं.

यह भी पढ़ें: कंगाल पाकिस्तान को IMF से फिर मिली खैरात, जानें 1.32 बिलियन डॉलर की ‘संजीवनी’ कैसे बनेगी PAK की बर्बादी का वारंट?

वैश्विक तेल संकट का साया: दुनिया की बढ़ी धड़कनें

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बढ़ते इस तनाव ने वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए खतरे की घंटी बजा दी है. यह क्षेत्र दुनिया की कुल तेल सप्लाई के पांचवें हिस्से (लगभग 20%) के लिए जिम्मेदार है. विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह सैन्य टकराव लंबा खिंचता है या ईरान इस रास्ते को पूरी तरह बंद कर देता है, तो पूरी दुनिया में पेट्रोल और डीजल की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच जाएंगी. भारत जैसे बड़े आयातक देशों के लिए यह स्थिति न केवल आर्थिक रूप से चुनौतीपूर्ण होगी, बल्कि ऊर्जा सुरक्षा के लिए भी बड़ा संकट पैदा कर सकती है.

Also Follow Bharat Express on Youtube

-भारत एक्सप्रेस

Rohit Agrawal

Recent Posts

फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों को बड़ी राहत, E85 के साथ अब E100 एथेनॉल पर चलने वाली गाड़ियों को भी मंजूरी

केंद्र सरकार ने फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों को लेकर बड़ा फैसला लिया है. अब E85 के साथ…

20 minutes ago

SIR विवाद पर डैमेज कंट्रोल, वीडियो से सफाई, सोशल मीडिया पर जवाब; चुनाव आयोग ने बदले 5 बड़े फैसले

SIR विवाद के बीच चुनाव आयोग सोशल मीडिया पर सक्रिय होकर वायरल दावों का जवाब…

40 minutes ago

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह यूपी भाजपा की राज्य कार्यकारिणी की बैठक में होंगे शामिल, चुनाव अभियान को मिलेगी गति

2027 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के लिए भाजपा अपनी तैयारियों को तेज करने जा…

56 minutes ago

सिगरेट-शराब पर टैक्स से लेकर बार रूम तक! जानिए महिला वकीलों के लिए सुप्रीम कोर्ट ने क्या-क्या कहा?

Supreme Court: देश भर की अदालतों में महिला वकीलों के लिए लेडीज बार रूम, साफ…

2 hours ago

Delhi Riots Case: ‘हाजिरी और दिल्ली से छूट नहीं!’ जानिए सुप्रीम कोर्ट ने जमानत याचिका पर क्या कहा?

Supreme court: दिल्ली दंगा मामले में आरोपी शादाब अहमद ने सुप्रीम कोर्ट से जमानत शर्तों…

2 hours ago