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Iran Israel Conflict: ईरान पर इज़रायली वायुसेना का बड़ा हमला, दर्जनों सैन्य ठिकाने किए तबाह

Iran Israel Conflict: इज़रायली वायुसेना (IAF) ने शनिवार को ईरान में दर्जनों सैन्य ठिकानों पर एक के बाद एक कर सटीक हवाई हमले किए. इन हमलों में ईरानी सेना की कई महत्वपूर्ण सैन्य सुविधाएं और हथियारों के भंडारों को निशाना बनाया गया.

इज़रायली रक्षा बलों (IDF) के अनुसार, शनिवार को लगभग 20 इज़रायली फाइटर जेट्स ने ईरान में अलग-अलग स्थानों पर सैन्य लक्ष्यों को नष्ट किया. ये सभी हमले IDF इंटेलिजेंस डायरेक्टोरेट के निर्देश पर किए गए.

सैन्य केंद्र व हथियार निर्माण फैक्ट्रियों को बनाया गया निशाना

इन हमलों में जिन प्रमुख ठिकानों को निशाना बनाया गया, उनमें एक ऐसा सैन्य केंद्र शामिल था जहाँ विस्फोटक सामग्री तैयार की जाती थी, हथियारों के भंडारण और उत्पादन की फैक्ट्रियाँ थीं, साथ ही ईरानी हवाई रक्षा प्रणाली भी शामिल थी.

8 मिसाइल लॉन्चर को किया निष्क्रिय

शनिवार सुबह के समय किए गए हमलों में आठ मिसाइल लॉन्चर को निष्क्रिय किया गया, जिनमें से छह लॉन्चर तुरंत इज़राइल पर मिसाइल दागने के लिए तैयार थे.

2 F-5 फाइटर जेट्स को किया नष्ट

इसके अलावा, एक ताज़ा हमले में इज़रायली वायुसेना ने ईरान के देज़फुल एयरपोर्ट पर ईरानी सशस्त्र बलों के दो F-5 फाइटर जेट्स को भी निशाना बनाकर नष्ट कर दिया. इसके अलावा IDF ने इस्फहान एयरपोर्ट स्थित ईरानी वायुसेना की सैन्य बुनियादी संरचनाओं पर भी हमले किए ताकि ईरान द्वारा इन सैन्य ठिकानों का भविष्य में उपयोग रोका जा सके.

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आने वाले दिनों में और गंभीर हो सकते हैं हालात

इज़रायल के इन हमलों को ईरान द्वारा बढ़ते सैन्य खतरे के जवाब के रूप में देखा जा रहा है. क्षेत्र में तनाव एक बार फिर अपने चरम पर है और आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं.

इससे पहले अमेरिका ने किया हमला

बता दें कि आज अमेरिका ने ईरान के खिलाफ बड़ी सैन्य कार्रवाई करते हुए 30 Tomahawk Cruise Missiles दागीं, जिनका निशाना सीधे Natanz और Isfahan स्थित ईरान के संवेदनशील परमाणु ठिकाने थे.

यह मिसाइल हमला अमेरिकी नौसेना की पनडुब्बियों और जंगी जहाज़ों से अंजाम दिया गया, जो ओमान की खाड़ी और अरब सागर में तैनात थे. हमला अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस आदेश के बाद हुआ जिसमें उन्होंने ईरान की परमाणु गतिविधियों को “वैश्विक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा” बताया था.

हमले के बाद व्हाइट हाउस की ओर से जारी बयान में कहा गया कि यह कार्रवाई “सर्जिकल स्ट्राइक” थी, जिसका उद्देश्य ईरान के हथियार निर्माण क्षमता को सीमित करना है.

– भारत एक्सप्रेस

मिताली चंदोला, एडिटर, स्पेशल प्रोजेक्ट्स

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