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इजरायल और अमेरिका द्वारा ईरान के परमाणु ठिकानों पर किए गए हवाई हमलों के बाद ईरान में कोहराम मच गया है. ईरान ने अभी-अभी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) से इमरजेंसी मीटिंग करने की मांग की है. ईरान के संयुक्त राष्ट्र में स्थायी प्रतिनिधि अमीर सैद इरावानी ने इजरायल और अमेरिका के हमलों को अकारण आक्रामकता करार देते हुए कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय कानून और परमाणु अप्रसार संधि (NPT) का घोर उल्लंघन हैं.
ईरानी प्रतिनिधि ने संयुक्त राष्ट्र को भेजे गए पत्र में कहा है कि अमेरिका और इजरायल ने जो हवाई हमले किए हैं, वे “खुले तौर पर ईरान की संप्रभुता और वैश्विक शांति के सिद्धांतों पर हमला” हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि यह हमला IAEA निगरानी में चल रही परमाणु सुविधाओं पर किया गया है, जो न सिर्फ सैन्य रूप से बल्कि नैतिक रूप से भी गलत है. ईरान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वह इस आक्रामकता की निंदा करे और ठोस कदम उठाए.
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ऐसे हुए थे इजरायल और अमेरिका के हमले
गौरतलब है कि बीते दो दिनों में इजरायल और अमेरिका ने ईरान के Fordow, Natanz और Isfahan जैसे रणनीतिक परमाणु ठिकानों पर मिसाइल और बमबारी से हमले किए हैं, जिनमें GBU-57 बंकर बस्टर और टॉमहॉक क्रूज़ मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया. इसके जवाब में ईरान ने “ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस” की शुरुआत करते हुए इजरायल पर मिसाइल हमले किए हैं.
अब जबकि ईरान ने इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंच पर ले जाने की पहल की है, वैश्विक समुदाय की निगाहें संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अगली प्रतिक्रिया पर टिकी हैं. यह स्पष्ट हो गया है कि संघर्ष अब केवल दो देशों के बीच नहीं रहा, बल्कि इसका असर वैश्विक कूटनीति और सुरक्षा संतुलन पर पड़ रहा है.
इधर, इजरायल ने बंद किया अपना एयरस्पेस
ईरान के हमलों को देखते हुए इजरायल में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया. इजरायल ने अब सभी फ्लाइट्स के लिए अपना एयरस्पेस बंद कर दिया है. वहीं, यमन के ईरान समर्थित हूथी विद्रोहियों ने इजरायल के बेन गुरियन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को बैलिस्टिक मिसाइल से निशाना बनाया है. मिसाइल हवाई अड्डे की सीमा पर गिरी, जिससे सड़क और वाहन क्षतिग्रस्त हुए और 6 नागरिक घायल हो गए. हमले के बाद एयरपोर्ट का संचालन अस्थायी रूप से रोक दिया गया और कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द या डायवर्ट की गईं. हूथियों ने हमले की जिम्मेदारी लेते हुए चेतावनी दी कि “बेन गुरियन अब सुरक्षित नहीं है.” इजरायल ने इस हमले को गंभीरता से लेते हुए जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है. यह हमला क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा सकता है.
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