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प्रदर्शन नहीं कुछ और है वजह! ख्वाजा आसिफ ने बताया PoK में पाकिस्तान के कत्लेआम का कारण

Khawaja Asif statement on PoK: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में इन दिनों इतिहास का सबसे भीषण जन-विद्रोह सुलग रहा है. महंगाई, भ्रष्टाचार और पाकिस्तानी सेना के अंधाधुंध दमन के खिलाफ सड़कों पर उतरे आम कश्मीरी अब आर-पार की जंग के मूड में हैं. लेकिन इस बीच इस्लामाबाद से एक ऐसा सनसनीखेज और आग में घी डालने वाला बयान सामने आया है, जिसने PoK के राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है. पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने अपनी ही हुकूमत और सेना के नापाक इरादों को जगजाहिर करते हुए PoK के नागरिकों को सीधे तौर पर ‘दुश्मन’ करार दे दिया है.

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ अपने ही नागरिकों पर गोलियां बरसाने को जायज ठहरा रहे हैं. आइए इस विशेष रिपोर्ट में जानते हैं कि ख्वाजा आसिफ के इस बयान के पीछे का सच क्या है, PoK में किस कदर खूनी खेल चल रहा है और अब तक इस संघर्ष में कितने मासूमों की जानें जा चुकी हैं?

PoK में सुलगती बगावत

पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले हिस्से यानी PoK में पिछले कुछ हफ्तों से हालात पूरी तरह नियंत्रण से बाहर हो चुके हैं. ‘जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी’ (JAAC) के नेतृत्व में आम जनता बिजली के बढ़े दामों, भारी टैक्स और पाकिस्तान के औपनिवेशिक शोषण के खिलाफ सड़कों पर उतरी हुई है.

लेकिन इस शांतिपूर्ण प्रदर्शन के जवाब में पाकिस्तानी सेना और रेंजर्स ने बर्बरता की सारी हदें पार कर दी हैं. स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रावलकोट और मुज़फ्फराबाद की सड़कों पर प्रदर्शनकारियों को कुचलने के लिए पाकिस्तानी सेना का भारी-भरकम काफिला और टैंक तैनात कर दिए गए हैं. होलर से रावलकोट की ओर सेना के बड़े काफिलों की मूवमेंट यह साफ बताती है कि इस्लामाबाद इस जन-आंदोलन को बातचीत से नहीं, बल्कि गोलियों और बंदूकों के जोर पर दबाना चाहता है.

अब तक कितनी और कैसे हुईं हत्याएं?

पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की सीधी फायरिंग और दमनकारी कार्रवाइयों ने PoK को एक खुला कारागार बना दिया है. आंकड़ों के आईने में देखें तो यह कत्लेआम किस स्तर पर पहुंच चुका है. पाकिस्तानी सेना की अंधाधुंध गोलीबारी में अब तक कम से कम 7 कश्मीरी प्रदर्शनकारियों की मौत हो चुकी है, जबकि दर्जनों लोग गंभीर रूप से घायल हैं.

हाल ही में रावलाकोट में चल रहे प्रदर्शनों के दौरान JAAC के प्रमुख नेता उमर नज़ीर के भाई उस्मान नज़ीर को पाकिस्तानी सेना ने अपनी गोलीबारी में मौत के घाट उतार दिया. उस्मान नज़ीर की शहादत और 5 बहनों के इकलौते भाई वाजिद हयात की हत्या ने पूरे PoK में आग लगा दी है. सेना की इन टारगेटेड हत्याओं के बावजूद प्रदर्शनकारियों के कदम थमने का नाम नहीं ले रहे हैं, और हर मौत के बाद बगावत की आग और अधिक भड़क रही है.

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ख्वाजा आसिफ का कबूलनामा

इन सबके बीच पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ का एक बयान सामने आया है, जिसने पाकिस्तान के असली चेहरे को दुनिया के सामने ला दिया है. ख्वाजा आसिफ ने पीओजेके में चल रहे विरोध प्रदर्शनों पर खुलकर बात करते हुए दो टूक शब्दों में कहा कि-

“हम इन प्रदर्शनकारियों से कोई बात नहीं करेंगे. जिस तरह भारत हमारा दुश्मन है, उसी तरह अब पीओजेके (PoK) के लोग भी पाकिस्तान के पक्के दुश्मन बन चुके हैं. जो लोग पाकिस्तान के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं, वे हमारे अपने नहीं हो सकते.”

PoK को नहीं डरा सकती हैं गोलियां

रक्षा मंत्री का यह बयान इस बात का सबसे बड़ा सबूत है कि पाकिस्तान की सेना और सरकार PoK के नागरिकों को अपने ही देश का हिस्सा नहीं मानती, बल्कि उन्हें एक ‘विदेशी दुश्मन’ की तरह ट्रीट करती है. यही वजह है कि वहां की अवाम को बेरहमी से कुचला जा रहा है और उनके खून से होली खेली जा रही है. जब देश का रक्षा मंत्री ही अपनी ही जनता को ‘दुश्मन’ घोषित कर दे, तो उस मुल्क का वजूद खतरे में पड़ना तय है. कश्मीरी अवाम ने अब यह ठान लिया है कि वे पाकिस्तानी सेना की इन गोलियों से डरने वाले नहीं हैं.

Shyamdatt Chaturvedi

श्यामदत्त चतुर्वेदी एक अनुभवी मीडिया पेशेवर हैं. वर्तमान में नोएडा 'भारत एक्सप्रेस' में पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सात वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामदत्त ने हिंदी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए कंटेंट राइटिंग, रिपोर्टिंग, एडिटिंग और डेटा एनालिसिस में गहरी विशेषज्ञता हासिल की है. इससे पहले उन्होंने जी न्यूज, ईटीवी भारत, टीएफआई मीडिया, वे2न्यूज और सैफायर मीडिया लिमिटेड (इंडिया डेली लाइव) जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं. उन्होंने स्थानीय पंचायत से लेकर विधानसभा, लोकसभा तक की व्यापक कवरेज की. उन्होंने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय (IGNTU), अमरकंटक से पत्रकारिता और जनसंचार में स्नातक (BJMC) करने के बाद, प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर डिग्री (M.A.) हासिल की है.

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