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लेखकों का दावा- Mark Zuckerberg ने AI Model को प्रशिक्षित करने के लिए Meta को पायरेटेड किताबों के इस्तेमाल की दी थी मंजूरी

Mark Zuckerberg Controversy: लेखकों के एक समूह ने अमेरिकी अदालत में दायर एक दस्तावेज में आरोप लगाया है कि CEO मार्क जुकरबर्ग ने अपनी कंपनी Meta के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मॉडल को प्रशिक्षित करने के लिए कॉपीराइट किताबों के पायरेटेड संस्करणों का इस्तेमाल किया है.

कॉपीराइट उल्लंघन के लिए मेटा पर मुकदमा करने वाले ता-नेहिसी कोट्स (Ta-Nehisi Coates), कॉमेडियन सारा सिल्वरमैन (Sarah Silverman) और अन्य लेखकों ने कैलिफोर्निया संघीय अदालत में बीते बुधवार (8 जनवरी) को सार्वजनिक किए गए दस्तावेजों में आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि खोज प्रक्रिया के दौरान मेटा द्वारा प्रस्तुत आंतरिक दस्तावेजों से पता चलता है कि कंपनी को पता था कि काम पायरेटेड थे. समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, इस मामले को लेकर मेटा के प्रवक्ताओं ने टिप्पणी के अनुरोध का तुरंत जवाब नहीं दिया है.

किताबों का दुरुपयोग

लेखकों ने 2023 में मेटा पर मुकदमा दायर किया, जिसमें तर्क दिया गया है कि तकनीकी दिग्गज कंपनी ने अपने बड़े भाषा मॉडल लामा (Llama) को प्रशिक्षित करने के लिए उनकी किताबों का दुरुपयोग किया. यह मामला उन कई मामलों में से एक है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि लेखकों, कलाकारों और अन्य लोगों द्वारा कॉपीराइट कराए गए कार्यों का उपयोग बिना अनुमति के AI उत्पादों को विकसित करने के लिए किया गया था. प्रतिवादियों ने तर्क दिया है कि उन्होंने कॉपीराइट सामग्री का उचित उपयोग किया.

नई शिकायत दर्ज करने की अनुमति

लेखकों ने बीते बुधवार को न्यायालय से एक नई शिकायत दर्ज करने की अनुमति मांगी. उन्होंने कहा कि नए साक्ष्यों से पता चला है कि मेटा ने AI प्रशिक्षण डेटासेट LibGen का उपयोग किया, जिसमें कथित तौर पर लाखों पायरेटेड कार्य शामिल हैं और इसे पीयर-टू-पीयर टोरेंट के माध्यम से वितरित किया. उन्होंने कहा कि मेटा के आंतरिक संचार से पता चला है कि जकरबर्ग ने ‘मेटा के लिबजेन डेटासेट के उपयोग को मंजूरी दी, भले ही मेटा की AI कार्यकारी टीम (और मेटा में अन्य) के भीतर चिंता थी कि LibGen एक डेटासेट है, जिसे हम पायरेटेड मानते हैं.’

कॉपीराइट का उल्लंघन

अमेरिकी जिला न्यायाधीश विंस छाबरिया ने पिछले साल उन दावों को खारिज कर दिया था कि मेटा के चैटबॉट द्वारा उत्पन्न पाठ ने लेखकों के कॉपीराइट का उल्लंघन किया और मेटा ने उनकी किताबों की कॉपीराइट प्रबंधन जानकारी (CMI) को अवैध रूप से छीन लिया.

लेखकों ने बुधवार को तर्क दिया कि साक्ष्य ने उनके उल्लंघन के दावों को पुष्ट किया और उनके CMI दावे को पुनर्जीवित करने तथा एक नया कंप्यूटर धोखाधड़ी दावा जोड़ने को उचित ठहराया. छाबड़िया ने गुरुवार (9 जनवरी) को एक सुनवाई के दौरान कहा कि वह लेखकों को संशोधित शिकायत दर्ज करने की अनुमति देंगे, लेकिन धोखाधड़ी और CMI दावों की योग्यता के बारे में संदेह व्यक्त किया.

-भारत एक्सप्रेस

Bharat Express Desk

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