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कौन हैं शांति का नोबेल प्राइज जीतने वाली मारिया कोरिना मचाडो?

Nobel Prize 2025: लंबे इंतजार के बाद नोबेल शांति पुरस्कार का ऐलाम कर दिया गया है. इस साल यह सम्मान वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया मचाडो (Maria Corina Machado) को मिला है. लोकतंत्र की बहाली और तानाशाही के खिलाफ शांतिपूर्ण संघर्ष के लिए उन्हें सम्मानित (Nobel Peace Prize) किया गया है. उन्होंने वेनेजुएला में लोकतांत्रिक अधिकारों को बढ़ावा देने और शांतिपूर्ण बदलाव लाने के लिए लगातार काम किया है.

मारिया मचाडो की संघर्षशील यात्रा

मारिया मचाडो ने सुमाते नामक संगठन की स्थापना की, जो लोकतंत्र की बेहतरी के लिए काम करता है. वे देश में मुफ्त और निष्पक्ष चुनावों की मांग करती रही हैं. नोबेल पुरस्कार समिति ने उनके शांतिपूर्ण संघर्ष और लोकतंत्र के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की सराहना की है.

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नोबेल पुरस्कार का महत्व

नोबेल शांति पुरस्कार के तहत विजेता को 11 मिलियन स्वीडिश क्रोना (10.3 करोड़ रुपए), सोने का मेडल और सर्टिफिकेट मिलता है. पुरस्कार 10 दिसंबर को ओस्लो में दिए जाएंगे. इस पुरस्कार से मारिया मचाडो के संघर्ष को और मजबूती मिलेगी और वेनेजुएला में लोकतंत्र की बहाली के लिए उनके प्रयासों को और अधिक समर्थन मिलेगा.

क्या बोली कमेटी?

नोबेल प्राइज को लेकर नॉर्वेजियन नोबेल समिति ने कहा कि उन्होंने हमने हमेशा बहादुरों को सम्मानित किया है. ऐसे लोगों को सम्मान दिया गया है जिन्होंने दमन के खिलाफ आजादी की उम्मीद बनाए रखी है. मचाडो को अपनी जान के लिए छिपकर रहना पड़ा लेकिन उन्होंने देश में ही रहना चुना और अपने लाखों लोगों को प्रेरित करती रहीं.

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1901 में दिया गया था पहला पुरस्कार

नोबेल पुरस्कारों की शुरुआत 1895 में हुई और पहला पुरस्कार 1901 में दिया गया था. साहित्य के क्षेत्र में अब तक 121 लोगों को सम्मानित किया जा चुका है. ये पुरस्कार अल्फ्रेड नोबेल की वसीयत के आधार पर दिए जाते हैं, जिसमें शुरुआत में भौतिकी, रसायन विज्ञान, चिकित्सा, साहित्य और शांति के क्षेत्र शामिल थे. बाद में अर्थशास्त्र को भी जोड़ा गया. नोबेल पुरस्कार के लिए नामांकित लोगों के नाम 50 साल तक सार्वजनिक नहीं किए जाते हैं.

Shyamdatt Chaturvedi

श्यामदत्त चतुर्वेदी एक अनुभवी मीडिया पेशेवर हैं. वर्तमान में नोएडा 'भारत एक्सप्रेस' में पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सात वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामदत्त ने हिंदी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए कंटेंट राइटिंग, रिपोर्टिंग, एडिटिंग और डेटा एनालिसिस में गहरी विशेषज्ञता हासिल की है. इससे पहले उन्होंने जी न्यूज, ईटीवी भारत, टीएफआई मीडिया, वे2न्यूज और सैफायर मीडिया लिमिटेड (इंडिया डेली लाइव) जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं. उन्होंने स्थानीय पंचायत से लेकर विधानसभा, लोकसभा तक की व्यापक कवरेज की. उन्होंने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय (IGNTU), अमरकंटक से पत्रकारिता और जनसंचार में स्नातक (BJMC) करने के बाद, प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर डिग्री (M.A.) हासिल की है.

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