Pakistan Airstrike in Afghanistan: आर्थिक बदहाली, गृहयुद्ध के हालात और चौतरफा तबाही से जूझ रहा पाकिस्तान अपनी शर्मनाक नाकामियों को छिपाने के लिए एक बार फिर नीचता की सारी हदें पार कर चुका है. दरअसल सऊदी अरब से मिले सुरक्षा समझौते और मक्का पैक्ट के तहत भले ही उसे अन्य मोर्चों पर जिम्मेदारी निभानी थी, लेकिन अपनी खुन्नस निकालने के लिए उसने अपने लड़ाकू विमानों का रुख अफगानिस्तान की शांतिप्रिय और सोती हुई आवाम की तरफ मोड़ दिया.
बता दें भोर के लगभग साढ़े तीन बजे, जब मासूम बच्चे और परिवार अपने घरों में बेखबर सो रहे थे, तब पाकिस्तानी वायुसेना के फाइटर जेट्स ने अफगानिस्तान के कुनार प्रांत में अंधाधुंध बमबारी कर दी.
खबरों के मुताबिक, पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों ने अफगानिस्तान के पूर्वी हिस्से में स्थित कुनार प्रांत के नूरगल जिले के पतंग इलाके को अपना शिकार बनाया. बेहद कम ऊंचाई पर उड़ रहे जेट्स ने बिना किसी चेतावनी के सीधे रिहायशी इलाकों पर बम गिरा दिए.
बता दें रात के सन्नाटे में जब बम धमाके हुए, तो पूरा इलाका दहल उठा. चारों तरफ चीख-पुकार, बच्चों का रोना और मलबे का खौफनाक मंजर था. सवाल यह उठता है कि पाकिस्तान की अपनी अंदरूनी नाकामी और सेना की नालायकी की कीमत अफगानिस्तान के ये बेकसूर नागरिक अपने खून से क्यों चुकाएं?
पाकिस्तान का यह रवैया नया नहीं है. जब भी उसके अपने देश में सुरक्षा बल पिटते हैं या आंतरिक हालात बेकाबू होते हैं, तो वह दुनिया का ध्यान भटकाने के लिए भारत या अफगानिस्तान की तरफ बंदूकें तान देता है. हाल ही में 20 सितंबर 2026 को पाकिस्तान के हंगू जिले में जब आतंकियों के हाथों उसके सुरक्षा बल पिटे, तो 8 आतंकियों को मारने का दावा करते हुए उसने हमेशा की तरह भारत और अफगानिस्तान पर अनर्गल आरोप लगा दिए. अपनी नाकामी पर पर्दा डालने के लिए बॉर्डर पार कर मासूमों को निशाना बनाना पाकिस्तान की सेना का कायरतापूर्ण इतिहास रहा है.
दोनों देशों के बीच दुश्मनी की आग पिछले कई महीनों से सुलग रही है. फरवरी 2026 में जब सीमा पर तनाव बढ़ा, तब से लेकर मार्च के अंत तक काबुल, कंधार और पख्तिया जैसे इलाकों में पाकिस्तान ने भारी तबाही मचाई है. कतर, सऊदी अरब और तुर्की की मध्यस्थता से ईद-उल-फितर पर अस्थायी युद्धविराम तो हुआ, लेकिन पाकिस्तान का खून बहाने का यह सिलसिला थमा नहीं.
सवाल यह है कि कूटनीति और युद्धविराम के समझौतों को ठेंगा दिखाकर आधी रात को बम बरसाना किस तरह की इंसानियत है?
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नूरगल जिले में हुए इस हवाई हमले (Pakistan Airstrike in Afghanistan) के बाद पूरे अफगानिस्तान में गुस्से की लहर है. स्थानीय परिवारों में खौफ और आक्रोश का माहौल है. बिना किसी उकसावे के रिहायशी इलाकों में लड़ाकू विमान भेजकर हमला करना सीधे तौर पर अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन है.
वहीं दुनिया भर के मानवाधिकार संगठन अब पाकिस्तान की इस कायराना हरकत पर सवाल उठा रहे हैं. देखना यह होगा कि सो रहे मासूमों पर बम बरसाने वाले इस मुल्क की इस नापाक हरकत का दुनिया कब कड़ा हिसाब चुकता करती है.
-भारत एक्सप्रेस
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