प्रधानमंत्री मोदी अबू धाबी पहुंचे
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की एक दिवसीय यात्रा पर शनिवार को अबू धाबी पहुंचे. उन्होंने कहा कि वह बहुआयामी द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के लिए अरब देश के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाह्यान से बातचीत को लेकर उत्साहित हैं. मोदी का यहां हवाई अड्डे पर पहुंचने पर संयुक्त अरब अमीरात के शहजादे शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाह्यान ने गर्मजोशी से स्वागत किया. यह मोदी की संयुक्त अरब अमीरात की पांचवीं यात्रा है.
प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया, ‘‘अबू धाबी पहुंच गया हूं. मैं भारत-संयुक्त अरब अमीरात के बीच द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने के लिए शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाह्यान से मुलाकात करने को लेकर उत्साहित हूं.’’उन्होंने कहा, ‘‘आज हवाई अड्डे पर मेरा स्वागत करने के लिए शहजादे शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाह्यान का आभारी हूं.’’मोदी फ्रांस की दो दिवसीय यात्रा संपन्न करने के बाद अबू धाबी पहुंचे हैं. वह फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों के साथ विशिष्ट अतिथि के रूप में बैस्टिल दिवस परेड में शामिल हुए थे और उन्होंने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए थे.
प्रधानमंत्री मोदी को दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा देने के प्रयासों के लिए फ्रांस के सर्वोच्च नागरिक एवं सैन्य सम्मान ‘ग्रैंड क्रॉस ऑफ द लीजन ऑफ ऑनर’ से नवाजा गया. मोदी 2015 के बाद से यूएई के राष्ट्रपति और अबू धाबी के शासक शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाह्यान से वार्ता करेंगे. उन्होंने इससे पहले 2015, 2018, 2019 और 2022 में अरब देश की यात्रा की थी. प्रधानमंत्री ने यूएई की यात्रा पर रवाना होने से पहले बृहस्पतिवार को एक बयान में कहा था, ‘‘मैं अपने मित्र शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाह्यान से मुलाकात करने के लिए उत्साहित हूं.’’
उन्होंने कहा था, ‘‘दोनों देश व्यापार, निवेश, ऊर्जा, खाद्य सुरक्षा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, शिक्षा, फिनटेक, रक्षा, सुरक्षा और लोगों के बीच परस्पर मजबूत संबंधों जैसे व्यापक क्षेत्रों में सक्रिय हैं.’’ संयुक्त अरब अमीरात की यात्रा के दौरान मोदी वहां के शीर्ष नेतृत्व के साथ खासतौर पर ऊर्जा, खाद्य सुरक्षा एवं रक्षा जैसे मुद्दों पर बातचीत कर सकते हैं. इस दौरान दोनों रणनीतिक साझेदार देश एक ऐतिहासिक व्यापार समझौते पर हुई प्रगति की समीक्षा भी करेंगे.
दोनों देशों के बीच आर्थिक भागीदारी को नयी गति देने वाले वृहद आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) पर कोविड-19 महामारी के दौरान हस्ताक्षर किए गए थे. भारत, यूएई का दूसरा सबसे बड़ा व्यापार साझेदार है और द्विपक्षीय व्यापार 84 अरब डॉलर से अधिक का है. वहीं, यूएई, भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापार साझेदार और दूसरा सबसे बड़ा निर्यात गंतव्य है. यूएई 2022-23 में भारत के लिए प्रत्यक्ष विदेशी निवेश का चौथा सबसे बड़ा स्रोत था.
वह भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए भी एक अहम साझेदार है. यूएई, भारत के लिए कच्चे तेल का तीसरा और एलएनजी एवं एलपीजी का दूसरा सबसे बड़ा स्रोत है। संयुक्त अरब अमीरात में प्रवासी भारतीय समुदाय सबसे बड़ा जातीय समुदाय है और देश की कुल आबादी में उसकी तकरीबन 30 फीसदी हिस्सेदारी है. संयुक्त अरब अमीरात के रिकॉर्ड के अनुसार, 2021 में देश में प्रवासी भारतीय नागरिकों की संख्या लगभग 35 लाख थी. भारतीय सिनेमा और योग यूएई में काफी लोकप्रिय है.
-भारत एक्सप्रेस
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