पाकिस्तान में एक बार फिर तालिबान का आतंक
इस्लामाबाद – पाकिस्तान के विभिन्न इलाकों में अपहरण, हत्याओं और तालिबान के फिर से उभरने की खबरों के बाद, स्थानीय लोगों ने विरोध करने, घटनाओं की निंदा करने और शांति की मांग करने के लिए सड़कों पर उतरना शुरू कर दिया है. मिंगोरा बाजार की सड़कें स्थानीय लोगों से भरी हुई थीं, जिन्होंने हाथों में बैनर लेकर ‘हमें शांति चाहिए’ के नारे लगाए. स्थानीय लोगों ने अधिकारियों से आतंकवादियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने और अपने क्षेत्र में आतंकवाद पर लगाम लगाने की मांग की.
शांति की मांग एक सूत्रीय एजेंडा
जबकि नागरिक समाज, मानवाधिकार प्रतिनिधियों और राजनीतिक दल के नेताओं ने विरोध प्रदर्शन में भाग लिया . प्रदर्शनकारियों में से एक ने कहा, “हमारा स्वात में शांति की मांग करने के लिए एक सूत्री एजेंडा है. हम घाटी में उग्रवाद की एक और लहर की अनुमति नहीं देंगे. हम राज्य से शांति की मांग करते हैं और अगर राज्य हमें शांति प्रदान करने में विफल रहता है, तो हमें उठना होगा और अपनी जमीन के लिए खुद ही शांति के लिए कदम उठाना होगा. हम आतंकवादियों को स्वात में फिर से जमा नहीं होने देंगे.
स्वात घाटी में तालिबान फिर एक्टिव
प्रदर्शनकारियों ने 2007 से 2009 तक की अराजकता, रक्तपात और अशांति को याद दिलाया, जब स्वात क्षेत्र तालिबान के नियंत्रण में था और दिन के उजाले में सिर कलम किए गए थे.एक अन्य प्रदर्शनकारी ने कहा, “हम डर, आघात, विनाश और हत्याओं के उस समय को अपने घरों में वापस नहीं आने दे सकते हैं .इसलिए स्वात के प्रत्येक स्थानीय से कहा गया है कि अगर वे अपने क्षेत्रों में किसी भी संदिग्ध तत्व को देखते हैं तो कार्रवाई की जाए.”कई प्रदर्शनकारियों ने केपी के मुख्यमंत्री महमूद खान की चुप्पी पर भी सवाल उठाया, जो खुद स्वात से हैं.इस बीच, कुर्रम एजेंसी जिले के निवासियों और स्थानीय लोगों ने भी अपने क्षेत्रों में उग्रवाद के पुनरुत्थान का विरोध करने और निंदा करने के लिए शांति की मांग की.
बाजारों में दिख रहे हैं सफेद झंडे
शहर के मुख्य बाजारों से गुजरते हुए मार्च करने वाले अपने साथ सफेद झंडे और बैनर लिए हुए थे. प्रदर्शनकारियों ने अधिकारियों से बहुत देर होने से पहले बिगड़ती स्थिति पर ध्यान देने की मांग की. इसी तरह का एक शांति मार्च पाराचिनार में भी हुआ जहां प्रदर्शनकारियों ने अधिकारियों से तालिबान उग्रवादियों के पुनरुत्थान के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने की मांग की, जिनके बारे में उन्होंने कहा कि वे पहले ही स्थानीय लोगों के बीच जबरन वसूली, हत्याएं और भय फैला रहे हैं.
पाकिस्तान के कबायली इलाके के विभिन्न क्षेत्रों में तालिबान का फिर से उभरना एक गंभीर चिंता का विषय है.तालिबान का इन स्थानों को अपने गढ़ के रूप में उपयोग करने और इन क्षेत्रों से देश भर में आतंक, अस्थिरता और आत्मघाती आतंकी हमले फैलाने का इतिहास रहा है.
-आईएएनएस/ भारत एक्सप्रेस
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