PM Modi SCO Summit China: चीन के तिआनजिन में आयोजित हो रहे शंघाई सहयोग संगठन (SCO) में शामिल होने पीएम मोदी चीन की यात्रा पर हैं. रविवार को पीएम मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई. जिसमें ट्रेड से लेकर टेररिज्म तक के मुद्दों पर चर्चा हुई.
आज सोमवार को फिर SCO नेताओं का जमघट लगेगा. दो दिनों तक चलने वाले इस सम्मेलन का आज आखिरी दिन भी है. पीएम मोदी भी इस सम्मेलन में शामिल होंगे. इसके बाद रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात करेंगे.
भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिसरी के अनुसार आज पीएम मोदी SCO सम्मेलन को संबोधित करेंगे. इस दौरान वो भारत के सहयोग को लेकर अपने विचार सम्मेलन में मौजूद दुनिया भर के नेताओं के सामने रखेंगे. इसके बाद पीएम मोदी की पुतिन से मुलाकात होगी. जिसके बाद वो भारत के लिए रवाना हो जाएंगे.
7 सालों बाद पीएम मोदी का चीन दौरा
2020 में गलवान में चीन और भारत के बीच झड़प के बाद यह पीएम मोदी का पहला चीन दौरा है. जिसकी वजह से पूरी दुनिया की नजर इस समिट पर है. इस दौरे पर पीएम मोदी, चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग से भी मुलाकात कर सकते हैं.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल में दुनिया के लगभग सभी देशों पर हाई टैरिफ लगा रखा है. जिसमें भारत पर 50%, चीन पर 30% भी शामिल है. जिसको लेकर यह मीटिंग और भी खास हो गया है. SCO मीटिंग में शामिल देश अमेरिकी दबाव के खिलाफ एक मंच पर खड़े होने की कोशिश कर रहे हैं. हालांकि इसका कितना प्रभाव पड़ता है, ये तो मीटिंग के बाद पता चलेगा.
शंघाई सहयोग संगठन (SCO) समिट के सहारे चीनी राष्ट्रपति अमेरिका को चुनौती देने की कोशिश कर रहे हैं. वो चीन को अमेरिकी नेतृत्व के ग्लोबल ऑर्डर के विकल्प के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहे हैं. चीन पश्चिम को दिखाना चाहता है कि वो रूस और भारत जैसे देशों के साथ मिलकर भी ताकतवर गुट बना सकता है.
इस समिट में सिर्फ SCO सदस्य ही नहीं बल्कि ऑब्जर्वर और पार्टनर देश भी शामिल हो रहे हैं. इसमें पाकिस्तान भी शामिल होगा. भारत की कोशिश रहेगी कि आतंकवाद जैसे मुद्दे पर वो समर्थन जुटाये. बता दें कि, SCO रक्षा मंत्री की बैठक में भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जॉइंट स्टेटमेंट पर इसलिए दस्तखत करने से इनकार कर दिया था, क्योंकि इसमें पहलगाम हमले का कोई जिक्र नहीं था.
वहीं गलवान के बाद भारत और चीन के रिश्ते सुधरे हैं. सीमा पर नरमी दिख रही है. सीधी उड़ानें शुरू हो गई हैं. जिसका असर कैलाश मानसरोवर यात्रा पर पड़ा. चीन ने गलवान के बाद कैलाश मानसरोवर यात्रा को बंद कर दिया था. जिसे इस साल पहली बार खोला गया.
पीएम मोदी के चीन दौरे से पहले ही भारत और चीन के रिश्तों में नरमी दिखने लगी थी. कुछ दिनों पहले ही चीनी विदेश मंत्री भारत के दौरे पर आए थे. जिसका परिणाम हुआ कि सीमा और व्यापार जैसे अहम मसले पर चीन और भारत के बीच सहमति बन पाई है.
हालांकि सीमा विवाद और डैम के मसले पर टेंशन बरकरार है. आर्थिक दबाव और वैश्विक हालात की वजह से दोनों देशों के तार एक बार फिर जुड़ रहे हैं.
– भारत एक्सप्रेस
Wellness Lifestyle Trend: Home & Wellness का ट्रेंड तेजी से लोकप्रिय हो रहा है, जिसमें…
काशी मराठा समाज द्वारा आयोजित गणेश महोत्सव 2026 में प्रदीप नारायण सिंह को समाज सेवा…
वैश्विक और घरेलू बाजारों में सोने-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव का दौर बना हुआ है.…
जापान के पास उन्नत परमाणु ऊर्जा और औद्योगिक क्षमताएं हैं, लेकिन वह आधिकारिक रूप से…
IND vs AFG तीसरे T20I में 30 गेंदों में शतक लगाने के बाद अभिषेक शर्मा…
बड़े पर्दे पर उतरी 'मिर्जापुर- द मूवी' ने बॉक्स ऑफिस पर अपनी पकड़ मजबूत बनाए…