Trump Tariffs: अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप की सरकार की तरफ से एक नया बिल लाया गया है. इसका नाम है- Sanctioning Russia Act 2025. इस बिल को रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम और डेमोक्रेट सीनेटर रिचर्ड ब्लूमेंथल ने मिलकर तैयार किया है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस बिल को हरी झंडी दे दी है. बिल का मुख्य मकसद रूस पर दबाव डालना है.
इस बिल के मुताबिक, अगर रूस यूक्रेन युद्ध में शांति बातचीत नहीं करता या समझौते तोड़ता है तो सख्त सजा दी जाएगी. इसमें उन देशों पर भारी टैरिफ लगाने का प्रावधान है जो रूस से तेल, गैस या यूरेनियम खरीदते हैं. टैरिफ की दर 500% तक हो सकती है. इससे भारत, चीन और ब्राजील जैसे देश सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं.
भारत रूस से सस्ता तेल खरीदता है. यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद भारत रूसी क्रूड का बड़ा खरीदार बन गया. कभी-कभी भारत का 40% तक तेल रूस से आता था. अब अमेरिका कह रहा है कि इससे रूस की युद्ध मशीन को पैसा मिलता है. अगर यह बिल कानून बन गया तो भारत के अमेरिका निर्यात पर 500% टैक्स लग सकता है. इससे भारतीय सामान अमेरिका में बहुत महंगा हो जाएगा. व्यापार को बड़ा नुकसान होगा. पहले से ही अमेरिका ने भारत पर 50% तक टैरिफ लगा रखा है. भारत ने रूसी तेल आयात कम किया है. दिसंबर में आयात काफी गिर गया. लेकिन पूरी तरह बंद नहीं हुआ है.
ट्रंप ने कहा है कि प्रधानमंत्री मोदी अच्छे आदमी हैं. लेकिन रूसी तेल खरीदने से वे नाराज हैं. ट्रंप बोले कि मोदी जानते हैं कि मुझे खुश रखना जरूरी है. हम भारत पर टैरिफ बहुत जल्दी बढ़ा सकते हैं. सीनेटर ग्राहम ने बताया कि ट्रंप ने बिल को समर्थन दिया है. यह बिल जल्दी ही कांग्रेस में वोटिंग के लिए आ सकता है.
आज आई 500% टैरिफ वाली खबर से भारतीय शेयर बाजार में हड़कंप मच गया. सेंसेक्स 750 अंकों तक गिर गया. निफ्टी भी 200 अंक से ज्यादा टूटा. तेल और मेटल कंपनियों के शेयर सबसे ज्यादा गिरे. विदेशी निवेशक शेयर बेच रहे हैं. वैश्विक बाजार भी कमजोर हैं. निवेशक डरे हुए हैं कि भारत-अमेरिका व्यापार में झगड़ा बढ़ेगा. इससे अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ेगा.
ट्रंप ने भारत पर टैरिफ लगाकर अब तक करीब 18 हजार करोड़ रुपये वसूले हैं. इसका विरोध अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है. कोर्ट में एक पक्ष ने ट्रंप के टैरिफ की वैधता पर सवाल उठाए हैं. फैसला 9 जनवरी को आने की उम्मीद है. अगर कोर्ट ट्रंप के खिलाफ फैसला देता है तो पुराने टैरिफ रद्द हो सकते हैं. इससे भारत को राहत मिल सकती है. लेकिन नया 500% टैरिफ का खतरा अलग है.
भारत सरकार इस पर चुप है. लेकिन विशेषज्ञ कहते हैं कि भारत को रूसी तेल कम करना पड़ेगा. नहीं तो व्यापार युद्ध बढ़ सकता है. यूक्रेन युद्ध खत्म करने के लिए अमेरिका रूस के ग्राहकों पर दबाव डाल रहा है. भारत के लिए यह मुश्किल समय है. एक तरफ सस्ता तेल चाहिए, दूसरी तरफ अमेरिका से अच्छे रिश्ते. लाखों नौकरियां और निर्यात इस पर निर्भर हैं. सबकी नजरें अब कांग्रेस और सुप्रीम कोर्ट पर हैं.
भारत पर 500 फीसदी टैरिफ लगाएंगे ट्रंप? अमेरिकी संसद में नया बिल पेश करने की तैयारी
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