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Trump का दावा निकला खोखला, ब्रिक्स नेताओं ने धमकी के बावजूद सम्मेलन में दिखाई एकता

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप (Trump) ने दावा किया है कि ब्रिक्स देशों पर 10 प्रतिशत टैरिफ (Tariff) लगाने की उनकी धमकी से ये देश डर गए और अगले दिन बैठक में लगभग कोई नहीं आया. हालांकि, हकीकत यह है कि ब्रिक्स शिखर सम्मेलन अपने तय कार्यक्रम के अनुसार जारी रहा और 11 सदस्य देशों के सभी नेता दूसरे दिन भी बैठक में शामिल हुए.

कब दी थी धमकी ?

6 जुलाई की रात ट्रंप (Trump) ने यह धमकी सोशल मीडिया (Social media) पर दी थी, लेकिन अगले ही दिन रियो डी जनेरियो में ब्रिक्स (BRICS) नेताओं ने पूरी उपस्थिति के साथ दूसरे दिन की बैठक की.

JENIS एक्ट पर हस्ताक्षर

शुक्रवार को व्हाइट हाउस में ‘जीईएनआईयूएस एक्ट’ (JENIS Act) पर हस्ताक्षर के दौरान ट्रंप ने ब्रिक्स को ‘छह देशों का छोटा समूह’ बताया और कहा कि वे डॉलर के प्रभुत्व को खत्म करना चाहते थे और मैंने कहा कि जो भी ब्रिक्स समूह में होगा, उस पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगेगा.

ट्रंप का दावा

ट्रंप ने दावा किया कि अगले दिन उनकी एक बैठक थी और वहां लगभग कोई नहीं पहुंचा. वे डर गए थे, बोले- हमें छोड़ दो, हम टैरिफ नहीं झेलना चाहते. हालांकि, ब्रिक्स के भीतर साझा मुद्रा (करेंसी) लाने के विचार को भारत पहले ही खारिज कर चुका है. भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने स्पष्ट किया है कि डॉलर को हटाने की कोई नीति नहीं है, क्योंकि यह अंतरराष्ट्रीय आर्थिक स्थिरता का आधार है.

ट्रंप ने क्या कहा ?

ट्रंप (Trump) ने कहा कि अगर वे वास्तव में ब्रिक्स मुद्रा बनाने की कोशिश करते हैं, तो वह प्रयास बहुत जल्दी खत्म हो जाएगा. मुझे नहीं लगता कि वे ऐसा कर भी पाएंगे। वे तो अब बैठक करने से भी डरते हैं.

इसे भी पढ़े- Trump Epstein Case: डोनाल्ड ट्रंप ने वॉल स्ट्रीट जर्नल और रूपर्ट मर्डोक पर ठोका मुकदमा, मांगा 10 अरब डॉलर का जुर्माना

सोशल मीडिया पर पोस्ट

6 जुलाई को ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा था कि जो भी देश ब्रिक्स की अमेरिका विरोधी नीतियों के साथ खड़ा होगा, उस पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगेगा.

वैश्विक रिजर्व मुद्रा पर ट्रंप का बयान

जीईएनआईयूएस (JENIS) एक्ट पर हस्ताक्षर समारोह के दौरान ट्रंप ने कहा कि डॉलर का वैश्विक रिजर्व मुद्रा बने रहना अमेरिका के लिए बेहद जरूरी है. उन्होंने कहा कि अगर हमने यह खो दिया, तो यह एक विश्व युद्ध हारने जैसा होगा। हम किसी को भी हमारे साथ खेल खेलने नहीं दे सकते.

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-भारत एक्सप्रेस

(साभार IANS न्यूज एजेंसी)

Pankaj kumar Pandey

मैं पंकज कुमार पाण्डेय हूं और मूल रूप से बिहार के पश्चिम चंपारण से आता हूं, जो सत्याग्रह की धरती है. मेरी शुरुआती पढ़ाई-लिखाई चंपारण में ही हुई है. इसके बाद मैंने महात्मा गांधी सेंट्रल यूनिवर्सिटी मोतिहारी से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया. पढ़ाई पूरी करने के बाद पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की. अब तक विभिन्न मीडिया संस्थानों में काम करते हुए खबरों की दुनिया को करीब से समझा हूं. इस दौरान रिपोर्टिंग, कंटेंट लेखन, रिसर्च और समाचार प्रस्तुति से जुड़े अहम पहलू सीखने को मिले. वर्तमान में मैं भारत एक्सप्रेस में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हूं, जहां मेरी विशेष रुचि राजनीति, विदेश और सामाजिक जागरूकता से जुड़ी खबरों में है. क्योंकि मेरा मानना है कि पत्रकारिता महज एक नौकरी नहीं बल्कि देश और समाज के प्रति जिम्मेदारी है.

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