दुनिया

जेलेंस्की को झाड़ पर चढ़ाकर ट्रंप ने खींच लिया पैर, 3 दिनों तक नहीं दी रूसी मिसाइलों की जानकारी, अब रो रहा यूक्रेन

Russia Ukraine War: यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने बताया कि कुछ समय के लिए हमें रूस की ओर से होने वाले बैलिस्टिक मिसाइल हमलों से जुड़ी जानकारी नहीं मिल पाई. यह खुफिया जानकारी केवल अमेरिका ही उपलब्ध करा सकता है, लेकिन तीन दिन तक अमेरिका ने हमें यह जानकारी नहीं दी. इस वजह से यूक्रेनी सेना को तीन दिन तक रूस के बैलिस्टिक मिसाइल हमलों को लेकर अमेरिकी चेतावनी नहीं मिल सकी.

एनबीसी के कार्यक्रम ‘मीट द प्रेस’ को दिए इंटरव्यू में जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेनी सेना की ओर से इस्तेमाल की जाने वाली कुछ सैटेलाइट संचार सेवाओं पर लगी पाबंदियां अभी पूरी तरह नहीं हटाई गई हैं. इससे अमेरिका की सैन्य और खुफिया मदद को लेकर नए सवाल खड़े हो गए हैं.

जेलेंस्की ने कहा कि जिस जानकारी पर रोक लगी थी, वह ऐसी जानकारी थी जो केवल अमेरिका ही उपलब्ध करा सकता था, खासकर बैलिस्टिक मिसाइल हमलों की पहले से चेतावनी. उन्होंने कहा, “हम रूस के बैलिस्टिक मिसाइल हमलों को पहले से नहीं देख पा रहे थे.”

जेलेंस्की के मुताबिक, यूक्रेन को यूरोपीय देशों और दूसरे साझेदारों से खुफिया जानकारी मिलती रही, लेकिन उनकी क्षमता अमेरिकी सिस्टम जैसी नहीं है.

कुछ समय के लिए रोक दी गई खुफिया जानकारी

उन्होंने कहा कि कई देश हमारी मदद कर रहे हैं, लेकिन सिर्फ अमेरिका के पास ऐसी विशेष खुफिया क्षमता है, जो हमें बता सकती है कि रूस कब बैलिस्टिक मिसाइल इस्तेमाल करने वाला है.

जेलेंस्की ने बताया कि तीन दिनों तक यूक्रेन को ऐसी कोई चेतावनी नहीं मिली. हालांकि, जेलेंस्की ने कहा कि बाद में यह व्यवस्था फिर बहाल कर दी गई. उन्होंने कहा,

कुछ समय के लिए इसे रोक दिया गया था. बाद में अमेरिकी पक्ष ने इसे फिर से शुरू कर दिया. इसके लिए हम बहुत आभारी हैं. अब यह फिर काम कर रहा है.

यह खुलासा ऐसे समय में हुआ है जब रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूक्रेन के बीच तनाव बढ़ता दिखाई दे रहा है.

बीच युद्ध में स्टारलिंग ने नेटवर्क कर दिया ठप

जेलेंस्की ने स्टारलिंक को लेकर भी चिंता जताई. स्टारलिंक, एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स की ओर से संचालित सैटेलाइट इंटरनेट नेटवर्क है, जिसका उपयोग यूक्रेन की सेना भी करती है. जब उनसे पूछा गया कि क्या यह रुकावट जानबूझकर लगाई गई थी, तो उन्होंने कहा कि यूक्रेनी सैन्य अधिकारियों का मानना है कि यह फैसला अमेरिकी सरकार की ओर से आया था. उन्होंने कहा,

संदेश निश्चित रूप से सरकार की तरफ से आया था. मुझे नहीं पता कि किस विभाग या किस अधिकारी की ओर से.

जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेनी अधिकारियों का मानना है कि वॉशिंगटन के निर्देश मिलने के बाद स्पेसएक्स ने तकनीकी रूप से इन पाबंदियों को लागू किया. हालांकि, उन्होंने यह माना कि उन्हें नहीं पता कि अमेरिका में किस अधिकारी ने इसकी अनुमति दी थी.

पूरी तरह नहीं बहाल हुई सैटेलाइट सेवाएं

जब उनसे पूछा गया कि क्या सैटेलाइट सेवाएं पूरी तरह बहाल हो गई हैं, तो उन्होंने जवाब दिया, “नहीं, बिल्कुल नहीं. अभी भी कुछ सीमाएं हैं.”

दूसरी तरफ, अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने जेलेंस्की के दावों को चुनौती दी. उसी कार्यक्रम में अलग इंटरव्यू के दौरान बेसेंट ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप और विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने साफ तौर पर कहा है कि ट्रंप प्रशासन में किसी ने भी स्टारलिंक पर ऐसी कोई पाबंदी लगाने का आदेश नहीं दिया.

बेसेंट ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप और मंत्री रुबियो स्पष्ट रूप से कह चुके हैं कि ट्रंप प्रशासन में किसी ने ऐसा नहीं किया.

उन्होंने जेलेंस्की के आरोपों को गैर-जिम्मेदाराना बताया और कहा कि उन्हें खुफिया जानकारी साझा करने में आई कथित रुकावट के बारे में कोई जानकारी नहीं है. उन्होंने कहा क‍ि मुझे इसके बारे में कुछ नहीं पता, लेकिन हमने अपना रुख पूरी तरह साफ कर दिया

अमेरिकी समर्थन के बिना टिकना मुश्किल

दोनों पक्षों के अलग-अलग दावों के कारण यह मामला अभी भी साफ नहीं है कि संचार सेवाओं में रुकावट किसने पैदा की और अमेरिका ने खुफिया जानकारी साझा करना अस्थायी रूप से क्यों रोका था.

जेलेंस्की ने कहा कि यूरोपीय देशों का समर्थन बढ़ने के बावजूद यूक्रेन अब भी अमेरिकी सैन्य सहायता पर काफी हद तक निर्भर है. उन्होंने कहा क‍ि अगर अमेरिका का समर्थन न हो, तो स्थिति बहुत मुश्किल हो जाती है.

ये भी पढ़ें- चर्च में प्रार्थना के दौरान भरभरा कर गिरा क्रॉस, पादरी की दर्दनाक मौत; VIDEO देख कांप जाएगी रूह

गौरतलब है कि रूस ने फरवरी 2022 में यूक्रेन पर बड़े पैमाने पर हमला शुरू किया था. तब से अमेरिका द्वारा दी जाने वाली खुफिया जानकारी, हथियार और सैटेलाइट संचार सेवाएं यूक्रेन की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रही हैं, खासकर मिसाइल और ड्रोन हमलों से निपटने में.

-भारत एक्सप्रेस

Govind Kumar Singh

मैं गोविंद सिंह हूं और मूल रूप से बिहार के कैमूर की पहाड़ियों वाले इलाके से आता हूं। मेरी शुरुआती पढ़ाई-लिखाई वाराणसी के उदय प्रताप कॉलेज से हुई। इसके बाद मैंने पटना कॉलेज, पटना से मास कम्यूनिकेशन में ग्रेजुएशन किया। पढ़ाई पूरी करने के बाद मैंने पत्रकारिता के क्षेत्र में अपने करियर की शुरुआत की और अलग-अलग संस्थानों में काम करते हुए खबरों की दुनिया को करीब से समझा। अपने पेशेवर सफर में मुझे ईटीवी भारत, इनशॉर्ट्स और श्यामा प्रसाद मुखर्जी रिसर्च फाउंडेशन जैसे संस्थानों के साथ काम करने का अवसर मिला। इन जगहों पर काम करते हुए मैंने रिपोर्टिंग, कंटेंट लेखन, रिसर्च और समाचारों की प्रस्तुति से जुड़ी कई महत्वपूर्ण बातें सीखीं। फिलहाल मैं भारत एक्सप्रेस में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हूं। यहां मेरी मुख्य रुचि विदेश, राजनीति और बिहार से जुड़ी खबरों को कवर करने में है।

Recent Posts

सिर्फ टाइगर ही नहीं, इन स्टार्स के घर पर भी हो चुकी है फायरिंग, देखें पूरी लिस्ट

बॉलीवुड स्टार्स पर हमले और फायरिंग की घटनाएं लगातार बढ़ते जा रहे हैं. हाल ही…

10 minutes ago

‘हे देवेश्वरी! आप भक्तों की संकटों से रक्षा करती हैं’, प्रधानमंत्री मोदी ने मां सिद्धिदात्री से की मंगलकामना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर देवी दुर्गा…

24 minutes ago

योगी सरकार का मास्टरस्ट्रोक! CM योगी ने नवरात्र पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को दिया बंपर तोहफा, बढ़ाकर कर दिया इतना मानदेय

UP Anganwadi Salary: नवरात्र पर सीएम योगी ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को तोहफा देते हुए मानदेय…

42 minutes ago

21 या 22 अक्टूबर, कब है पापांकुशा एकादशी का व्रत? अज्ञान में किए गए पापों से दिलाता है मुक्ति

पापांकुशा एकादशी 2026 की तारीख को लेकर असमंजस है कि व्रत 21 अक्टूबर को रखा…

51 minutes ago

CBSE Board Exam Update: 10वीं-12वीं की LOC जमा करने की लास्ट डेट जारी, जानें कब से लगेगा लेट फीस

CBSE Board Exam 2027: CBSE बोर्ड 10वीं-12वीं परीक्षा 2027 के लिए बिना लेट फीस LOC…

59 minutes ago

20 या 21 अक्टूबर, दशहरा कब है? जानें विजयादशमी 2026 की सही तारीख, रावण दहन और शुभ मुहूर्त

दशहरा 2026 की तारीख को लेकर असमंजस है, क्योंकि आश्विन शुक्ल दशमी तिथि 20 और…

1 hour ago