विश्लेषण

आखिर क्या है इजरायल का बंकर बस्टर बम, जो हमास के ठिकानों को पल भर में कर रहा नेस्तनाबूद?

Israel Palestine War: हमास ने अचानक सोते हुए इजराइल पर रॉकेट्स की बारिश करके इजरायल में भारी तबाही मचाई थी, जिसके बाद इजरायल के प्रधानमंत्री बेजमिन नेतन्याहू ने ऐलान कर दिया है कि यह युद्ध है और इसकी कीमत हमास को ही चुकानी पड़ेगी. इजरायली सेना लगातार गाजा में हमास के ठिकानों पर ताबड़तोड़ हमले बोल रही है, जिसके चलते अब हमास की स्थिति खराब होने लगी है. हमास के ठिकानों को इजरायली सेना पूरी तरह से नेस्तनाबूद करने के उद्देश्य से हमले बोल रही है.

खास बात यह है कि इजरायली सेना एक खास तरह के बम हमास के ठिकानों पर फोड़ रही है, जिसके चलते कुछ ही पलों में गाजा में पूरी बिल्डिंग ही तबाह होती जा रही है और उसका मलबा तक धुआं-धुआं हो जा रहा है. इस खास बम का नाम बंकर बस्टर बम है, लेकिन आखिर इसकी क्या खासियत हैं, जिसके चलते ये कुछ ही पलों तबाही रका मंजर ला सकता है, चलिए आपको इसके बारे में विस्तार से जानकारी देते हैं.

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अमेरिका ने इजात किए थे ये खास बम

दरअसल, इस बंकर बस्टर बम का तकनीकी नाम GBU-28 है. यह इजरायल का वह हथियार जो इस समय हमास पर मौत बनकर बरस रहा है. यह बम बंकरों को उड़ाने और उसमें छिपे दुश्‍मनों को पल में ढेर में बेहतरीन है. गाजा में इजरायल इसका खूब इस्तेमाल कर रहा है. साल 1990 में अमेरिका ने इराक में ऑपरेशन डेजर्ट स्‍ट्रॉम को लॉन्‍च किया था तो उसी समय इसका प्रयोग सद्दाम हुसैन के बंकर को उड़ाने के लिए किया गया था.

इस बम के वजन की बात करें तो यह करीब 5000 पाउंड यानी 2269 किलोग्राम का है. GBU-28 एक लेजर गाइडेड ‘बंकर बस्टिंग’ बम है. इस बम को मूल रूप से वाटरव्लियट आर्सेनल की तरफ से बनाया गया है और जो कि अमेरिका में है. इसे डिजाइन करने का मकसद ही ऑपरेशन डेजर्ट स्‍ट्रॉम के दौरान इराक को गहराई से चोट पहुंचाना था. डेजर्ट स्टॉर्म में सिर्फ दो हथियारों का ही प्रयोग हुआ था. एक और ऐसा बम ऑपरेशन इराकी फ्रीडम के दौरान गिराया गया था. यह बम एडवांस्‍ड नेविगेशन और जीपीएस गाइडेंस सिस्‍टम से लैस है.

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अमेरिका से 2011 में इजरायल ने की थी डील

इजरायल को लेकर कहा जाता है कि उसने साल 2-015 में पहली बार इसका प्रयोग किया था. इजरायल पर आरोप लगते रहे हैं कि उसने अल्दालू परिवार को मारने के लिए GBU-28 ‘बंकर-बस्टर’ मिसाइलों का प्रयोग किया था.इन्‍हें कभी-कभी ‘डीप थ्रोट’ भी कहा जाता है. पांच मीटर लंबे ये बम घरों में घुसकर विस्फोट करते हैं. पहले भी गाजा में इन बमों का प्रयोग इजरायल ने किया था. कुछ इसी प्रकार इस बार हमास को नेस्तनाबूद करने के लिए इन्हीं बंकर बस्टर बमों का प्रयोग कर रहा है, जिससे जल्द से हमास को नामोनिशान मिटाया जा सके. बता दें कि साल 2011 में इजराइल ने बराक ओबामा के राष्ट्रपति रहते अमेरिकी से इन खास बमों की डील साइन की थी.

-भारत एक्सप्रेस

कृष्णा बाजपेई

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