दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में समलैंगिक विवाह का समर्थन किया. DCPCR ने कहा सरकार को जागरूकता फैलानी चाहिए कि समान सेक्स परिवार सामान्य हैं. DCPCR ने समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता देने के मामले में हस्तक्षेप याचिका दाखिल किया. याचिका में समान-लिंग विवाहों और उनके गोद लेने के अधिकार का समर्थन किया. DCPCR ने कहा कि वर्तमान में 50 से देश समलैंगिक विवाह वाले जोड़ों को कानूनी रूप से बच्चों को गोद लेने की अनुमति दी है. याचिका में कहा विषमलैंगिक माता-पिता की तुलना में समान-लिंग वाले जोड़ों को पालन-पोषण में अच्छा या बुरा होने के संबंध में कोई फायदा या नुकसान नहीं है.
एशियन गेम्स में भारत को 3 गोल्ड मेडल जिताने वाले कंपाउंड आर्चरी टीम के कोच…
मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह…
एमजेपी रुहेलखंड यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. अनिल कुमार राय ने सीएम योगी आदित्यनाथ से शिष्टाचार…
PM MODI CHENNAI VISIT ON 11 OCTOBER: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 अक्टूबर को तमिलनाडु के…
लखनऊ के हजरतगंज में कैफे संचालक शिवा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला गरमा गया…
Uttarkashi Earthquake: उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में शनिवार रात 8:07 बजे 4.2 तीव्रता का भूकंप…