दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में समलैंगिक विवाह का समर्थन किया. DCPCR ने कहा सरकार को जागरूकता फैलानी चाहिए कि समान सेक्स परिवार सामान्य हैं. DCPCR ने समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता देने के मामले में हस्तक्षेप याचिका दाखिल किया. याचिका में समान-लिंग विवाहों और उनके गोद लेने के अधिकार का समर्थन किया. DCPCR ने कहा कि वर्तमान में 50 से देश समलैंगिक विवाह वाले जोड़ों को कानूनी रूप से बच्चों को गोद लेने की अनुमति दी है. याचिका में कहा विषमलैंगिक माता-पिता की तुलना में समान-लिंग वाले जोड़ों को पालन-पोषण में अच्छा या बुरा होने के संबंध में कोई फायदा या नुकसान नहीं है.
H1B Visa Rules 2026: H-1B वीजा पर $1,00,000 की भारी फीस वाला आदेश एक साल…
IGI Airport gold seized: दिल्ली के IGI एयरपोर्ट पर कस्टम AIU ने दुबई से आए…
Chief Minister Scooty Scheme MP: मध्य प्रदेश सरकार ने मेधावी छात्रों को बड़ा तोहफा देते…
High Court Judges Appointment: चार हाई कोर्ट्स में 14 न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति को राष्ट्रपति…
Unique Navratri Ideas: गरबा ग्राउंड पर अकेले खड़े रहने का जमाना गया! अब गुजरात में…
Bihar News: बिहार विधान परिषद चुनाव से पहले जेडीयू में बड़ा विवाद खड़ा हो गया…