केंद्रीय गृह एवं सहकार मंत्री अमित शाह (Amit Shah) सोमवार को गुजरात के राजकोट पहुंचे, जहां उन्होंने सहकारी क्षेत्र को और मजबूत बनाने का आह्वान किया. साथ ही उन्होंने किसानों को जीएसटी दरों में कमी से मिलने वाले लाभ का उल्लेख करते हुए कहा कि यह नवरात्रि पर किसानों को मिली एक बड़ी सौगात है.
राजकोट दौरे के दौरान अमित शाह राजकोट जिला सहकारी बैंक की साधारण सभा और किसान महासम्मेलन में शामिल हुए. इस अवसर पर उन्होंने सहकारी क्षेत्र को समर्पित कई घोषणाएं की और क्षेत्र के महानुभावों को नमन किया. कार्यक्रम के दौरान उन्होंने बैंक के पूर्व चेयरमैन सरदार वल्लभभाई पटेल और स्व. विठ्ठलभाई रादड़िया की प्रतिमाओं का अनावरण किया. शाह ने कहा कि इन महान नेताओं का योगदान सहकारी आंदोलन को मजबूती देने और किसानों को संगठित करने में हमेशा याद किया जाएगा.
अपने संबोधन में उन्होंने याद दिलाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2021 में सहकार मंत्रालय का गठन किया था, जो किसानों, मछुआरों और पशुपालकों के लिए ऐतिहासिक कदम है. इस मंत्रालय के जरिए सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि सहकारी संस्थाओं का लाभ सीधे साधारण किसानों तक पहुंचे. अमित शाह ने यह भी कहा कि सहकारी आंदोलन की मजबूती से ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी.
उन्होंने सौराष्ट्र के किसानों से अपील की कि वे रासायनिक खादों का उपयोग घटाकर जैविक खेती की ओर बढ़ें. उनका कहना था कि वैश्विक स्तर पर ऑर्गेनिक उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है और भारत यदि इस क्षेत्र में आगे बढ़ेगा तो किसानों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा.
अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश लगातार प्रगति कर रहा है. सहकारी क्षेत्र में भी कई सुधार किए गए हैं ताकि ‘सहकारिता से समृद्धि’ की योजना को आगे बढ़ाया जा सके. उन्होंने किसानों को जीएसटी दरों में कमी से मिलने वाले लाभ का उल्लेख करते हुए कहा कि यह नवरात्रि पर किसानों को मिली एक बड़ी सौगात है. उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री मोदी का आभार भी व्यक्त किया.
गृह मंत्री ने अपने भाषण के अंत में किसानों और सहकारी संगठनों से आह्वान किया कि वे एकजुट होकर सहकारिता को और मजबूत करें, क्योंकि यही भारत की आत्मनिर्भरता और समृद्धि की कुंजी है. गौरतलब है कि अमित शाह रविवार से ही दो दिवसीय गुजरात दौरे पर हैं.
नवरात्रि के प्रथम दिन वे सूरत के कोसमाडा स्थित एंथम सर्कल में निर्माणाधीन इस्कॉन मंदिर के भूमिपूजन में शामिल हुए. करीब 101 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह भव्य मंदिर धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र होगा.
मंदिर परिसर में महिला रोजगार केंद्र, स्वास्थ्य क्लिनिक और गरीबों के लिए मुफ्त भोजन जैसी सामाजिक पहलें भी शुरू की जाएंगी. इस परियोजना को शाह ने समाज सेवा और आध्यात्मिकता का अद्भुत संगम बताया.
ये भी पढ़ें: GST Bachat Utsav: पीएम मोदी ने देशवासियों को नवरात्री की दी शुभकामनाएं, स्वदेशी अपनाने की अपील
-भारत एक्सप्रेस
Anil Vij reaction to Rahul Gandhi: हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने राहुल गांधी…
Ayurveda Ahar Guidelines: आयुष मंत्रालय ने 'आयुर्वेद आहार' को बढ़ावा देने के लिए परंपरा, सही…
भारतीय सेना के टी-72 और टी-90 टैंकों को अब स्वदेशी तकनीक से बिजली मिलेगी. रक्षा…
द लैंसेट की नई स्टडी के अनुसार, मिडिल एज में ब्लड टेस्ट के जरिए अल्जाइमर…
सोशल मीडिया पर कांग्रेस द्वारा 19 सितंबर को आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम का एक…
SAMBHAL AT UP TRADE SHOW: उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के…