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GST Bachat Utsav: पीएम मोदी ने देशवासियों को नवरात्री की दी शुभकामनाएं, स्वदेशी अपनाने की अपील

प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि नागरिक देवो भव हमारा मंत्र है. पिछले 11 वर्षों में हमारे प्रयासों से 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए हैं. देश में एक नया मिडिल क्लास तैयार हुआ है.

PM Narendra Modi

GST Bachat Utsav: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को पत्र लिखकर देशवासियों को नवरात्री की शुभकामनाएं दी और स्वदेशी अपनाने की अपील की. उन्होंने बताया कि जीएसटी स्लैब को चार से घटाकर दो (5 और 18 प्रतिशत) करने से रोजमर्रा की जरूरतों जैसे खाना, दवाइयां, साबुन, टूथपेस्ट और बीमा आदि या तो कर-मुक्त होंगे या 5 प्रतिशत के न्यूनतम स्लैब में आएंगे. पहले 12 प्रतिशत जीएसटी वाली वस्तुएं अब लगभग पूरी तरह 5 प्रतिशत में आ गई हैं. इससे उपभोक्ताओं को सस्ते दामों का लाभ मिलेगा, जिससे उनकी बचत बढ़ेगी और खर्च करने की क्षमता मजबूत होगी.

पीएम मोदी (PM Modi) ने पत्र लिखकर देशवासियों से त्योहारी सीजन में ‘जीएसटी बचत उत्सव’ मनाने की अपील की. उन्होंने कहा, “यह त्योहारी सीजन ‘जीएसटी बचत उत्सव’ के साथ और खास हो गया है. ये सुधार समाज के हर वर्ग, किसान, महिला, युवा, गरीब, मध्यम वर्ग, व्यापारी और एमएसएमई, को लाभान्वित करेंगे. कम कर दरों से घरेलू खर्च कम होंगे, जिससे लोग घर बनाने, वाहन खरीदने या छुट्टियां मनाने जैसी आकांक्षाएं पूरी कर सकेंगे.” उन्होंने बताया कि 2017 में शुरू हुई जीएसटी यात्रा ने ‘एक राष्ट्र, एक कर’ की अवधारणा को साकार किया और अब ये सुधार व्यवस्था को और सरल बनाएंगे.

नागरिक देवो भव हमारा मंत्र है

प्रधानमंत्री मोदी ने बताया, “नागरिक देवो भव हमारा मंत्र है. पिछले 11 वर्षों में हमारे प्रयासों से 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए हैं. देश में एक नया मिडिल क्लास तैयार हुआ है. अब इसे और सशक्त बनाया जा रहा है. हमने मध्यम वर्ग को भी मजबूत किया है. 12 लाख रुपए तक की आय पर कोई टैक्स नहीं लिया जा रहा है. अगर इनकम टैक्स में छूट और नए जीएसटी रिफॉर्म (GST Reforms) को मिलाकर देखें, तो देशवासियों के सालाना लगभग 2.5 लाख करोड़ रुपए बचेंगे. देश में 2047 तक विकसित भारत का संकल्प लिया है और इसे सिद्ध करने के लिए आत्मनिर्भरता के रास्ते पर चलना जरूरी है. नए जीएसटी रिफॉर्म्स से आत्मनिर्भर भारत अभियान को भी तेज गति मिलेगी.”

आत्मनिर्भरता के लिए स्वदेशी को जीवन का हिस्सा बनाएं

अपने पत्र में पीएम मोदी ने कहा, “आत्मनिर्भरता के लिए आवश्यक है कि हम स्वदेशी को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं. चाहे ब्रांड कोई भी हो, कंपनी कोई भी हो, अगर उसमें भारतीय श्रमिक और कारीगर की मेहनत लगी है, तो वो स्वदेशी है. जब भी आप अपने देश के कारीगरों, श्रमिकों और इंडस्ट्री के बनाए सामान को खरीदते हैं, तो आप कई परिवारों की रोजी-रोटी में मदद करते हैं और देश के युवाओं के लिए रोजगार पैदा करते हैं. मैं अपने दुकानदारों और व्यापारियों से भी अपील करता हूं कि वो स्वदेशी सामान ही बेचें. आइए गर्व से कहें, ‘यह स्वदेशी है.’ मेरी यही कामना है कि आपके घर की बचत बढ़े, आपके सपने पूरे हों और आप अपनी पसंद की चीजों के साथ त्योहारों की चमक बढ़ाएं…”

पीएम मोदी ने अरुणाचल प्रदेश के ईटानगर में व्यापारियों से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने जीएसटी सुधारों पर खुशी जताई. स्थानीय उत्पाद जैसे चाय, अचार, हल्दी और हस्तशिल्प की प्रदर्शनी देखकर उन्होंने स्वदेशी को बढ़ावा देने का संदेश दोहराया.


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-भारत एक्सप्रेस



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