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अदाणी पोर्ट्स का यूरोप में सबसे बड़ा अधिग्रहण: ₹23,000 करोड़ में खरीदेगी Evos B.V., ग्लोबल लिक्विड स्टोरेज में बनेगी महाशक्ति

अदाणी ग्रुप की प्रमुख बंदरगाह और लॉजिस्टिक्स कंपनी ‘अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन लिमिटेड’ (APSEZ) ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने विस्तार की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया है. APSEZ ने यूरोप की दूसरी सबसे बड़ी स्वतंत्र लिक्विड स्टोरेज ऑपरेटर कंपनी नीदरलैंड्स स्थित ‘इवोस बी.वी.’ (Evos B.V.) की 100 प्रतिशत हिस्सेदारी का अधिग्रहण करने के लिए बाध्यकारी समझौता किया है. इग्नियो इंफ्रास्ट्रक्चर पार्टनर्स (Igneo Infrastructure Partners) के साथ हुआ यह ऑल-कैश सौदा €2.56 अरब (लगभग ₹23,000 करोड़) के एंटरप्राइज वैल्यू और €1.18 अरब के इक्विटी वैल्यू पर तय हुआ है.

यूरोप के 5 देशों में फैले 8 लिक्विड टर्मिनल और 452 टैंक

इवोस बी.वी. यूरोप के सबसे व्यस्त और रणनीतिक ऊर्जा केंद्रों – नीदरलैंड्स, जर्मनी, स्पेन, बेल्जियम और माल्टा के प्रमुख बंदरगाहों पर 8 अत्याधुनिक लिक्विड स्टोरेज टर्मिनलों का संचालन करती है. कंपनी के बुनियादी ढांचे में 452 टैंक, 63 वेसल व बार्ज बर्थ और व्यापक पाइपलाइन नेटवर्क शामिल हैं, जिनकी कुल स्टोरेज क्षमता 63 लाख क्यूबिक मीटर है. वर्ष 2025 में कंपनी ने 3.7 करोड़ मीट्रिक टन लिक्विड कार्गो का प्रबंधन किया. यह नेटवर्क एम्स्टर्डम-रॉटरडैम-एंटवर्प (ARA), हैम्बर्ग और भूमध्यसागरीय औद्योगिक कॉरिडोर को सीधे ईंधन और रसायनों की आपूर्ति करता है.

पारंपरिक ईंधनों के साथ सस्टेनेबल फ्यूल और ग्रीन एनर्जी का बड़ा आधार

यह अधिग्रहण केवल पारंपरिक पेट्रोलियम उत्पादों तक सीमित नहीं है, बल्कि यूरोप के हरित ऊर्जा बदलाव (Green Energy Transition) में भी रणनीतिक भूमिका निभाएगा. इवोस के टर्मिनलों पर पारंपरिक ईंधन के साथ-साथ सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (SAF), बायोफ्यूल, मेथनॉल और बायोएथेनॉल का बड़े पैमाने पर सुरक्षित भंडारण किया जाता है. वैश्विक वित्तीय दिग्गज MUFG ने इस अधिग्रहण के लिए €2.8 अरब तक की फंडिंग प्रतिबद्धता दी है. विनियामक मंजूरियों के बाद वित्त वर्ष 2027 तक संयुक्त इकाई का नेट डेट-टू-एबिटा (Net Debt-to-EBITDA) अनुपात लगभग 2.5 गुना रहने का अनुमान है.

10 देशों के 28 बंदरगाहों तक पहुंचेगा अदाणी पोर्ट्स का नेटवर्क: करण अदाणी

इस ऐतिहासिक सौदे पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए APSEZ के प्रबंध निदेशक करण अदाणी ने कहा, “यह अधिग्रहण 1 अरब टन (1 बिलियन टन) कार्गो हैंडलिंग के हमारे दीर्घकालिक लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में एक बेहद महत्वपूर्ण मील का पत्थर है. यह रणनीतिक सौदा वैश्विक लिक्विड स्टोरेज और प्रमुख ऊर्जा केंद्रों में अदाणी पोर्ट्स की उपस्थिति को अभूतपूर्व मजबूती देगा, साथ ही यूरोप के टिकाऊ ऊर्जा बदलाव में भी मददगार बनेगा.” इस सौदे के साथ ही अदाणी पोर्ट्स का अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क 10 देशों में 28 बंदरगाहों व टर्मिनलों तक फैल जाएगा, जिससे कंपनी विश्वस्तरीय एकीकृत ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स प्लेटफॉर्म के रूप में और सुदृढ़ होगी.

Bharat Express Desk

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