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मखाना बोर्ड: बिहार को विश्‍व पटल पर लाने की दिशा में अहम कदम

संजय कुमार झा


बिहार के मखाना उद्योग को बढ़ावा देने के लिए केंद्रीय बजट 2025-26 में मखाना बोर्ड की स्थापना का ऐलान एक ऐतिहासिक कदम है. यह कदम किसानों को सशक्त बनाएगा, रोजगार सृजन करेगा, निर्यात बढ़ाएगा और राज्य की अर्थव्यवस्था को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाएगा.

मखाना बिहार की एक महत्वपूर्ण कृषि उत्पाद है, जो विश्व के 85 प्रतिशत उत्पादन का हिस्सा है. पिछले दशक में मखाना की खेती में जबरदस्त बदलाव आया है. पारंपरिक तालाब आधारित खेती से अब खेत आधारित खेती की ओर कदम बढ़ा है. इस बदलाव के साथ खेती का क्षेत्रफल 35,000 हेक्टेयर से अधिक हो गया है और उत्पादन में दो गुना वृद्धि हुई है, जो वर्तमान में 56,000 टन से अधिक है.

मखाना बोर्ड की स्थापना

मखाना बोर्ड की स्थापना से मखाना के उत्पादन, प्रसंस्करण और विपणन में महत्वपूर्ण सुधार होंगे. बोर्ड किसानों को प्रशिक्षण, संसाधन और वित्तीय सहायता प्रदान करेगा, जिससे वे आधुनिक खेती की तकनीक अपनाकर अधिक उत्पादन कर सकें. इसके अलावा, मखाना के उच्च-उत्पादक किस्मों का विकास और बेहतर खेती की पद्धतियों को बढ़ावा मिलेगा.

कृषि उत्पादन में सुधार

बिहार सरकार किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए कई योजनाएं चला रही है. मखाना बोर्ड के माध्यम से किसानों को आधुनिक उपकरण और तकनीकी सहायता दी जाएगी, जिससे उनकी उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी. इसके अलावा, राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी संस्थान भी बिहार में स्थापित किया जा रहा है, जो मखाना प्रसंस्करण को बढ़ावा देगा.

वैश्विक मांग में बढ़ोतरी

मिथिला मखाना को भौगोलिक संकेत (GI) टैग मिलने के बाद इस उत्पाद की वैश्विक मांग में बढ़ोतरी हो सकती है. इसके साथ ही, बिहार के एयरपोर्ट जैसे दरभंगा और पूर्णिया एयरपोर्ट का विकास भी निर्यात को बढ़ावा देगा. पटना का नया हवाई अड्डा भी नए बाजारों के लिए दरवाजे खोल सकता है.

किसानों का सशक्तिकरण

किसानों को सशक्त बनाने के लिए किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) का गठन किया गया है. यह संगठनों किसानों को संसाधन, प्रशिक्षण और उच्च गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध कराएंगे, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी.

उत्पादन का आर्थिक योगदान

2025 तक मखाना के उत्पादन क्षेत्र को बढ़ाकर 70,000 हेक्टेयर करने की योजना है, जिससे मखाना के उत्पादन से संबंधित रोजगार अवसरों में वृद्धि होगी. किसानों की आय में भी भारी वृद्धि होने की संभावना है. इस प्रकार, मखाना बोर्ड बिहार के मखाना उद्योग को एक नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. यह बोर्ड किसानों को सशक्त करेगा, रोजगार के अवसर पैदा करेगा और मखाना उत्पाद को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाएगा.

(लेखक राज्यसभा सांसद और जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष हैं, उनका यह आलेख एक इंग्लिश पोर्टल पर पब्लिश हुआ था)

Bharat Express Desk

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