अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी
Adani Group Stocks: अडानी ग्रुप (Adani Group) पर हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के बीच वित्त सचिव टी वी सोमनाथन ने कहा कि अडानी ग्रुप के शेयरों में भारी गिरावट से शेयर बाजार में मची आपाधापी वृहद-आर्थिक नजरिये से ‘चाय के प्याले में उठा तूफान’ भर है. हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट के बाद अडानी ग्रुप की कंपनियों के शेयर धड़ाम हो गए हैं.
पीटीआई की खबर के मुताबिक, वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी सोमनाथन ने कहा कि भारत की सार्वजनिक वित्तीय प्रणाली काफी मजबूत है और शेयर बाजार की उठापटक सरकार की चिंता का विषय नहीं है. उन्होंने कहा कि इस बारे में जरूरी कदम उठाने के लिए स्वतंत्र नियामक मौजूद हैं.
अडानी ग्रुप की कंपनियों पर लगे धोखाधड़ी के आरोपों का बैंकों एवं बीमा कंपनियों पर संभावित असर के बारे में पूछे जाने पर वित्त सचिव ने कहा, “जमाकर्ताओं या पॉलिसीधारकों या इन कंपनियों के किसी भी शेयरधारक के लिए वित्तीय स्थिरता को लेकर चिंता की कोई बात नहीं है. किसी भी एक कंपनी का शेयर ऐसा नहीं है कि वह वृहद-आर्थिक स्तर पर कोई असर डाल सके. लिहाजा उस नजरिये से चिंता की कोई बात नहीं है.”
अडानी ग्रुप की कंपनियों का मूल्यांकन पिछले दस दिनों में 100 अरब डॉलर तक गिर चुका है. ग्रुप की अग्रणी कंपनी अडानी एंटरप्राइजेज के शेयर दिसंबर के अपने उच्च भाव से अब तक 70 प्रतिशत तक लुढ़क चुके हैं. सोमनाथन ने अडानी समूह के शेयरों में भारी गिरावट का विनिवेश संग्रह के संशोधित अनुमानों पर कोई असर पड़ने की आशंका से भी इनकार किया. उन्होंने कहा कि यह एक किनारे पर चलने वाला मामला है. शेयर बाजार और निवेश में दिलचस्पी रखने वाले उसे लेकर उत्सुक हैं, लेकिन वृहद-आर्थिक नजरिये से यह कोई मुद्दा नहीं है. हमारी राय में यह पूरी तरह गैर-मुद्दा है, वृहद-आर्थिक नजरिये से यह चाय के प्याले में उठा तूफान भर है.” हिंडनबर्ग रिसर्च की एक रिपोर्ट में अडानी ग्रुप पर शेयरों की कीमतें बढ़ाने के लिए धोखाधड़ी किए जाने के आरोप लगने के बाद से लगातार बिकवाली हो रही है. इस दौरान अडाणी एंटरप्राइजेज को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है.
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वहीं देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने कहा कि अडानी ग्रुप की कंपनियों को उसने करीब 27,000 करोड़ रुपये का लोन दिया हुआ है जो कुल वितरित ऋणों का सिर्फ 0.88 प्रतिशत है. एसबीआई के चेयरमैन दिनेश खारा ने कहा कि बैंक की ऐसी धारणा नहीं है कि अडानी ग्रुप अपनी कर्ज देनदारियों को पूरा करने में किसी तरह की चुनौती का सामना कर रहा है. साथ ही उन्होंने कहा कि एसबीआई ने ग्रुप को शेयरों के एवज में कोई कर्ज नहीं दिया है. खारा ने कहा कि अडानी ग्रुप के प्रोजेक्ट्स को कर्ज देते समय भौतिक संपत्तियों एवं समुचित नकदी प्रवाह को ध्यान में रखा गया है. साथ ही उन्होंने कहा कि इस समूह का बकाया कर्ज चुकाने का रिकॉर्ड बहुत अच्छा रहा है.
-भारत एक्सप्रेस
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