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AI बेस्ड ऐप Bhashini की मदद से पंचायत शासन का स्वरूप बदल रही है सरकार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वदेशी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के दृष्टिकोण के बाद सरकार ने भाषानी (Bhashini) ऐप के माध्यम से ग्रामीण शासन के लिए कई परिवर्तनकारी उपकरण लॉन्च किए हैं.

पंचायती राज मंत्रालय ईग्राम स्वराज (eGramSwaraj) नामक अपने पोर्टल का उपयोग एआई टूल का अधिकतम उपयोग करने के लिए कर रहा है, ताकि इसे 22 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध कराया जा सके. यह पोर्टल अब कुछ को छोड़कर लगभग सभी क्षेत्रीय भाषाओं में सेवाएं दे रहा है.

इन 22 भाषाओं में बोडो और संथाली जैसी आदिवासी समुदायों की मूल भाषाएं भी शामिल हैं और इसके अलावा सूची में नेपाली, मैथिली, डोगरी, संस्कृत और उर्दू के साथ-साथ अन्य राज्य-विशिष्ट भाषाएं भी शामिल हैं.

हिंदी वर्चस्व का मुकाबला करेगा

इसने क्षेत्र-विशिष्ट स्थानीय भाषाओं के माध्यम से सुव्यवस्थित नियोजन, बजट और निगरानी को सक्षम करके पंचायत संचालन को बढ़ावा दिया है. इस प्रक्रिया में शामिल मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि भाषाई बाधाओं को तोड़कर, पोर्टल अब समावेशी भागीदारी, बेहतर सेवा वितरण सुनिश्चित करता है और पंचायतों को स्थानीय जरूरतों को प्रभावी ढंग से संबोधित करने के लिए सशक्त बनाता है.

इसके अतिरिक्त, मंत्रालय अपने सम्मेलनों और संगोष्ठियों के लिए भाषिनी ऐप के वाणियानुवाद (Voice To Voice Translation) का उपयोग कर रहा है, जिससे कंटेंट को स्थानीय भाषाओं में वितरित किया जा सकता है.

अधिकारी ने कहा, “यह नवाचार पहुंच को बढ़ाता है, निर्बाध संचार सुनिश्चित करता है और ग्रामीण शासन में समावेशिता को बढ़ावा देता है. यह कदम न केवल समावेशिता को बढ़ावा देता है, बल्कि हिंदी वर्चस्व का भी मुकाबला करता है, जो सभी समुदायों को सशक्त बनाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है.”

11 भाषाओं में लाइव-स्ट्रीमिंग

‘सबकी योजना सबका विकास’ जन योजना अभियान 2024, पर हाल ही में आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला में भाषिनी ऐप के एआई-संचालित उपकरणों ने बंगाली, तमिल, गुजराती और तेलुगु सहित आठ क्षेत्रीय भाषाओं में लाइव प्रसारण की सुविधा प्रदान की, जिससे बहुभाषी जुड़ाव के लिए एक नई शुरुआत हुई.

हैदराबाद में दो सप्ताह पहले आयोजित जीवन की सुगमता (Ease of Living) जमीनी स्तर पर सेवा वितरण को बढ़ावा देने पर पंचायत सम्मेलन के दौरान मंत्रालय ने 11 भाषाओं में लाइव-स्ट्रीमिंग के साथ अपने प्रयासों को और आगे बढ़ाया. उपस्थित लोगों की ओर से मिले जबरदस्त समर्थन के बाद मंत्रालय ने पिछले सप्ताह आयोजित आगरा सम्मेलन में इस कार्यक्रम को लागू किया.

एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “सार्वजनिक संबोधन और अन्य कार्यवाही 11 भाषाओं में स्ट्रीम की गई, जिसने पंचायत प्रणाली के सदस्यों के साथ संचार को फिर से परिभाषित किया है.”


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-भारत एक्सप्रेस

Md Shadan Ayaz

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