एजुकेशन

छात्रों की बल्ले-बल्ले: यूपी बोर्ड ने बदले कॉपी चेक करने के तरीकें, जानें कैसे मिलेगा फायदा?

UP Board Exam 2026: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) यानी यूपी बोर्ड की परीक्षा दे रहे लाखों छात्र-छात्राओं के लिए एक ऐसी खबर आई है, जो उनके चेहरे पर मुस्कान ला देगी. अगर आपको भी गणित के लंबे सवालों या विज्ञान के कठिन समीकरणों से डर लगता था, तो अब घबराने की जरूरत नहीं है. यूपी बोर्ड ने इस साल कॉपियां जांचने के नियमों में दो ऐसे क्रांतिकारी बदलाव किए हैं, जिनसे न सिर्फ छात्रों के पास होने की संभावना बढ़ जाएगी, बल्कि रिजल्ट में होने वाली गलतियां भी पूरी तरह खत्म हो जाएंगी.

CBSE वाली जांच!

अक्सर छात्रों के साथ ऐसा होता है कि वे गणित का पूरा सवाल सही हल करते हैं, लेकिन आखिरी लाइन में कैलकुलेशन की एक छोटी सी गलती की वजह से पूरा सवाल काट दिया जाता था. 5 नंबर का सवाल होने के बावजूद हाथ में ‘जीरो’ आता था. लेकिन अब ऐसा नहीं होगा. सीबीएसई की तर्ज पर अब यूपी बोर्ड भी ‘स्टेप मार्किंग’ लागू कर रहा है.

इसका मतलब यह है कि अगर आपने कोई सवाल आधा भी सही किया है, तो आपको उसके हिस्से के नंबर जरूर मिलेंगे. मान लीजिए कोई सवाल 5 नंबर का है और आपने उसके 3 स्टेप्स बिल्कुल सही लिखे हैं, तो आपको 3 नंबर दे दिए जाएंगे. बोर्ड ने परीक्षकों को सख्त निर्देश दिए हैं कि छात्रों की मेहनत को बेकार न जाने दें और उनके हर सही कदम की कद्र करें. इससे औसत छात्रों को पास होने में बड़ी मदद मिलेगी.

कंप्यूटर स्क्रीन पर जांची जाएंगी कॉपियां

यूपी बोर्ड अब पुराने ढर्रे को छोड़कर पूरी तरह ‘हाई-टेक’ होने जा रहा है. अब मास्टर जी बंडल के बंडल पन्ने नहीं पलटेंगे, बल्कि कॉपियों की चेकिंग ऑनलाइन होगी. इस सिस्टम के तहत कॉपियों को स्कैन करके डिजिटल फॉर्मेट में सर्वर पर अपलोड कर दिया जाएगा. शिक्षक कंप्यूटर स्क्रीन पर कॉपी देखेंगे और वहीं नंबर फीड करेंगे.

इससे दो बड़े फायदे होंगे. पहला यह कि नंबरों को जोड़ने में होने वाली इंसानी गलतियां (Human Error) खत्म हो जाएंगी. अक्सर शिकायत आती थी कि छात्र ने लिखा तो सही था, लेकिन नंबर जुड़ना छूट गए. ऑनलाइन सिस्टम में ऐसा मुमकिन नहीं होगा. दूसरा फायदा यह कि जैसे ही टीचर नंबर देगा, वे सीधे बोर्ड के डेटाबेस में सेव हो जाएंगे, जिससे रिजल्ट तैयार करने में लगने वाला समय आधा रह जाएगा.

डिजिटल चेकिंग से क्या होगा फायदा?

डिजिटल चेकिंग से धांधली और पक्षपात की गुंजाइश भी खत्म हो जाएगी. बोर्ड के अधिकारी किसी भी वक्त यह चेक कर सकते हैं कि किस टीचर ने कैसी मार्किंग की है. इससे उन होनहार छात्रों को सबसे ज्यादा फायदा होगा, जिन्हें लगता था कि उनकी कॉपी सही से नहीं जांची गई. अब हर छात्र को उसकी मेहनत का पूरा हक मिलेगा.

बता दें कि प्रदेश के कई जिलों में मूल्यांकन केंद्रों को इसके लिए अपडेट किया जा रहा है. हाई-स्पीड इंटरनेट और कंप्यूटर लैब तैयार की जा रही हैं ताकि रिजल्ट में किसी भी तरह की देरी न हो.

ये भी पढ़ें: ये कैसे हुआ…? UPSC रिजल्ट में बड़ा ट्विस्ट! 301वीं रैंक पर दो आकांक्षा सिंह, दोनों के रोल नंबर भी सेम, अंतर बस एक

-भारत एक्सप्रेस

Vaibhav Gupta

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