UPSC रिजल्ट में आया बड़ा ट्विस्ट: 301वीं रैंक पर दो आकांक्षा सिंह का दावा
Akanksha Singh UPSC Controversy:संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सेवा परीक्षा 2025 का अंतिम परिणाम 6 मार्च 2026 को जारी किया. इस परीक्षा में कुल 958 कैंडिडेटों को विभिन्न सेवाओं के लिए चुना गया. टॉप रैंक पर अनुज अग्निहोत्री (AIR 1), राजेश्वरी सुवे (AIR 2) और अकांश धुल (AIR 3) रहे. लेकिन परिणाम के साथ ही एक बड़ा विवाद सामने आ गया है. मेरिट लिस्ट में 301वीं रैंक पर सिर्फ ‘आकांक्षा सिंह’ का नाम दर्ज है, लेकिन दो अलग-अलग लड़कियां खुद को इसी रैंक की हकदार बता रही हैं.
दोनों कैंडिडेट कौन हैं?
पहली आकांक्षा सिंह बिहार के भोजपुर जिले के आरा से हैं. वे स्वर्गीय ब्रह्मेश्वर मुखिया (रणवीर सेना के संस्थापक) की पोती हैं. उनके पिता का नाम इंदुभूषण सिंह है. परिणाम आने के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी सफलता का जश्न मनाया. कई जगहों पर उन्हें बधाइयां मिलीं. कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया कि उन्होंने दूसरी बार में यह रैंक हासिल की और आईआरएस (Indian Revenue Service) के लिए चुनी गई हैं.
दूसरी आकांक्षा सिंह उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले से हैं, लेकिन दिल्ली में रहती हैं. वे पेशे से डॉक्टर हैं और AIIMS पटना से पढ़ाई की है. उन्होंने भी दावा किया कि 301वीं रैंक उनकी है. उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर कहा कि उनका एडमिट कार्ड और इंटरव्यू लेटर असली सबूत हैं. उन्होंने कहा, “मुझे पता चला कि एक और लड़की भी इसी रैंक का दावा कर रही है, इसलिए मैं क्लियर करना चाहती हूं कि रैंक मेरी है.”
रोल नंबर में क्या है राज?
दोनों के एडमिट कार्ड पर रोल नंबर 0856794 ही लिखा है. UPSC की आधिकारिक मेरिट लिस्ट में भी इसी रोल नंबर के साथ आकांक्षा सिंह का नाम 301वीं रैंक पर है. लेकिन यहां बड़ा अंतर है. दिल्ली वाली आकांक्षा सिंह के एडमिट कार्ड में रोल नंबर का बारकोड पूरी तरह मेल खाता है. जबकि बिहार वाली के एडमिट कार्ड में बारकोड अलग नंबर (जैसे 0856569) दिख रहा है, जो मेल नहीं खाता. इस वजह से दिल्ली वाली का दावा ज्यादा मजबूत लग रहा है.
सोशल मीडिया पर हंगामा
परिणाम आने के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई. एक तरफ बिहार वाली आकांक्षा को बधाइयां मिल रही थीं, तो दूसरी तरफ लोग सबूत मांगने लगे. गाजीपुर वाली आकांक्षा ने अपने डॉक्यूमेंट्स शेयर कर फर्जी दावे की शिकायत की. कई यूजर्स ने कहा कि नाम एक जैसा होने से कन्फ्यूजन हुआ, लेकिन असली कैंडिडेट वही है जिसके डॉक्यूमेंट्स UPSC लिस्ट से मैच करते हैं. कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया कि बिहार वाली आकांक्षा सिंह की रैंक 454वीं हो सकती है, लेकिन यह पुष्टि नहीं हुई.
मामले पर UPSC ने क्या कहा?
UPSC ने अब तक इस विवाद पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है. आयोग आमतौर पर ऐसे मामलों में जांच करता है और सही कैंडिडेट का फैसला करता है. मेरिट लिस्ट में सिर्फ एक नाम है, इसलिए जांच के बाद ही साफ होगा कि असली 301 रैंक किसकी है. अगर कोई गड़बड़ी हुई तो UPSC सुधार कर सकता है.
यह विवाद सुलझना चाहिए
UPSC जैसी परीक्षा में नाम और रोल नंबर से जुड़े विवाद बहुत कम होते हैं, लेकिन जब होते हैं तो पूरे देश में चर्चा बन जाती है. यह दिखाता है कि लाखों युवा कितनी मेहनत से तैयारी करते हैं और एक छोटी सी गलती या कन्फ्यूजन कितना बड़ा मुद्दा बन सकता है. दोनों लड़कियां मेहनती हैं और सफलता के करीब पहुंची हैं, लेकिन सच्चाई सामने आने पर ही मामला सुलझेगा.
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