West Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की बिसात पूरी तरह से बिछ चुकी है और सत्ता की चाबी माने जाने वाले ‘उत्तर बंगाल’ को फतह करने के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपना सबसे बड़ा दांव चल दिया है. केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह आज (बुधवार) बंगाल के चुनावी रणक्षेत्र में एक ऐसा ‘सियासी तूफान’ लाने वाले हैं, जिसकी गूंज दार्जिलिंग की पहाड़ियों से लेकर कूचबिहार के मैदानी इलाकों तक सुनाई देगी.
एक ही दिन में बैक-टू-बैक 4 विशाल जनसभाओं को संबोधित कर अमित शाह न केवल भाजपा के पक्ष में हवा बनाने की कोशिश करेंगे, बल्कि सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) के गढ़ में भी गहरी सेंध लगाने का प्रयास करेंगे. क्या यह आक्रामक चुनावी अभियान बंगाल में एक नए राजनीतिक युग की शुरुआत करेगा? आइए विस्तार से जानते हैं अमित शाह का आज का मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम.
अमित शाह अपने ‘मिशन उत्तर बंगाल’ की शुरुआत राजनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील और अहम माने जाने वाले दार्जिलिंग से करेंगे. इस जनसभा के जरिए दार्जिलिंग और कुर्सियांग विधानसभा के मतदाताओं को साधा जाएगा. गोरखा समुदाय की मांगों और टी-गार्डन (चाय बागान) श्रमिकों के मुद्दों पर शाह यहां बड़ा बयान दे सकते हैं.
पहाड़ियों से उतरकर अमित शाह का काफिला सीधे तराई क्षेत्र का रुख करेगा. राजगंज और जलपाईगुड़ी विधानसभा की सीटों को कवर करते हुए यह जनसभा इस इलाके के आदिवासी और स्थानीय मतदाताओं को लामबंद करने के उद्देश्य से की जा रही है.
जलपाईगुड़ी के बाद गृह मंत्री का अगला पड़ाव रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण अलीपुरद्वार जिला होगा. फालाकाटा और मदारीहाट विधानसभा सीटों पर फोकस करते हुए शाह यहां घुसपैठ, भ्रष्टाचार और क्षेत्र के बुनियादी विकास के मुद्दों पर ममता बनर्जी सरकार को आड़े हाथों ले सकते हैं.
दिनभर के धुंआधार प्रचार का समापन कूचबिहार में एक विशाल रैली के साथ होगा. तुफानगंज और नताबाड़ी विधानसभा क्षेत्र राजबंशी समुदाय के प्रभाव वाले इलाके हैं. यहां शाम 4 बजे होने वाली जनसभा के जरिए भाजपा इस निर्णायक वोट बैंक को अपने पक्ष में मजबूती से खड़ा करने का प्रयास करेगी.
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उत्तर बंगाल ने हमेशा से ही पश्चिम बंगाल की सत्ता का रास्ता तय करने में अहम भूमिका निभाई है. 2026 के इस हाई-वोल्टेज चुनाव में भाजपा कोई कोर-कसर नहीं छोड़ना चाहती. एक ही दिन में 4 अलग-अलग जिलों (दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार और कूचबिहार) में अमित शाह की यह मैराथन रैलियां बताती हैं कि पार्टी ने उत्तर बंगाल को लेकर कितनी आक्रामक रणनीति तैयार की है. अब देखना दिलचस्प होगा कि गृह मंत्री के इस ‘मेगा शो’ का जनता पर क्या असर होता है और टीएमसी इसका काट किस तरह निकालती है.
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