Bihar CM Samrat Choudhary Oath: बिहार के राजनीतिक इतिहास में आज, बुधवार 15 अप्रैल 2026 का दिन स्वर्ण अक्षरों में दर्ज होने जा रहा है. भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कद्दावर नेता और तारापुर से विधायक सम्राट चौधरी सुबह 11 बजे बिहार के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे.
बता दें कि यह पहला मौका है जब देश के सबसे बड़े राजनीतिक दल, भाजपा का कोई नेता बिहार की सत्ता के शीर्ष (मुख्यमंत्री पद) पर काबिज होगा. राजभवन के राजेंद्र मंडप में आयोजित होने वाले इस भव्य समारोह की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं.
जदयू के दो दिग्गज बनेंगे डिप्टी सीएम?
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ जनता दल यूनाइटेड (JDU) के दो कद्दावर नेता भी पद और गोपनीयता की शपथ लेंगे. सूत्रों के मुताबिक, विजय चौधरी और विजेंद्र यादव को उपमुख्यमंत्री (Deputy CM) बनाया जा रहा है. ये दोनों नेता निवर्तमान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में गिने जाते हैं.
साथ ही विजय चौधरी जो पहले विधानसभा अध्यक्ष और वरिष्ठ मंत्री रह चुके हैं, पहली बार डिप्टी सीएम का पद संभालने जा रहे हैं. वहीं सुपौल के दिग्गज नेता विजेंद्र यादव, जो 1991 से लगातार मंत्री पद की जिम्मेदारी निभाते आए हैं, अब सरकार में दूसरे सबसे महत्वपूर्ण पदों पर होंगे.
शीर्ष तीनों नेताओं में है एक ‘अनोखी’ समानता
आज शपथ लेने वाले तीनों शीर्ष नेताओं सम्राट चौधरी(सीएम कि शपथ) विजय चौधरी और विजेंद्र यादव(संभावित डिप्टी सीएम) के बीच एक दिलचस्प समानता यह है कि तीनों ने ही अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत किसी अन्य दल से की थी:
सम्राट चौधरी: इन्होंने लालू प्रसाद यादव की पार्टी RJD से सियासत का सफर शुरू किया था और ‘हम’ व JDU होते हुए भाजपा में पहुंचे.
विजय चौधरी: इनके राजनीतिक सफर का आगाज कांग्रेस पार्टी से हुआ था, जिसके बाद वे नीतीश कुमार के साथ JDU में शामिल हुए.
विजेंद्र यादव: इन्होंने 1990 में ‘जनता दल’ (अविभाजित) के टिकट पर जीत दर्ज की थी और 1997 में जनता दल के विभाजन के समय लालू यादव का साथ छोड़ शरद यादव और नीतीश कुमार के गुट (JDU) को चुना था.
सरकार का दावा और क्या है भविष्य की योजना?
मंगलवार को नीतीश कुमार के इस्तीफे और एनडीए विधानमंडल दल का नेता चुने जाने के बाद सम्राट चौधरी ने राज्यपाल सैयद अता हसनैन से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया था. आज होने वाला शपथ ग्रहण समारोह संक्षिप्त रहेगा, जिसमें केवल मुख्यमंत्री और दो उपमुख्यमंत्री ही शपथ लेंगे.
वहीं बताया जा रहा है कि विधानसभा में बहुमत साबित करने के बाद ही बड़े स्तर पर मंत्रिमंडल का विस्तार किया जाएगा, जिसमें भाजपा, जदयू, लोजपा (आर) और अन्य सहयोगी दलों के विधायकों को शामिल कर पोर्टफोलियो बांटे जाएंगे.
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-भारत एक्सप्रेस
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