नवादा का 'चुनावी ट्विस्ट'
Bihar Election 2025: नवादा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र बिहार के 243 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में से एक है. यह नवादा लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र का एक हिस्सा है. नवादा प्रकृति की गोद में बसा हुआ है. यह खुरी नदी के दोनों किनारों पर स्थित है, जो झारखंड की सीमा से लगता है. नवादा की राजनीति बड़ी दिलचस्प रही है. जनता ने अक्सर बदलाव को तवज्जो दी है, चाहे वह राजनीतिक दल हों या नेता हों. आइये जानें इस सीट का सियासी इतिहास क्या कहता है?
बिहार चुनाव में नवादा के इतिहास का अंदाजा इसी बाक से लगाया जा सकता है कि 1952 में स्थापित नवादा विधानसभा क्षेत्र में अब तक हुए 19 चुनावों में कांग्रेस 6 बार जीत पाई. उसे आखिरी जीत 1985 में मिली. इसके बाद 1990 में भाजपा को पहली और आखिरी बार विजय प्राप्त हुई. हालांकि, भारतीय जनसंघ के तौर पर 1962 और 1969 के दो चुनावों में जीत मिली थी.
पिछले 25 साल के राजनीतिक इतिहास को देखा जाए तो यहां राजद और जदयू के बीच टक्कर रही है. 2015 में यह सीट राजद को मिली, लेकिन 2019 के उपचुनाव में जदयू के कौशल यादव विजयी हुए. सिर्फ यही नहीं, एक साल बाद 2020 में हुए विधानसभा चुनाव में नवादा की जनता ने फिर से राजद के खाते में यह सीट डाली.
दिलचस्प यह भी है कि 2020 में राजद के टिकट पर जीतने वाली विभा देवी इस बार जदयू के टिकट पर चुनाव लड़ रही हैं, जबकि 2019 में जदयू प्रत्याशी के तौर पर उपचुनाव जीतने वाले कौशल यादव को इस बार राजद ने अपना उम्मीदवार बनाया है. नवादा में इस बार कुल 12 उम्मीदवार मैदान में हैं.
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सांस्कृतिक और धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण नवादा में कई प्रमुख स्थल हैं. श्री गुनावां जी तीर्थ नवादा के गोनावां गांव में स्थित है. यह प्राचीन मंदिर भगवान महावीर के समय का है और जैन मुनि गंधर्व स्वामी को समर्पित है. ऐसा माना जाता है कि गौतम स्वामी भगवान महावीर जी के शिष्य थे. पौराणिक गाथाओं के अनुसार एक बार गौतम बुद्ध यहां आए थे और इंद्रासल गुफा में निवास किया था.
नवादा के नारदीगंज प्रखंड के हंडिया गांव में स्थित सूर्य नारायण धाम मंदिर काफी प्राचीन है. यह उन ऐतिहासिक सूर्य मंदिरों में से एक है जो लोगों की आस्था का प्रतीक है. माना जाता है कि यह मंदिर द्वापर युग से जुड़ा हुआ है. एक तालाब मंदिर के पास स्थित है. यह माना जाता है कि इस पानी में स्नान के बाद कुष्ठ रोग मिट जाते हैं.
बुधौली मठ और 52 कोठी 53 द्वार नवादा के पकरीबरांवा प्रखंड के बुधौली पंचायत के बुधौली गांव में स्थित हैं. यह मुख्य रूप से धर्म, अध्यात्म और ज्ञान दर्शन का केंद्र रहा है. बुधौली मठ 1800 ईस्वी का बना हुआ है. इस मध्य में आज भी एक सुंदर दुर्गा मंडप है. प्रत्येक नवरात्रि को यहां देवी की आराधना होती है. 52 कोठी और 53 द्वार, शिक्षा और धर्म के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में यह जिले में अपनी खास पहचान रखता है.
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बिहार विधानसभा चुनाव 2025 दो चरणों के मतदान के साथ हो रहा है. पहले फेज में 121 सीटों पर और दूसरे फेज में 122 सीटों पर चुनाव हो रहे हैं. राज्य में कुल 7.42 करोड़ मतदाता अपनी सरकार चुनने के लिए तैयार हैं. पहला चरण 6 नवंबर को और दूसरा चरण 11 नवंबर को पूरा होगा. 14 नवंबर को मतगणना होगा और उसी रोज रिजल्ट जारी किया जाएगा.
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