Ponzi Scam ( एक्टर गोविंदा)
Ponzi Scam: ओडिशा पुलिस की अपराध शाखा (EOW) 1,000 करोड़ रुपये के ऑनलाइन पोंजी घोटाले के सिलसिले में बॉलीवुड अभिनेता गोविंदा से पूछताछ कर सकती है. यह बात ईओडब्ल्यू की डीएसपी सस्मिता साहू ने कही है. सस्मिता सोलर टेक्नो एलायंस (STA-TOKEN) से जुड़े करोड़ों रुपये के पोंजी घोटाले की जांच करने वाली टीम में हैं.
ईओडब्ल्यू के अनुसार, कंपनी क्रिप्टो निवेश की आड़ में अवैध रूप से ऑनलाइन पोंजी स्कैम में शामिल थी.साहू ने कहा, “हम पूछताछ के लिए EOW के सामने पेश होने के लिए गोविंदा को समन जारी कर सकते हैं या टीम मुंबई जाकर एक्टर से पूछताछ कर सकती है.” उन्होंने कहा कि अभिनेता ने जुलाई में गोवा में एसटीए के भव्य समारोह में भाग लिया था और कुछ वीडियो में कंपनी का प्रचार भी किया था.
ईओडब्ल्यू ने पिछले महीने पोंजी फर्म के कंट्री हेड गुरतेज सिंह और उसके ओडिशा प्रमुख नोरोड दास को गिरफ्तार किया था. 16 अगस्त को, जांच एजेंसी ने एसटीए के एक अप-लाइन मेंबर रत्नाकर पलाई को गिरफ्तार किया था, जिसके नीचे बड़ी संख्या में मेंबर्स जुड़े थे. ईओडब्ल्यू के एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि कंपनी ने कथित तौर पर ओडिशा के भद्रक, क्योंझर, बालासोर, मयूरभंज और भुवनेश्वर में 10,000 लोगों से 30 करोड़ रुपये वसूले किए थे.
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बताया जा रहा है कि कंपनी ने गोवा में एक कार्यक्रम आयोजित किया था. इस कार्यक्रम में कई दिग्गज लोगों ने शिरकत की थी. गोविंदा भी आए थे. कंपनी के साथ गोविंदा ने विज्ञापन वीडियो भी बनाए. अब जब कंपनी के स्कैम का खुलासा हो रहा है तो गोविंदा भी जांच के दायरे में आ गए हैं. इसलिए अब EOW की टीम गोविंदा से पूछताछ करने वाली है. इसके लिए सबसे पहले समन जारी किया जाएगा.
ऑनलाइन पोंजी घोटाले में ईओडब्ल्यू द्वारा पूछताछ के लिए गोविंदा का नाम सामने आने के बाद उनके मैनेजर का बयान सामने आया है. एक्टर के मैनेजर सिन्हा ने कहा, “मीडिया में आधी-अधूरी खबरें प्रसारित की गई हैं और अभिनेता का इससे कोई लेना-देना नहीं है.” सिन्हा ने कहा, “गोविंदा एक कार्यक्रम के लिए एक एजेंसी के माध्यम से गए थे और वापस लौट आए. हमें इसके व्यवसाय या ब्रांडिंग से कोई लेना-देना नहीं है. सभी आधी-अधूरी खबरें मीडिया में प्रकाशित हुई हैं.”
बताया जाता है कि इस कंपनी का पोंजी घोटाला भद्रक, क्योंझर, बालासोर, मयूरभंज और भुवनेश्वर में बेरोकटोक चल रहा है. वहां 10 हजार लोग इसका शिकार बने. इसके अलावा कंपनी ने बिहार, उत्तर प्रदेश, पंजाब, राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली, झारखंड, असम और मध्य प्रदेश में निवेशकों से लाखों रुपये जुटाए. 7 अगस्त 2023 को ओडिशा आर्थिक अपराध शाखा ने कंपनी के मालिक और घटना के मुख्य आरोपी गुरतेज सिद्धू और उसके सहयोगी निरोद दास को गिरफ्तार कर लिया. भुवनेश्वर स्थित निवेश सलाहकार रत्नाकर पलाई को 17 अगस्त को सिद्धू के साथ कथित संबंधों के लिए गिरफ्तार किया गया था.
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