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कम उम्र में क्यों बढ़ रहे हैं कैंसर के मामले? मनीषा कोइराला ने साझा किया दर्द, डॉक्टरों ने बताए बड़े कारण

Early Cancer Risk: बॉलीवुड अभिनेत्री मनीषा कोइराला कैंसर जैसी गंभीर बीमारी को मात देकर आज लाखों लोगों के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं. हाल ही में उन्होंने एक बातचीत के दौरान अपने ओवेरियन कैंसर के इलाज और लंबी सर्जरी के अनुभव साझा किए. उन्होंने बताया कि बीमारी का पता चलने के बाद उनका जीवन पूरी तरह बदल गया था. इलाज के दौरान शारीरिक और मानसिक रूप से कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन सकारात्मक सोच, सही इलाज और परिवार के सहयोग ने उन्हें इस मुश्किल दौर से बाहर निकलने में मदद की.

युवाओं में कैंसर के बढ़ते मामले क्यों बन रहे हैं चिंता का विषय?

मनीषा के अनुभव के बाद एक बार फिर कम उम्र में बढ़ रहे कैंसर के मामलों पर चर्चा तेज हो गई है. स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि पहले जहां कैंसर को बढ़ती उम्र से जोड़कर देखा जाता था, वहीं अब 20 से 40 वर्ष के लोगों में भी इसके मामले तेजी से सामने आ रहे हैं. हालांकि हर मरीज में कारण अलग हो सकते हैं, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि बदलती जीवनशैली, असंतुलित खानपान और पर्यावरणीय कारक इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं.

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ये जोखिम कारक बढ़ा सकते हैं खतरा

डॉक्टरों के अनुसार कैंसर का जोखिम कई कारणों से बढ़ सकता है. इनमें धूम्रपान और तंबाकू का सेवन, अत्यधिक शराब पीना, मोटापा, शारीरिक गतिविधि की कमी, प्रोसेस्ड और अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड का अधिक सेवन, वायु प्रदूषण और कुछ मामलों में पारिवारिक या आनुवंशिक कारण शामिल हैं. इसके अलावा लंबे समय तक तनाव और पर्याप्त नींद न लेना भी समग्र स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर डाल सकता है. विशेषज्ञ स्पष्ट करते हैं कि इन कारकों का होना कैंसर होना तय नहीं करता, लेकिन जोखिम बढ़ा सकता है.

समय पर जांच और जागरूकता है सबसे बड़ा बचाव

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कैंसर के खिलाफ सबसे मजबूत हथियार समय पर जांच और शुरुआती पहचान है. यदि शरीर में लगातार थकान, बिना कारण वजन कम होना, लंबे समय तक दर्द, असामान्य रक्तस्राव या कोई असामान्य गांठ जैसे लक्षण दिखाई दें, तो उन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए. साथ ही संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, तंबाकू से दूरी, सीमित शराब सेवन और नियमित हेल्थ चेकअप जैसी आदतें कई प्रकार के कैंसर के जोखिम को कम करने में मदद कर सकती हैं.

मनीषा कोइराला की कहानी यह संदेश देती है कि कैंसर का समय पर पता चल जाए और सही इलाज मिले तो इस बीमारी से लड़ाई जीती जा सकती है. जागरूकता, स्वस्थ जीवनशैली और नियमित स्वास्थ्य जांच आज के समय में पहले से कहीं अधिक जरूरी हो गई है.

भारत एक्सप्रेस

Swati Pandey

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