शत्रुघ्न सिन्हा और पूनम सिन्हा
Shatrughan Sinha: फिल्म इंडस्ट्री के दिग्गज कलाकार शत्रुघ्न सिन्हा ने अपनी फिल्मों और अपने अंदाज से हिंदी सिनेमा में जबरदस्त पहचान बनाई है. शत्रुघ्न सिन्हा ने अपने करियर में खूब नाम कमाया. उन्होंने एक से बढ़कर एक फिल्मों में काम किया है. आज एक्टर फिल्मों से दूर हैं लेकिन वे अपनी पर्सनल लाइफ और करियर को लेकर खुलासे करते रहते हैं.
शत्रुघ्न सिन्हा को उनकी एक्टिंग के साथ-साथ उनकी एक आदत के लिए खूब जाना जाता है वह थी उनके लेट पहुंचने की आदत. फिल्म के सेट पर अक्सर देरी से पहुंचने वाले शत्रुघ्न सिन्हा अपनी शादी के मंडप में भी 3 घंटे लेट पहुंचे थे. जिसके बाद से लोग उनका इंतजार करने लगे थे शत्रुघ्न बताते हैं कि पूनम मन ही मन खूब गुस्सा हुई थी. इस बात का खुलासा एक्टर ने खुद किया था.
शत्रुघ्न सिन्हा ने अपनी लेट होने की आदत के बारे में बात करते हुए कहा था कि मैं अपनी ही शादी में करीब 3 घंटे लेट पहुंचा था. मैं अक्सर सेट पर भी लेट जाता था, लेकिन मैं समय पर अपना काम पूरा करने के लिए भी जाना जाता हूं. उन्होंने कहा कई बार मैं काम को समय से पहले ही निपटा दिया करता था. मैंने कभी भी किसी को अपनी वजह से परेशानी में नहीं डाला न ही किसी को ताने मारे. नखरे भी नहीं दिखाये. यह भी कभी नहीं कहा कि मैं शूटिंग के मूड में नहीं हूं. मुझे बुखार भी होता था तो भी मैं सेट पर जाता था. उन्होंने कहा कि बीमार होने के बावजूद भी मैंने फिल्म ‘मेरे अपने’ की शूटिंग की थी.
एक्टर ने अपने एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर के बारे में भी बात करते हुए कहा कि ये बात बुक में लिखी है मुझे मेरी पत्नी ने रंगे हाथ पकड़ा था. उन्होंने मुझे कसम खिलाई कि मैं आज के बाद कभी भी ऐसा नहीं करूंगा. उसके बारे से मैंने हमेशा इस बात का ध्यान रखा कि मैं वन वुमन मैन हूं. एक्टर ने कहा कि उनके साथ ऐसा होता था. वे शादी से पहली नहीं सोचते थे कि उनकी शादी किससे होगी बल्कि ये सोचते थे कि उनकी शादी किससे-किससे नहीं हो सकती थी. उन्होंने ऑप्शन खुले रखे थे.
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शत्रुघ्न सिन्हा का पूनम से पहली मुलाकात एक ट्रेन में हुई और यहीं से दोनों को प्यार हो गया. 27 जून, 1965 की बात है, जब शत्रुघ्न सिन्हा और पूनम चंद्रमणि पहली बार चलती ट्रेन में मिले थे. एक-दूसरे के सामने बैठे दोनों चुपचाप रो रहे थे क्योंकि उसे उसकी मौसी ने डांटा था और वह अपने परिवार और दोस्तों को पीछे छोड़ रहा था. पूनम की मौसी दो दिवसीय यात्रा पर शत्रुघ्न से प्रभावित हुईं और उन्हें मुंबई में उनके घर का पता दिया. 14 साल की खूबसूरत दोस्ती की शुरुआत हो गई जो बाद में एक सफल शादी में समाप्त हुई.
शत्रुघ्न सिन्हा ने समय पर देर से पहुंचने की वजह बताते हुए कहा कि मेरी बेटी सोनाक्षी ने मेरे पिता से समय पर पहुंचना सिखा है. उन्होंने कहा, “मेरे दिवंगत पिता अमेरिका में पढ़े-लिखे थे और वह इतने समय के पाबंद थे कि अगर उन्हें 6 बजे कहीं जाना होता, तो वे 5.55 पर पहुंच जाते और 6 बजे घंटी बजा देते. उनकी पोती सोनाक्षी में वह गुण है. मेरे बेटे लव और कुश भी समय के पाबंद हैं लेकिन सोनाक्षी उन सभी में सबसे समय की पाबंद हैं.
-भारत एक्सप्रेस
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