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आचार्य लोकेश मुनि ने पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम को दी श्रद्धांजलि, कहा- बहुत याद आते हैं आप

Acharya Lokesh Muni: अमेरिका की यात्रा पर गए आचार्य लोकेश मुनी ने भारत के पूर्व राष्ट्रपति और मिसाइल मैन के नाम से मशहूर मरहूम डॉ. ए.पी.जे अब्दुल कलाम को श्रद्धांजलि अर्पित की है. उन्होंने ए.पी.जे अब्दुल कलाम के साथ अपने बिताये हुए पलों को याद करते हुए कहा कि, मेरी उनसे एक दर्जन बार से अधिक मुलाकात हुई. मुझे उनकी बहुत याद आती है.

अपने एक्स अकाउंट पर आचार्य लोकेश मुनी कहते हैं कि, बहुत याद आते हो. राष्ट्रपति रहते हुए आपने मेरे साथ एक दर्जन बार कार्यक्रमों में भाग लिया. संवाद और संगोष्ठी में शामिल हुए. इन सभी कार्यक्रमों, संवाद और संगोष्ठी का निचोड़ “वो वो ही थे”.

आचार्य लोकेश मुनि ने अर्पित की श्रद्धांजलि

आचार्य लोकेश मुनि आगे लिखते हैं कि भारत के पूर्व राष्ट्रपति, मिसाइल मैन, भारत रत्न, डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम जी की पुण्यतिथि पर अहिंसा विश्व भारती विश्व शांति केंद्र की ओर से भावपूर्ण श्रद्धांजलि.

आज डॉ कलाम की है पुण्यतिथि

बता दें कि, आज 27 जुलाई को भारत के पूर्व राष्ट्रपति, भारत रत्न डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की पुण्यतिथि है. डॉ. कलाम साल 2002 से लेकर 2007 तक भारत के 11वें राष्ट्रपति के रूप में अपनी सेवाएं दी. वे देश के उन गिने-चुने राष्ट्रपतियों में से एक थे, जिन्हें राजनीतिक दलों से लेकर आम जनता तक ने खूब प्यार और सम्मान दिया.

भारत के रक्षा और मिसाइल कार्यक्रम ऊंचाइयों तक पहुंचाया

उनका जीवन सादा और उच्च विचारों वाला था. उन्होंने अपने मन या व्यवहार में किसी के लिए भी कभी पूर्वाग्रह नहीं आने दिया. बतौर वैज्ञानिक डॉ. कलाम ने भारत के रक्षा और मिसाइल कार्यक्रम को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.

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कनाडा की यात्रा पर हैं आचार्य लोकेश मुनि

आचार्य लोकेश मुनि इन दिनों अमेरिका और कनाडा की यात्रा पर हैं. जहां वो दुनिया को भगवान महावीर की अहिंसा और अनेकांत की सीख बता रहे हैं. आचार्य लोकेश मुनि कहते हैं कि दुनिया में लगातार हो रही हिंसा को देखते हुए लोगों को भगवान महावीर के दर्शन की बहुत जरूरत है. उनका कहना है कि भगवान महावीर का दर्शन आज भी उतना ही जरूरी है जितना 2600 साल पहले हुआ करता था.

– भारत एक्सप्रेस

Govind Kumar Singh

मैं गोविंद सिंह हूं और मूल रूप से बिहार के कैमूर की पहाड़ियों वाले इलाके से आता हूं। मेरी शुरुआती पढ़ाई-लिखाई वाराणसी के उदय प्रताप कॉलेज से हुई। इसके बाद मैंने पटना कॉलेज, पटना से मास कम्यूनिकेशन में ग्रेजुएशन किया। पढ़ाई पूरी करने के बाद मैंने पत्रकारिता के क्षेत्र में अपने करियर की शुरुआत की और अलग-अलग संस्थानों में काम करते हुए खबरों की दुनिया को करीब से समझा। अपने पेशेवर सफर में मुझे ईटीवी भारत, इनशॉर्ट्स और श्यामा प्रसाद मुखर्जी रिसर्च फाउंडेशन जैसे संस्थानों के साथ काम करने का अवसर मिला। इन जगहों पर काम करते हुए मैंने रिपोर्टिंग, कंटेंट लेखन, रिसर्च और समाचारों की प्रस्तुति से जुड़ी कई महत्वपूर्ण बातें सीखीं। फिलहाल मैं भारत एक्सप्रेस में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हूं। यहां मेरी मुख्य रुचि विदेश, राजनीति और बिहार से जुड़ी खबरों को कवर करने में है।

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