Dhamra Port Renewable Energy: अडानी ग्रुप की कंपनी APSEZ के तहत संचालित ओडिशा के धमरा पोर्ट ने देश के लॉजिस्टिक्स और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में एक नई मिसाल पेश की है. खबर निकाल करके आ रही है कि धमरा पोर्ट अपनी सभी गतिविधियों के लिए 100% रिन्यूएबल पावर (अक्षय ऊर्जा) का इस्तेमाल करने वाला भारत का पहला बड़ा और मल्टी-कार्गो कमर्शियल पोर्ट बन गया है. इस ऐतिहासिक बदलाव के साथ ही पोर्ट ऑपरेशन्स से होने वाले कार्बन उत्सर्जन में भारी कमी आएगी.
सालाना 4.8 करोड़ टन (48 MT) से अधिक कार्गो संभालने वाला धमरा पोर्ट अपनी 90 लाख यूनिट से अधिक की मासिक बिजली मांग पूरी तरह से हरित ऊर्जा से पूरी कर रहा है. APSEZ के अनुसार, मौजूदा परिचालन के आधार पर इसकी अक्षय ऊर्जा खपत सालाना 108 गीगावॉट-ऑवर (GWh) को पार कर गई है. अगस्त 2026 से लागू हुआ यह ग्रीन ट्रांजिशन पोर्ट की टिकाऊ विकास नीति का हिस्सा है.
APSEZ ने धमरा पोर्ट के लिए 100% ग्रीन पावर का लक्ष्य तीन अलग-अलग स्रोतों के संयोजन से हासिल किया है:
कैप्टिव पावर (25-30%): गुजरात के खावड़ा स्थित APSEZ के कैप्टिव हाइब्रिड पावर प्लांट से आपूर्ति.
थर्ड-पार्टी एक्सेस (10-15%): थर्ड-पार्टी एग्रीमेंट्स के जरिए हासिल ऊर्जा.
ग्रीन कंज्यूमर अरेंजमेंट (50-60%): ओडिशा की राज्य वितरण कंपनी (डिसकॉम) के साथ ‘ग्रीन कंज्यूमर’ समझौते के तहत आपूर्ति.
इस बदलाव के बाद धमरा पोर्ट पर चौबीसों घंटे चलने वाले सभी प्रमुख काम पूरी तरह से रिन्यूएबल बिजली से संचालित होंगे. इनमें कार्गो हैंडलिंग, स्टोरेज यार्ड, रैपिड-लोडिंग साइलो, वैगन टिपलर्स, जेट्टी इक्विपमेंट और रेल-लिंक्ड गतिविधियां शामिल हैं. 60 MT की स्थापित क्षमता वाला यह बंदरगाह ओडिशा, झारखंड और पश्चिम बंगाल के खनिज समृद्ध क्षेत्रों से रेल व सड़क मार्ग से सीधे जुड़ा हुआ है.
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हल्दिया और पारादीप के बीच स्थित यह गहरा बंदरगाह (Deep-draft port) पूर्वी भारत का एक महत्वपूर्ण व्यापारिक केंद्र है. अपनी रणनीतिक स्थिति और आधुनिक बुनियादी ढांचे के कारण यह क्षेत्र के औद्योगिक और निर्यात-आयात व्यापार में अहम भूमिका निभाता है.
APSEZ का यह कदम अडानी ग्रुप के लॉन्ग-टर्म ‘नेट-ज़ीरो’ लक्ष्य का एक अहम पड़ाव है. धमरा पोर्ट का यह सफल मॉडल देश के अन्य बड़े औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स संस्थानों को भी पर्यावरण-अनुकूल और हरित ऊर्जा अपनाने के लिए प्रेरित करेगा.
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-भारत एक्सप्रेस
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