ahmedabad plane crash
Ahmedabad plane crash: 12 जून की दोपहर एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 अहमदाबाद एयरपोर्ट से लंदन के लिये उड़ान भरती है. लेकिन उड़ान के 5 मिनट के बाद ही प्लेन क्रैश हो गया. इस प्लेन में कुल 242 यात्री सवार थे. हादसे में अभी तक सिर्फ 2 यात्रियों के बचे होने की खबर मिल रही है. जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है.
यह विमान बोइंग का 787-8 ड्रीमलाइनर बताया जा रहा है. जिसके बाद एक बार फिर इस विमान को लेकर चर्चा शुरू हो गई है. बोइंग के इस विमान की बैट्री, बनावट और अन्य तकनीकी चीजों को लेकर हमेशा से सवाल उठते रहे हैं. हम इस विमान से जुड़ी कंट्रोवर्सी के बारे में बताएंगे और ये भी बताएंगे कि आखिर वो कौन सा इंजीनियर था जिसने इस विमान को उड़ान के लिए बेकार बताया था और उसकी रहस्यमयी मौत हो गई थी.
बोइंग ड्रीमलाइनर पर हमेशा से सवाल उठते रहे हैं. बोइंग 787-8 में रोल्स रॉयस ट्रेंट 1000 (rolls royce trent 1000) इंजन का इस्तेमाल होता है. जिसमें कई बार तकनीकी खामियां सामने आ चुकी हैं. इसके अलावा इलेक्ट्रिक सिस्टम का फेल होना, फ्यूल लीकेज और सॉफ्टवेयर में गड़बड़ियां मिलती रही है.
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जनवरी का महीना था और साल था 2013. इसी जनवरी महीने में जापान की दो एयरलाइन कंपनियों ने बोइंग से दो नए ड्रीमलाइनर 787-8 विमान खरीदे. कुछ ही दिनों के बाद इस विमान के बैट्री में आग लग गई. इनमें से एक विमान जब एयरपोर्ट पर खड़ा था तभी आग लग गई. जबकि दूसरा ड्रीमलाइनर विमान उड़ान भर चुका था. विमान की बैट्री में आग लगने के बाद इसे भी तुरंत लैंड कराया गया. जिसके बाद अमेरिका के फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA)ने बोइंग के इन ड्रीमलाइनर विमान की उड़ान पर 3 महीनों के लिए रोक लगा दी. FAA ने बोइंग को तुरंत इन विमानों की बैट्री को सुधारने का आदेश दिया.
साल 2020 के बाद बोइंग ड्रीमलाइनर में कई मैन्यूफैक्चरिंग डिफेक्ट की न्यूज सामने आई. जिसमें ये दावा किया गया कि इस प्लेन के बॉडी के ज्वाइंट्स में बहुत ज्यादा गैप है. जो कभी भी हादसे का कारण बन सकता है. न्यूज सामने आने के बाद जब बोइंग ने इसकी जांच की तो माना कि हां बोइंग ड्रीमलाइनर में मैन्यूफैक्चरिंग डिफेक्ट है. इसके बाद कंपनी ने ड्रीमलाइनर की डिलीवरी पर रोक लगा दी.
अपनी लॉन्चिंग के बाद से ही ड्रीमलाइनर विवादों में रही है. साल 2024 में एक इंजीनियर सैम सालेह ने दावा किया कि ड्रीमलाइनर 787-8 की बॉडी सही से नहीं जुड़े होने के कारण ये उड़ान के दौरान दो हिस्सों में टूट सकते हैं. सैम का कहना था कि ड्रीम लाइनर एक वाइड-बॉडी पैसेंजर प्लेन है. इसके हिस्से अलग-अलग जगहों से बनकर आते हैं. इस वजह से ये सही से फिट नहीं होते. उड़ान के दौरान प्लेन दो हिस्सों में टूट सकता है.
बोइंग ड्रीमलाइनर की सेफ्टी पर कई इंजीनियरों ने सवाल उठाये. इन्ही में से एक इंजीनियर थे जॉन बार्नेट. जो बोइंग में काम कर चुके थे. उन्होंने 2024 में बोइंग ड्रीमलाइनर की सेफ्टी पर सवाल उठाया था. जिसके बाद घर के पास पार्किंग एरिया में रहस्यमयी परिस्थितियों में उनकी लाश मिली.
बोइंग कंपनी पिछले कुछ समय से लगातार विवादों में रही है. कभी इनके प्लेन क्रैश होते हैं तो कभी सॉफ्टवेयर में दिक्कतें आ जाती हैं. इस कंपनी पर गुणवत्ता और रखरखाव में कंप्रोमाइज करने के आरोप लगते रहे हैं.
– भारत एक्सप्रेस
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