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UP Assembly: ‘टमाटर खाकर आना मना, सांड पर बात नहीं, महंगाई-बेरोजगारी शब्द मना’, सदन के नियमावली पर अखिलेश यादव ने साधा निशाना

UP Assembly: उत्तर प्रदेश विधानसभा में मानसून सत्र जारी है. सत्र के तीसरे दिन यूपी विधानसभा में लाई जा रही नई नियमावली को लेकर नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर निशाना साधा है. बता दें कि नई नियमावली जारी होने के बाद विधायक विधानसभा के अंदर मोबाइल फोन, झंडे, प्रतीक चिन्ह या कोई अन्य प्रदर्शनकारी वस्तु नहीं ले जा सकेंगे. अब अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए टमाटर, महंगाई, सांड और बेरोजगारी का जिक्र करते हुए कहा कि अब तो विधानसभा में और भी कई बातों को लेकर प्रतिबंध लगाए जाएंगे.

बता दें कि अखिलेश ने अपने अधिकारिक ट्विटर अकाउंट से ट्वीट करते हुए तंज कसा है और कहा है कि लगता है यूपी विधानसभा में प्रतिबंध के लिए अब और कुछ नियम आयेंगे.” उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, “टमाटर खाकर आना मना, सांड पर बात नहीं, जनहित व सौहार्द के मुद्दे उठाना मना, स्मार्ट सिटी पर सवाल नहीं, बेरोज़गारी व महंगाई शब्द का प्रयोग मना, जातीय जनगणना की मांग और PDA पर सांकेतिक भाषा में भी बात करना मना!”

बता दें कि यूपी विधानसभा की कार्यवाही के दौरान विधायकों के आचरण और व्यवहार को लेकर नई नियमावली बनाई गई है. इसी को लेकर नेता प्रतिपक्ष के साथ ही पूरा विपक्ष अपने-अपने तरीके से विरोध कर रहा है. वहीं सोमवार से शुरू हुए सत्र में विपक्ष लगातार तमाम ज्वलंत मुद्दों को लेकर भाजपा सरकार को घेर रहा है. मणिपुर हिंसा से लेकर बेरोजगारी और मंहगाई को प्रमुख मुद्दा बनाते हुए सपा प्रमुख अखिलेश यादव भी भाजपा सरकार को लगातार घेर रहे हैं.

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जानें क्या है नया नियम?

नए नियम को लेकर यूपी विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने मीडिया को जानकारी दी और बताया, “सोमवार को नियमावली को विधानसभा में पेश किया गया था और बुधवार को इस पर चर्चा होगी.” इसी के साथ उन्होंने कहा कि जब नया नियम एक बार पारित हो जाएगा तो उसके बाद यूपी विधानसभा की प्रक्रिया और कार्य संचालन नियमावली, 2023, उत्तर प्रदेश विधानसभा की प्रक्रिया और कार्य संचालन नियमावली, 1958 का स्थान ले लेगी.”

बता दें कि यूपी विधानसभा की प्रक्रिया तथा कार्य संचालन नियमावली को अब नया नियम मिलने जा रहा है. बताया जा रहा है कि यह नया नियम सदस्यों के आचरण के लिए सख्त दिशानिर्देश लागू करेगा और सदन के कामकाज के संचालन की प्रक्रिया को भी सरल बनाएगा. इस नियम के आ जाने के बाद सदस्य अपनी मर्जी से वो काम नहीं कर सकेंगे, जिससे सत्र के संचालन को बाधा पहुंचती है.

-भारत एक्सप्रेस

Archana Sharma

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