रामलला
Ram Mandir Inauguration: अयोध्या में भगवान राम का मंदिर बनकर तैयार होने वाला है और 22 जनवरी को मंदिर का उद्घाटन होने जा रहा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बतौर मुख्य अतिथि कार्यक्रम में शामिल होंगे. इसी के साथ ही प्राण-प्रतिष्ठा को लेकर तैयारी तेजी से चल रही है. इसी बीच खबर सामने आ रही है कि गर्भ गृह में विराजमान करने के लिए बनाई गई तीनों मूर्तियों में से किसी एक को चुन पाना ट्रस्ट के लिए मुश्किल हो गया है, क्योंकि तीनों ही इतनी सुंदर बनी हैं कि एक चयन नहीं हो पा रहा है. सभी ने तीनों मूर्तियों को लेकर अपना-अपना मत दिया है.
इस सम्बंध में शुक्रवार को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक हुई. इस बैठक में इस बात को लेकर विचार किया गया कि मंदिर में कौन सी प्रतिमा को विराजमान कराया जाए. ट्रस्ट के सदस्यों ने तीनों मूर्तियों पर अपना-अपना मत दिया, हालांकि इस दौरान इस बात पर कोई सहमति नहीं बन पाई कि मंदिर में किस प्रतिमा का विराजित किया जाएगा. क्योंकि तीनों की प्रतिमा बहुत ही सुंदर बन पड़ी हैं. श्रीरामजन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय ने बताया कि तीनों ही प्रतिमाएं बहुत अच्छी बनी हैं. ये इतनी श्रेष्ठ हैं कि इनमें से किसी एक का चयन करना मुश्किल है. उन्होंने मीडिया को बताया कि, हमने इन मूर्तियों को देखा हैं. जल्द ही इस पर फ़ैसला ले लिया जाएगा. हालांकि रामलला की प्रतिमा सभी ट्रस्टियों ने देखी, सभी ने अपने-अपने विचार भी दिए हैं, सब अपनी राय देंगे, तीनों प्रतिमाएं बहुत अच्छी बनी हैं.
चंपत राय ने मूर्तिकारों को लेकर कहा कि ‘रामलला की तीनों ही मूर्तियां बहुत ही अच्छी बनी है और इनको मूर्तिकारों ने बड़े परिश्रम से बनाया है. मूर्तिकार ने अपनी आत्मा लगाकर काम किया है, तीनों इतनी श्रेष्ठ है कि किसी एक का चयन करना ही बड़ा दुविधा में पड़ गया है. भगवान मनुष्य का चयन करते हैं हम क्या भगवान का चयन करेंगे, लेकिन तो भी तो कुछ करना है. आज सबने देखा है. जल्द ही इस पर अंतिम निर्णय हो जाएगा.’
बता दें कि रामलला की तीनों प्रतिमाओं का चयन करने के लिए शुक्रवार को ट्रस्ट के सदस्य राम मंदिर से तीन किमी दूर कारसेवक पुरम पहुंचे थे. यहां पर रखी तीनों मूर्तियों को ट्रस्ट के सदस्यों ने देखा औऱ उस पर अपने-अपने मत दिए. फिलहाल तीनों में किसी एक को लेकर फैसला नहीं हो सका है. बता दें कि कोई एक मूर्ति गर्भ गृह में विराजमान कराई जाएगी. मालूम हो कि तीनों मूर्तियों को तीन अलग-अलग मूर्तिकारों ने बनाया है. ये सभी मूर्तिकार देश के जाने-माने मूर्तिकार हैं. इनमें एक मूर्ति गणेश भट्ट ने बनाई हैं, जिनका कर्नाटक स्टेट में कई अवॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका है तो वहीं दूसरी प्रतिमा जयपुर के प्रसिद्ध मूर्तिकार सत्यनारायण पांडे ने बनाई है. इनका परिवार सात दशकों से संगमरमर की मूर्तियां बनाने का काम कर रहा है और तीसरी मूर्ति अरुण योगीराज ने बनाई है, जो मैसूर महल के मूर्तिकारों के परिवार से हैं. जानकारी के मुताबिक, तीनों मूर्तियां इतनी सुंदर बनी हैं कि ट्रस्ट के लिए तीनों में से एक का चयन करना मुश्किल हो गया है. मालूम हो कि वर्तमान रामलला के साथ ही ये नई मूर्ति भी गर्भ गृह में विराजमान कराई जाएगी.
-भारत एक्सप्रेस
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