उत्तराखंड के स्थापना दिवस के मौके पर शुक्रवार को देहरादून में आयोजित राज्योत्सव समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा. अपने संबोधन में उन्होंने जहां उत्तराखंड के गठन से लेकर अब तक के राजनीतिक सफर को याद किया, वहीं भाजपा सरकार के विकास कार्यों और केंद्र सरकार की उपलब्धियों का भी जिक्र किया. इस दौरान उन्होंने राहुल गांधी की प्रस्तावित यात्रा पर तंज कसते हुए कहा कि वे ‘वोट बचाओ’ नहीं, बल्कि ‘घुसपैठिया बचाओ’ यात्रा निकाल रहे हैं.
अमित शाह ने कहा कि देश की मतदाता सूची घुसपैठियों से पूरी तरह मुक्त होनी चाहिए. उन्होंने जनता से सवाल किया कि क्या मतदाता सूची में घुसपैठियों के नाम रहने चाहिए? उन्होंने कहा कि देश और देवभूमि उत्तराखंड से एक-एक घुसपैठिए को बाहर निकाला जाएगा. शाह ने आरोप लगाया कि जब भी घुसपैठियों को देश से बाहर करने की बात होती है, राहुल गांधी और कांग्रेस इसका विरोध करने लगते हैं. उन्होंने कहा कि कांग्रेस जो नैरेटिव बनाने की कोशिश कर रही है, उसे देश की जनता स्वीकार नहीं करेगी.
गृह मंत्री ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर का मुद्दा उठाते हुए कहा कि वोटर लिस्ट में केवल योग्य मतदाताओं के नाम होने चाहिए. उन्होंने कांग्रेस पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया. शाह ने कहा कि कांग्रेस आज भी इस राजनीति को छोड़ने के लिए तैयार नहीं है. उन्होंने राम मंदिर के मुद्दे पर भी कांग्रेस को घेरते हुए आरोप लगाया कि पार्टी के नेता लगातार मंदिर निर्माण का विरोध करते रहे हैं.
उन्होंने दावा किया कि पिछले 12 वर्षों में केंद्र की भाजपा सरकार ने देश को भ्रष्टाचार मुक्त शासन देने की दिशा में काम किया है. शाह के मुताबिक, सरकार का प्रयास देश में पारदर्शी व्यवस्था स्थापित करने और विकास को गति देने का रहा है.
उत्तराखंड की आगामी विधानसभा राजनीति का जिक्र करते हुए अमित शाह ने भाजपा की जीत का भरोसा जताया. उन्होंने कहा कि भाजपा कई राज्यों में लगातार तीसरी बार सरकार बनाने में सफल रही है और अब उत्तराखंड की बारी है. उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और जनता से इस बार 65 से अधिक सीटों का लक्ष्य हासिल करने की अपील की.
शाह ने कहा कि भाजपा उत्तराखंड को सुरक्षित, समृद्ध और विकसित राज्य बनाना चाहती है. पार्टी का एक बड़ा लक्ष्य देवभूमि को देश की सांस्कृतिक राजधानी के रूप में स्थापित करना है. उन्होंने कहा कि इन उद्देश्यों को पूरा करने के लिए जनता का समर्थन बेहद जरूरी है. उन्हें विश्वास है कि उत्तराखंड में भाजपा लगातार तीसरी बार सरकार बनाएगी.
अपने भाषण में अमित शाह ने उत्तराखंड की चुनावी राजनीति में उठने वाले मुद्दों का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि चुनाव आते ही विपक्षी दल मुस्लिम यूनिवर्सिटी का मुद्दा उठाएंगे. इसके साथ ही उन्होंने सरकारी जमीन पर हुए कथित अवैध अतिक्रमण को हटाने की भाजपा सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई.
शाह ने कहा कि अवैध मजारों और मदरसों के नाम पर सरकारी जमीन पर किए गए अतिक्रमण को हटाकर जमीन को मुक्त कराया जाएगा. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की पिछली सरकारों ने उत्तराखंड में भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को लंबे समय तक पलायन पर निर्भर रहने दिया.
उन्होंने कहा कि पहले पहाड़ के युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में जाना पड़ता था. पहाड़ का पानी और पहाड़ की जवानी पहाड़ के काम नहीं आ रही थी. भाजपा सरकार ने इस स्थिति को बदलने के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने और आर्थिक गतिविधियों को मजबूत करने की दिशा में काम किया है. शाह ने पर्यटन क्षेत्र में हुई प्रगति को भी सरकार की उपलब्धियों में गिनाया.
उत्तराखंड के गठन की चर्चा करते हुए अमित शाह ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को याद किया. उन्होंने कहा कि 9 नवंबर 2000 को उत्तराखंड को अलग राज्य का दर्जा दिलाकर अटल जी ने वर्षों पुराने सपने को पूरा किया था.
शाह ने कहा कि उत्तराखंड के लोग अलग राज्य की मांग को लेकर लंबे समय तक संघर्ष करते रहे. इस आंदोलन में कई लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी. उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने राज्य गठन का विरोध किया था और आंदोलनकारियों पर अत्याचार हुए थे. रामपुर तिराहा सहित कई स्थानों पर आंदोलन के दौरान हुई घटनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने शहीद राज्य आंदोलनकारियों को श्रद्धांजलि दी.
उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत पर भी निशाना साधा. शाह ने सवाल किया कि उनके कार्यकाल में ऐसा कौन-सा बड़ा काम हुआ, जिसे आज प्रदेश की जनता याद करती है? उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के निर्माण में भाजपा की अहम भूमिका रही है और पार्टी इस राज्य के विकास के लिए लगातार काम कर रही है.
राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर बोलते हुए गृह मंत्री ने कहा कि आज भारत की सीमाएं पहले से अधिक सुरक्षित हैं. उन्होंने दावा किया कि अब दुश्मन देश भारत की तरफ आंख उठाकर देखने की हिम्मत नहीं कर सकते. शाह ने ऑपरेशन सिंदूर और सर्जिकल स्ट्राइक का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत ने जरूरत पड़ने पर दुश्मनों को उनके घर में घुसकर जवाब दिया है.
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है. भाजपा ने राज्य स्थापना दिवस को केवल उत्सव के रूप में नहीं, बल्कि उपलब्धियों को याद करने और भविष्य के लिए नए संकल्प लेने के अवसर के तौर पर मनाने का फैसला किया है.
अमित शाह ने अपने संबोधन में विकसित भारत के लक्ष्य के साथ उत्तराखंड के विकास को जोड़ते हुए कहा कि 2047 तक देश को विकसित बनाने के सफर में देवभूमि उत्तराखंड को भी बड़ी भूमिका निभानी है. उन्होंने संकल्प जताया कि उत्तराखंड देश का पहला विकसित राज्य बनेगा.
इसके अलावा उन्होंने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) का भी जिक्र किया. शाह ने कहा कि उत्तराखंड ने इस दिशा में पहल की है और अब देश के 15 राज्य यूसीसी लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं. उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले समय में भाजपा शासित सभी राज्यों में समान नागरिक संहिता लागू की जाएगी.
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